बिहार के गोपालगंज में सोमवार को शराबी युवक को गिरफ्तार करने पहुंचे ASI चंद्रमा राम पर लोगों ने शराब के नशे में धुत होने का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध किया. मामला कुछ ही देर में तूल पकड़ने लगा. इसके बाद स्थानीय लोग थाना परिसर में घुस कर हंगामा करने लगे. एएसआई चंद्रमा राम को गिरफ्तार कर लिया गया.
नगर पंचायत क्षेत्र की दुकानों को बंद कर व्यवसायी भी इस हंगामे में शामिल हो गए. पुलिस अधीक्षक आनन्द कुमार ने हथुआ एसडीपीओ नरेश कुमार को जांच करने का आदेश दिया. मौके पर पहुंचे एसडीपीओ ने नशे में धुत रहे एएसआई चंद्रमा राम के विरुद्ध एफआईआर कर गिरफ्तार करने का आदेश दिया, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हो गई.
क्या है पूरा मामला
सोमवार की शाम कटेया नगर के पकहा मोड़ स्थित एक दवा दुकान पर शराब के नशे में धुत होकर एक युवक दवा खरीदने के लिए गया हुआ था. इसी बीच दवा दुकानदार और उस युवक के बीच किसी बात को लेकर बहस होने लगी. फिर दवा दुकानदार द्वारा नगर पार्षद संतोष प्रसाद को फोन कर बुलाया गया.
अभी यह चल ही रहा था कि कटेया थाने में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक चंद्रमा राम उसी रास्ते से लौट रहे थे. भीड़ देखकर वे गाड़ी से उतरे और शराबी युवक को पकड़ने लगे. इस दौरान एएसआई चंद्रमा राम खुद शराब के नशे में धुत थे. इसको लेकर पुलिस और नगर के लोगों में बहस होने लगी. फिर वह शराबी को पकड़ने के लिए घर पहुंच गए. जहां वह महिलाओं से भिड़ने लगा, जिसका वीडियो आरजेडी ने ट्वीट भी किया है. इस दौरान काफी हंगामा हुआ.
नीतीश ने बिल्ली को दूध की रखवाली का जिम्मा दिया है!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia)
शराब पीकर शराब पकड़ने निकलती है नीतीश कुमार की पुलिस! महिलाओं से बदतमीजी करती है सो अलग!
अब नीतीश कुमार कहेंगे कि-"अरे पुरूष पुलिसवाले ने महिला की तलाशी ले ली तो क्या बड़ी बात हो गई? थोड़ी बदतमीजी हो गई तो भूचाल क्यों आ गया?
इसके बाद एएसआई वहां से सीधे थाना पहुंचे और इसकी सूचना कटेया थानाध्यक्ष सुमन कुमार मिश्र को दी. थानाध्यक्ष सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे तो नगर वासियों द्वारा उनका विरोध किया गया. इसके बाद नगर पार्षद के नेतृत्व में नगर के लोग गोलबंद होने लगे. फिर पुलिस ने देर रात नगर पार्षद संतोष कुमार सहित चार लोगों को हिरासत में ले लिया.
इसके बाद मंगलवार को लगभग पांच घंटों तक नगर की सभी दुकानें बंद कर जमकर प्रदर्शन किया गया. जनप्रतिनिधियों के प्रयास से दोनों पक्षों से वार्ता कर मामला शांत कराया गया और नगर पार्षद संतोष कुमार सहित सभी लोगो को पुलिस द्वारा छोड़ा गया और आरोपी एएसआई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.