ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के 1.13 लाख से ज्यादा नागरिक जगहें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं. इनमें घर, स्कूल, दुकानें और राहत केंद्र शामिल हैं. रेड क्रिसेंट ने साफ संख्या बताई है – 90063 घर, 21059 दुकानें और बाजार, 760 शिक्षा केंद्र और 18 रेड क्रिसेंट से जुड़ी सुविधाएं नष्ट या क्षतिग्रस्त हुई हैं. इसके अलावा तीन राहत हेलीकॉप्टर भी हमलों में बर्बाद हो गए. Photo: AP
यह आंकड़ा ईरान के नागरिकों पर हुए नुकसान को दिखाता है. देश की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे गंभीर मुद्दा बनाया जा रहा है. 28 फरवरी 2026 से अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इन हमलों में हजारों लोग मारे गए हैं और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. Photo: AP
रेड क्रिसेंट सोसाइटी, जो दुनिया भर में मानवीय मदद और आपदा राहत का काम करती है. इन आंकड़ों को इकट्ठा करके बताया कि कितना बड़ा नुकसान आम लोगों की जिंदगी पर पड़ा है. घर टूटने से लाखों परिवार बेघर हो गए. स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई रुक गई. दुकानें बर्बाद होने से रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. Photo: AFP
ईरान का कहना है कि ये हमले नागरिक इलाकों पर हो रहे हैं, जिससे आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. ईरान ने इन हमलों का जवाब भी दिया है. तेहरान ने इजरायल पर मिसाइलें और ड्रोन दागे और कई अरब देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए. ईरान का कहना है कि यह उसकी रक्षा का हिस्सा था. Photo: AFP
ईरान के इन जवाबी हमलों में भी कुछ नागरिक जगहों को नुकसान पहुंचा और कुछ लोगों की मौत हुई. जिन देशों पर हमले हुए, उन्होंने इसकी निंदा करते हुए कहा कि ईरान को हमले बंद करने चाहिए. इस तरह दोनों तरफ से हमले और जवाबी हमले चल रहे हैं, जिससे पूरा इलाका तनाव में है. Photo: Reuters
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी एक अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठन है जो युद्ध और आपदाओं में घायलों की मदद करती है. इस बार उसने सिर्फ मदद ही नहीं की बल्कि नुकसान का पूरा ब्योरा भी सार्वजनिक किया. संगठन का कहना है कि तीन राहत हेलीकॉप्टर भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ. Photo: AP
यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि युद्ध में कितने आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं. रेड क्रिसेंट ने आंकड़े देकर दुनिया को बताया कि घरों, स्कूलों और बाजारों का नुकसान कितना बड़ा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर ध्यान दे. Photo: AP
ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल के हमले जानबूझकर नागरिक इलाकों पर हो रहे हैं, जिससे हजारों मौतें हुई हैं. वहीं इजरायल और अमेरिका का पक्ष अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन वे ईरान पर हमले को अपनी सुरक्षा का हिस्सा बता रहे हैं. इस पूरे संघर्ष में दोनों तरफ से नागरिकों को नुकसान पहुंचा है. Photo: AP
ईरान के जवाबी हमलों की वजह से कुछ अरब देशों में भी तनाव बढ़ गया है. दुनिया भर के कई देश इस युद्ध को रोकने की अपील कर रहे हैं क्योंकि इससे पूरा मध्य पूर्व अस्थिर हो सकता है. अभी हालात बहुत तनावपूर्ण हैं. रेड क्रिसेंट जैसे संगठन राहत कार्य चला रहे हैं लेकिन नुकसान इतना बड़ा है कि पूरी बहाली में सालों लग सकते हैं. Photo: Reuters