
माफिया डॉन और पूर्व सांसद अतीक अहमद के परिवार पर पिछले तीन साल से लगातार मौत का साया मंडरा रहा है. पहले उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस कार्रवाई में उसके बेटे असद अहमद की मौत हुई. इसके दो दिन बाद पुलिस हिरासत में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई. अब अतीक के बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत हो गई है. बताया गया कि आबान अपने भाई अली अहमद से मिलने जेल जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया. लगातार हुई इन घटनाओं के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि आखिर अतीक के परिवार में अब कौन-कौन बचा है.
24 फरवरी 2023
प्रयागराज में बसपा विधायक रहे राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड का आरोप अतीक अहमद और उसके गैंग पर लगा. इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने आरोपियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया. इसी कार्रवाई ने अतीक के पूरे आपराधिक नेटवर्क को झकझोर कर रख दिया और अगले कुछ महीनों में कई अहम घटनाएं सामने आईं.
27 फरवरी 2023
उमेश पाल हत्याकांड के महज तीन दिन बाद प्रयागराज पुलिस ने आरोपी अरबाज़ को नेहरू पार्क के पास घेर लिया. पुलिस का दावा था कि उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में वह मारा गया. जांच एजेंसियों के मुताबिक, उमेश पाल हत्याकांड में इस्तेमाल की गई क्रेटा कार वही चला रहा था. इस एनकाउंटर के बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश और तेज कर दी. अरबाज़ अतीक के परिवार का बहुत करीबी था.
6 मार्च 2023
उमेश पाल हत्याकांड का एक और आरोपी विजय चौधरी उर्फ उस्मान भी 6 मार्च 2023 को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. पुलिस का दावा था कि उसी ने उमेश पाल पर पहली गोली चलाई थी. उस पर भी इनाम घोषित था. इस कार्रवाई के बाद पुलिस का फोकस सीधे अतीक अहमद के परिवार और उसके करीबी शूटरों पर आ गया.

13 अप्रैल 2023
करीब 50 दिनों तक फरार रहने के बाद अतीक अहमद के तीसरे बेटे असद अहमद और उसके साथी गुलाम को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने झांसी में घेर लिया. पुलिस के मुताबिक दोनों ने टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों मारे गए. असद पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था और उसे उमेश पाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी माना गया था. मौके से विदेशी पिस्टल, कारतूस और मोटरसाइकिल भी बरामद की गई थी.
एसटीएफ की इसी कार्रवाई में असद का करीबी साथी गुलाम भी मारा गया. पुलिस के अनुसार वह भी उमेश पाल हत्याकांड का प्रमुख आरोपी था और लंबे समय से फरार चल रहा था. उस पर भी पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. असद और गुलाम के एनकाउंटर ने पूरे मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया था.
15 अप्रैल 2023
असद के एनकाउंटर के दो दिन बाद 15 अप्रैल 2023 की रात प्रयागराज में सबसे सनसनीखेज वारदात हुई. पुलिस अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद को मेडिकल जांच के लिए कॉल्विन अस्पताल ले जा रही थी. दोनों हथकड़ी में थे और मीडिया के कैमरे लाइव कवरेज कर रहे थे. तभी पत्रकार बनकर भीड़ में घुसे तीन हमलावरों ने बेहद करीब से दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. कुछ ही सेकेंड में अतीक और अशरफ की मौके पर मौत हो गई. पूरी घटना कैमरों में कैद हुई और देशभर में सुर्खियां बनी.
अतीक और अशरफ की हत्या के तुरंत बाद पुलिस ने तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया. उनकी पहचान लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी सिंह के रूप में हुई. पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहे थे. इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन भी किया था.
सड़क हादसे में आबान की मौत
अतीक अहमद के परिवार पर मौत का सिलसिला यहीं नहीं रुका. अब उसके बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत हो गई. बताया गया कि हादसे के समय वह जेल में बंद अपने भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था. साल 2023 में आबान और उसका भाई एहजम, दोनों नाबालिग थे. अतीक और शाइस्ता के खिलाफ कार्रवाई के बाद उन्हें बाल संरक्षण गृह में रखा गया था. बाद में अक्टूबर 2023 में दोनों रिहा हुए और परिजनों के साथ रहने लगे थे.
अतीक के परिवार में अब कौन-कौन बचा?
अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन अब भी उमेश पाल हत्याकांड में वांछित मानी जाती हैं और लंबे समय से फरार हैं. अतीक का बड़ा बेटा उमर अहमद लखनऊ जेल में न्यायिक हिरासत में है, जबकि अली अहमद नैनी सेंट्रल जेल में बंद है. तीसरे बेटे असद अहमद की अप्रैल 2023 में एनकाउंटर में मौत हो चुकी है. चौथे बेटे आबान की अब सड़क हादसे में जान चली गई है. सबसे छोटे बेटे एहजम के बारे में जानकारी है कि वह अक्टूबर 2023 में बाल संरक्षण गृह से रिहा होने के बाद अपनी बुआ के साथ रह रहा है.
टूटता गया अतीक अहमद का कुनबा
पिछले तीन वर्षों की घटनाओं पर नजर डालें तो साफ है कि अतीक अहमद का परिवार लगातार बड़े झटकों से गुजरता रहा है. पहले पुलिस कार्रवाई में बेटे की मौत, फिर पुलिस हिरासत में खुद अतीक और उसके भाई की हत्या, और अब सड़क हादसे में बेटे आबान की मौत ने इस परिवार को लगभग पूरी तरह बिखेर दिया है. फिलहाल परिवार के कुछ सदस्य जेल में हैं, एक सदस्य फरार है और कुछ पर अलग-अलग मामलों की कानूनी कार्रवाई अब भी जारी है.