दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और गुजरात की वडोदरा सिटी क्राइम ब्रांच ने मिलकर एक बड़े नार्को-एक्सटॉर्शन मॉड्यूल का खुलासा किया है. इस कार्रवाई में गैंगस्टर रोहित गोदारा के करीबी सहयोगी महेंद्र डालाना के नेटवर्क से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
आरोपी की पहचान 31 वर्षीय कुलदीप स्वामी के तौर पर हुई है, जो राजस्थान के चूरू जिले का रहने वाला है. पुलिस ने उसके कब्जे और उसकी निशानदेही पर करीब 12 करोड़ रुपये कीमत की 2 किलो पाकिस्तानी हेरोइन बरामद की है.
पुलिस के मुताबिक कुलदीप स्वामी को 12 सितंबर 2026 की शाम करीब 5:30 बजे दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में कूचा घासी राम, बीकानेर स्वीट्स के पास से पकड़ा गया. उसके पास से एक कागज बरामद हुआ, जिस पर पहचान के लिए टेलीग्राम पर भेजे गए एक नोट की फोटो थी. इसके अलावा पुलिस ने डिजायर कार की चाबी भी बरामद की. पूछताछ में पता चला कि यह कार दिल्ली के नजफगढ़ स्थित जय विहार इलाके में खड़ी है.
इसके बाद पुलिस टीम ने जय विहार फेज-1 में छापेमारी की और डिजायर कार की तलाशी ली. कार की डिक्की में स्पेयर टायर के पास एक गुप्त जगह बनाई गई थी. इसी सीक्रेट कंपार्टमेंट से 2 किलो हेरोइन बरामद हुई, जिसे चार पैकेट में रखा गया था. पुलिस ने इस मामले में स्पेशल सेल थाने में FIR नंबर 212/2026 दर्ज किया है. आरोपी के खिलाफ NDPS Act की धारा 21/25 के तहत केस दर्ज किया गया है.
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जिस नेटवर्क से जुड़ा था, वह कथित तौर पर दो तरह की आपराधिक गतिविधियां चला रहा था. एक तरफ दिल्ली-NCR और राजस्थान में रंगदारी वसूली का काम किया जाता था, जबकि दूसरी तरफ ड्रग्स की तस्करी का नेटवर्क चलाया जा रहा था. पुलिस के मुताबिक नेटवर्क में लोगों की पहचान पक्की करने के लिए इंस्टाग्राम और टेलीग्राम का इस्तेमाल किया जाता था. कोड वर्ड, लाइव लोकेशन और नोट की तस्वीर भेजकर पहचान और निर्देशों की पुष्टि की जाती थी.
पुलिस के अनुसार कुलदीप स्वामी दिल्ली-NCR और राजस्थान में रंगदारी से जुड़े काम करता था. वह कथित तौर पर अलग-अलग लोगों से 5 लाख से 50 लाख रुपये तक की रंगदारी वसूलने के लिए भेजा जाता था. हर काम के बदले उसे करीब 15 से 20 हजार रुपये मिलते थे. आरोपी गुजरात के वडोदरा में दर्ज एक हाई-प्रोफाइल 10 करोड़ रुपये की रंगदारी के मामले में भी वांछित था. वडोदरा क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के बाद दिल्ली स्पेशल सेल ने इस पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई शुरू की.
जांच के दौरान कुलदीप ने पुलिस को बताया कि 5 सितंबर 2026 को महेंद्र डालाना के निर्देश पर वह अमृतसर गया था. अगले दिन उसने दो अज्ञात लोगों से 2 किलो हेरोइन ली और उसे लेकर दिल्ली आया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अमृतसर में उसे ड्रग्स किसने दी थी और इस खेप को आगे किसे पहुंचाया जाना था. इसके साथ ही पुलिस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और ड्रग्स की सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है.
कुलदीप स्वामी राजस्थान के चूरू जिले के सरदारशहर इलाके के कल्याणपुरा बिदावतान गांव का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक वह पहले कृषि मंडी में कारोबार करता था, लेकिन साल 2022 में उसके कारोबार में 50 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ. कर्ज चुकाने के लिए उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए महेंद्र डालाना से संपर्क किया. इसके बाद वह कथित तौर पर इस आपराधिक नेटवर्क में शामिल हो गया.
पुलिस के मुताबिक महेंद्र डालाना गैंगस्टर रोहित गोदारा का सहयोगी है और विदेश में बैठे रोहित गोदारा के निर्देश पर काम करता है. महेंद्र के खिलाफ तीन राज्यों में पांच से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार रोहित गोदारा पर उत्तर भारत में रंगदारी के लिए हत्या और फायरिंग जैसी वारदातों से जुड़े आरोप हैं. जांच एजेंसियां अब महेंद्र डालाना और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं.
पुलिस के अनुसार रोहित गोदारा पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था, लेकिन बाद में उसने गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर अलग नेटवर्क तैयार किया. दोनों के विदेश में बैठकर गैंग को संचालित करने का आरोप है. फिलहाल कुलदीप स्वामी पुलिस की हिरासत में है. स्पेशल सेल की टीम उसके दूसरे साथियों, ड्रग्स की सप्लाई लाइन और हवाला के जरिए होने वाले पैसों के लेन-देन के रास्ते की जांच कर रही है.