गुजरात के वलसाड जिले में चोरी की कोशिश के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. वहां ज्वेलरी शॉप में चोरी करने पहुंचे दो चोरों ने खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. दरअसल, वारदात के दौरान स्थानीय लोगों को चोरी की भनक लग गई और उन्होंने दुकान का शटर बाहर से बंद कर दिया. दोनों चोर दुकान के अंदर फंस गए. आरोपियों को डर था कि अगर भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया तो उनकी जमकर पिटाई हो सकती है.
पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के रहने वाले 32 वर्षीय दिनेश सोनकर और 27 वर्षीय विपिन पाठक ने संजान में मौजूद बी.आर. ज्वेलरी को निशाना बनाया. दिनेश सोनकर मुंबई के बोइसर में रहता था, जबकि उसका साथी विपिन नालासोपारा में रह रहा था. दोनों पिछले कुछ वर्षों से मुंबई में रह रहे थे और कथित तौर पर चोरी की योजना बनाकर संजान पहुंचे थे.
पुलिस के अनुसार, यह घटना वलसाड के उमरगाम तालुका के तटीय कस्बे संजान में गुरुवार तड़के करीब 3 बजे हुई. दोनों आरोपियों ने रात के अंधेरे में दुकान के शटर का ताला काटा और अंदर दाखिल हो गए. इसके बाद वे दुकान में रखे गहने, दूसरी कीमती चीजें और नकदी बैग में भरने लगे. इसी दौरान उनके सामान इधर-उधर करने की आवाज से आसपास रहने वाले लोगों की नींद खुल गई.
ठीक उसी वक्त इलाके में बिजली भी चली गई थी, जिसके कारण कई स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और दुकान के आसपास हलचल बढ़ गई. दुकान के सामने रहने वाले उसके मालिक मनीष शर्मा के एक दोस्त ने भी आवाज सुनी और लोगों को अलर्ट कर दिया. देखते ही देखते कई लोग ज्वेलरी शॉप के बाहर जमा हो गए. स्थानीय लोगों ने जब दुकान के अंदर हलचल देखी तो उन्होंने शटर नीचे कर दिया, जिससे दोनों चोर दुकान के भीतर ही फंस गए.
कुछ ही देर में दुकान मालिक मनीष शर्मा भी मौके पर पहुंच गए और बाहर लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई. इसके बाद अंदर फंसे आरोपियों को जब बाहर मौजूद लोगों की संख्या का अंदाजा हुआ तो वे घबरा गए. उन्हें डर था कि दुकान से बाहर निकलते ही भीड़ उनकी पिटाई कर सकती है. इसी डर के बीच दिनेश सोनकर ने खुद इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन कर दिया.
आरोपी ने खुद पुलिस को बताया कि वे एक ज्वेलरी शॉप के अंदर फंस गए हैं और बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं. यानी जिस पुलिस से बचकर चोरी करने आए थे, उसी पुलिस को आरोपियों ने अपनी सुरक्षा के लिए बुला लिया. पुलिस ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम को दिनेश सोनकर की तरफ से फोन आया था. आरोपी ने बताया कि वे ज्वेलरी शॉप के अंदर फंस गए हैं और लोगों ने उन्हें घेर रखा है.
सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई. इसी दौरान रास्ते में पुलिस को स्थानीय लोगों की तरफ से भी फोन मिला कि ज्वेलरी शॉप में चोर फंसे हुए हैं. इस तरह पुलिस के पास एक ही घटना को लेकर दो अलग-अलग कॉल पहुंचीं. एक आरोपियों की तरफ से और दूसरी स्थानीय लोगों की तरफ से. पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने और बाहर से आवाज लगाने के बाद दोनों आरोपियों ने शटर खोल दिया.
इसके बाद उन्होंने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है कि अगर स्थानीय लोगों को चोरी की भनक नहीं लगती तो आरोपी दुकान से गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो सकते थे. लेकिन बिजली कटने और शोर की वजह से आसपास के लोगों की नींद खुल गई और चोरों की साजिश नाकाम हो गई.
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और पिछले कई सालों से मुंबई में रह रहे थे. दुकान मालिक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर ली है. दिनेश सोनकर और विपिन पाठक के खिलाफ BNS की धारा 331(4), 305(a) और 54 के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि चोरी की इस वारदात की योजना कैसे बनाई गई थी और क्या दोनों का पहले भी किसी आपराधिक मामले से संबंध रहा है.