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पाकिस्तान में बने कॉस्मेटिक्स पर कसा हैदराबाद पुलिस का शिकंजा, ₹7 लाख का माल जब्त, 5 लोग गिरफ्तार

हैदराबाद में टास्क फोर्स और CDSCO ने छापेमारी कर पाकिस्तान में बने करीब ₹7 लाख के कथित अनधिकृत कॉस्मेटिक्स जब्त किए. मामले में 5 लोगों को पकड़ा गया है. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस और STF की जांच जारी है (फोटो-ITG)
इस मामले में पुलिस और STF की जांच जारी है (फोटो-ITG)

हैदराबाद में पाकिस्तान में बने कॉस्मेटिक्स की बिक्री का मामला सामने आया है. हैदराबाद कमिश्नर की टास्क फोर्स के राजेंद्रनगर जोन ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के अधिकारियों के साथ मिलकर कई दुकानों पर छापेमारी की. इस कार्रवाई में करीब 7 लाख रुपये कीमत के कथित अनधिकृत कॉस्मेटिक उत्पाद जब्त किए गए. पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को पकड़ा है और अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है.

यह कार्रवाई 30 सितंबर को मिली सूचना के आधार पर की गई थी. पुलिस को जानकारी मिली थी कि शहर में पाकिस्तान में निर्मित कुछ कॉस्मेटिक उत्पाद बिना जरूरी भारतीय रजिस्ट्रेशन या अनुमति के बेचे और वितरित किए जा रहे हैं. इसके बाद टास्क फोर्स और CDSCO की टीम ने नांपल्ली और संतोष नगर इलाके में कई दुकानों की जांच की. अधिकारियों ने दुकानों से मिले कॉस्मेटिक उत्पादों को कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू की.

पुलिस के मुताबिक, नांपल्ली के हबीब नगर इलाके में ब्यूटी लेडीज़ एम्पोरियम, ब्यूटी क्वीन शॉप और एसजे मेडिकल शॉप की जांच की गई. CDSCO के ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. श्रीधर मित्तपल्ली और अंजन गौड़ पेंडेम ने जब्त किए गए उत्पादों की जांच की. जांच में कई तरह की गोरा करने वाली क्रीम और साबुन मिले. इनमें गोरी, चांदनी, फैज़, नविया, पार्ली गोल्डी, अनीज़ा, नूर गोल्ड, आरज़ू, सैंडल, फेस फ्रेश, फाखरा गोल्ड, गोल्डन पर्ल और सदफ़ समेत कई ब्रांड शामिल बताए गए हैं.

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CDSCO अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि इनमें से कुछ उत्पाद उन कॉस्मेटिक्स में शामिल हैं, जिन्हें CDSCO/DCGI की 8 सितंबर 2026 की सार्वजनिक सूचना में अनधिकृत या प्रतिबंधित उत्पादों के तौर पर चिन्हित किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, इन उत्पादों को भारत में आयात करने के लिए जरूरी पंजीयन प्रमाणपत्र भी नहीं दिया गया था. यानी इन उत्पादों के भारत में आयात और बिक्री से जुड़े नियमों की जांच अब पुलिस और संबंधित विभाग कर रहे हैं.

अधिकारियों ने इन कॉस्मेटिक उत्पादों से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर भी चिंता जताई है. पुलिस के अनुसार, पहले कुछ ऐसे कॉस्मेटिक उत्पादों में निर्धारित सीमा से ज्यादा हैवी मेटल्स पाए जाने की बात सामने आ चुकी है. ऐसे पदार्थ तय सीमा से अधिक होने पर स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं. हालांकि, जब्त किए गए मौजूदा उत्पादों में किसी विशेष पदार्थ की मात्रा कितनी है, इसे लेकर आगे की जांच और परीक्षण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी.

जांच में मुंबई कनेक्शन भी सामने आया है. पुलिस के प्रारंभिक जांच के मुताबिक, कुछ उत्पाद मुंबई स्थित एक डीलर या सप्लायर के जरिए मंगाए जा रहे थे. अब जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन उत्पादों की वास्तविक सप्लाई कहां से हुई और वे भारत में किस रास्ते से पहुंचे. पुलिस कथित सप्लायर की भूमिका के साथ-साथ उत्पादों के खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है.

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पुलिस का आरोप है कि दुकानदारों के पास पाकिस्तान मूल के इन कॉस्मेटिक उत्पादों की खरीद से संबंधित जरूरी बिल, इनवॉयस और दूसरे दस्तावेज मौजूद नहीं थे. जांच के दौरान यह भी पता चला कि कुछ अतिरिक्त स्टॉक एक गोदाम में रखा गया था. हालांकि, उस गोदाम की सही जगह और वहां रखे गए सामान की कुल मात्रा को अभी सत्यापित किया जा रहा है. पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इसी नेटवर्क के जरिए और कितने उत्पाद बाजार में पहुंचाए गए.

जांच का दायरा संतोष नगर तक भी पहुंच गया है. पुलिस के मुताबिक, वहां मदीना कॉस्मेटिक नाम की दुकान से भी इसी तरह के उत्पाद बेचे जा रहे थे. यह दुकान कथित तौर पर सैयद इस्माइल द्वारा संचालित की जाती है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसके पास ये कॉस्मेटिक उत्पाद कहां से पहुंचे और उसके खरीद तथा वितरण नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं.

इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों के नाम सामने रखे हैं. इनमें मोहम्मद फजल, मोहम्मद अयान, मोहम्मद रियाजुद्दीन, सैयद आबिद अली और सैयद इस्माइल शामिल हैं. जांच एजेंसियां रियाजुद्दीन और कथित वितरण श्रृंखला से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सप्लायर से दुकानों तक उत्पाद पहुंचाने में किन-किन लोगों ने भूमिका निभाई.

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पुलिस ने इस मामले में अपराध संख्या- 245/2026 दर्ज किया है. केस भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 123 और 318(4) तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 18-C और 27-A के तहत दर्ज किया गया है. अब जांच अधिकारी कथित मुंबई सप्लायर तक पहुंचने के साथ-साथ आयात और परिवहन रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं. इसके अलावा खरीद के इनवॉइस, बैंक ट्रांज़ैक्शन और दूसरे ठिकानों पर रखे स्टॉक की भी पड़ताल की जा रही है.

हैदराबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना अनुमति या अनधिकृत कॉस्मेटिक उत्पाद खरीदने और इस्तेमाल करने से बचें. पुलिस ने कारोबारियों को भी ऐसे उत्पादों की बिक्री, वितरण या विज्ञापन नहीं करने की चेतावनी दी है. पुलिस के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को ऐसे उत्पादों की अवैध बिक्री या परिवहन की जानकारी मिलती है तो वह Dial-112 या हैदराबाद सिटी पुलिस की हेल्पलाइन के जरिए सूचना दे सकता है. मामले की जांच जारी है और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा उत्पादों के स्रोत का पता लगाया जा रहा है.

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