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पंजाब: 22 दिन बाद खत्म हुआ गतिरोध, परविंदर सिंह झोटा का PGI चंडीगढ़ में होगा पोस्टमार्टम, परिवार को 2 करोड़ मुआवजा

पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा का PGI चंडीगढ़ में पोस्टमार्टम होगा. इस फैसले के बाद 22 दिन का आंदोलन खत्म हो गया. सरकार ने परिवार को 2 करोड़ मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया है. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में 22 दिन बाद सहमति बन पाई है (फोटो-ITG)
इस मामले में 22 दिन बाद सहमति बन पाई है (फोटो-ITG)

पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पिछले 22 दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है. झोटा का पोस्टमार्टम शुक्रवार को चंडीगढ़ में मौजूद PGIMER (पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) में कराया जाएगा. परिवार की सहमति के बाद उनका शव गुरुवार देर रात मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी से एंबुलेंस के जरिए PGI चंडीगढ़ भेजा गया. 

सूत्रों के मुताबिक, शव को चंडीगढ़ ले जाते समय झोटा के पिता भीम सिंह भी मौजूद थे. पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को ही मानसा में उनका अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना है. इस मामले में झोटा के परिवार और उनके लिए न्याय की मांग कर रही जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) ने पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद आंदोलन खत्म करने का फैसला किया. 

बुधवार को करीब पांच घंटे तक चली बैठक में परिवार, कमेटी के सदस्यों और सरकार के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इस बैठक में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां भी मौजूद थे. करीब तीन सप्ताह से जारी गतिरोध के बाद इसी बातचीत में समाधान का रास्ता निकला.

बैठक के दौरान पंजाब सरकार ने परविंदर सिंह झोटा के परिवार को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने पर सहमति जताई. इसके अलावा उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया. सरकार ने आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों को रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का भरोसा दिया. जॉइंट एक्शन कमेटी की प्रमुख मांगों में गिरफ्तार किए गए अपने दो सदस्यों की रिहाई भी शामिल थी. 

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सरकार की ओर से सहमति मिलने के बाद इस मामले में जारी विरोध प्रदर्शन खत्म करने का रास्ता साफ हुआ. झोटा को न्याय दिलाने के लिए बनाई गई जॉइंट एक्शन कमेटी ने अपने दो गिरफ्तार सदस्यों की रिहाई की मांग उठाई थी. इनमें लखवीर सिंह उर्फ लखा सिधाना और मोहांजीत सिंह शेरों शामिल थे. दोनों को गुरुवार शाम नाभा जिला जेल से रिहा कर दिया गया. इनकी रिहाई के बाद परिवार की ओर से पोस्टमार्टम कराने पर सहमति बनी. 

गौरतलब है कि झोटा का शव 13 अक्टूबर को हत्या के बाद से ही मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ था. परिवार और प्रदर्शनकारी इस मामले में पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार को लेकर अपनी मांगों पर अड़े हुए थे.

आपको बता दें कि परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को पंजाब के मानसा शहर में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वारदात एक व्यस्त बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर के बाहर हुई थी. बताया गया कि झोटा उस समय फेसबुक लाइव कर रहे थे. इसी दौरान उनकी एक मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार से बहस हुई थी. आरोप है कि झोटा ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशे की दवाइयां बेचने पर मेडिकल स्टोर संचालक से सवाल किया था. इसी बात को लेकर विवाद हुआ था और अश्वनी कुमार ने उन पर गोली चला दी थी.

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सालासर से पकड़ा गया था आरोपी

इस हत्याकांड में मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार को आरोपी बनाया गया. घटना के बाद पुलिस ने उसे राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया था. झोटा की हत्या के बाद पंजाब में नशे के कारोबार और उसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे. इस मामले में परिवार ने जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की थी. इसके बाद पंजाब सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी थी.

झोटा हत्याकांड के बाद पंजाब सरकार ने पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की. सरकार ने इस मामले में एक थाना प्रभारी (SHO), एक पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और एक ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया था. वहीं, जॉइंट एक्शन कमेटी ने मामले में जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी उठाई थी. यह कमेटी झोटा की हत्या के बाद विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को मिलाकर बनाई गई थी.

परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला पंजाब में राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बन गया था. परिवार से मुलाकात करने वाले नेताओं में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता सचिन पायलट, पंजाब कांग्रेस प्रमुख परगट सिंह, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और पंजाब बीजेपी प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों शामिल थे. पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में इस हत्याकांड और नशे के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई.

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पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मंगलवार शाम झोटा के परिवार से मुलाकात की थी. वह आम आदमी पार्टी (AAP) के पहले नेता थे, जिन्होंने परिवार के पास पहुंचकर संवेदना जताई थी. इसके बाद बुधवार को सरकार और परिवार के बीच हुई लंबी बैठक में मुआवजे, नौकरी, गिरफ्तार सदस्यों की रिहाई और दर्ज मामलों को वापस लेने जैसे मुद्दों पर सहमति बनी. अब पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को मानसा में परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार किए जाने की उम्मीद है.

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