IIT बॉम्बे में 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले की जांच अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी. शनिवार देर रात पुलिस ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी. क्राइम ब्रांच के ACP रैंक के अधिकारी इस पूरे मामले की जांच करेंगे. साहिल शुक्रवार को IIT बॉम्बे कैंपस स्थित हॉस्टल के अपने कमरे में मृत पाए गए थे.
साहिल के माता-पिता ने शनिवार को पवई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में FIR दर्ज की गई. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. परिवार की शिकायत में साहिल को कथित तौर पर जातिसूचक गालियां और उत्पीड़न किए जाने का भी आरोप लगाया गया. इसके बाद पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी SC/ST Act की धाराएं भी लगाईं.
FIR में IIT बॉम्बे के एक वरिष्ठ प्रोफेसर के साथ कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिवार की शिकायत में प्रोफेसर पर साहिल के साथ कथित जातिसूचक व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं. हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. IIT बॉम्बे ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि पुलिस की जांच में संस्थान पूरा सहयोग करेगा.
यह मामला उस समय सामने आया जब साहिल शुक्रवार को एक परीक्षा में मोबाइल फोन के साथ कथित तौर पर पकड़े गए थे. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र को AI प्लेटफॉर्म ChatGPT पर भेजकर जवाब लेने की बात भी सामने आई थी. IIT बॉम्बे की ओर से कहा गया है कि छात्र के खिलाफ उस समय कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी और उन्हें शिक्षकों ने काउंसलिंग दी थी. इसके कुछ घंटों बाद साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए.
साहिल के माता-पिता रविंद्र और सोनाली ने अपने बेटे की मौत के बाद इंसाफ की मांग की. रविंद्र एक मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी में पदाधिकारी हैं, जबकि उनकी पत्नी सोनाली सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं. दोनों ने शनिवार को राजावाड़ी अस्पताल के पोस्टमार्टम सेंटर से करीब सात घंटे तक बेटे का शव लेने से इनकार कर दिया. रविंद्र ने कहा कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.
स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ IPS अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिवार से शव लेने की अपील की. अधिकारियों ने परिवार को उनकी शिकायत पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया. शनिवार रात करीब 9 बजे, मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद परिवार ने साहिल का शव ले लिया. साहिल अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे. परिवार की मांग है कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
पुलिस के मुताबिक, यह IIT बॉम्बे कैंपस में इस साल आत्महत्या का तीसरा मामला बताया जा रहा है. इस घटना के बाद कैंपस में छात्रों की ओर से भी विरोध और जवाबदेही की मांग सामने आई है. दूसरी ओर, IIT बॉम्बे ने कहा है कि मामला पुलिस जांच के अधीन है और संस्थान अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेगा. संस्थान ने लोगों से जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने और परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील की है.