
लखनऊ की चर्चित शिवा मर्डर केस में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी होने के बाद सबसे ज्यादा जिस नाम की चर्चा हो रही है, वो है श्रद्धा का बॉयफ्रेंड आमिर. जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया है. इल्जाम है कि 9 अक्टूबर की रात जब श्रद्धा दुबे फरार हुई थी, तब आमिर उसके साथ था. आमिर ही वो शख्स था, जो फरारी के दौरान लगातार श्रद्धा की मदद कर रहा था. आमिर के पकड़े जाने के बाद अब ये सवाल उठ रहा है कि जब श्रद्धा आमिर के साथ रिलेशनशिप में थी, तो शिवा से उसका क्या नाता था?
आरोप है कि आमिर ने श्रद्धा को नेपाल बॉर्डर तक पहुंचाने के साथ उसे मोबाइल फोन और फर्जी पहचान पत्र पर लिया गया सिम कार्ड भी उपलब्ध कराया था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शिवा की मौत से पहले और बाद में क्या-क्या हुआ, श्रद्धा फरार होने के बाद कहां-कहां गई और उसे छिपने में किन लोगों ने मदद की. नागपुर से श्रद्धा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की नजर अब आमिर और उसके कनेक्शन पर भी है.
जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक, श्रद्धा दुबे 9 अक्टूबर की रात लखनऊ से फरार हुई थी. आरोप है कि इस दौरान आमिर उसके साथ था और उसने श्रद्धा को नेपाल बॉर्डर तक पहुंचाने में मदद की. पुलिस के मुताबिक, आमिर ने श्रद्धा को एक मोबाइल फोन भी दिया था. इसके साथ ही फर्जी पहचान पत्र पर लिए गए सिम कार्ड की व्यवस्था करने का आरोप भी उसी पर है.
जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस फोन और सिम कार्ड का इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क करने के लिए किया गया था और क्या इनके जरिए पुलिस की निगरानी से बचने की कोशिश की गई. हालांकि, इन सभी पहलुओं की पुष्टि जांच और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण के बाद ही हो सकेगी. श्रद्धा दुबे की फरारी में आमिर की कथित भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उसके संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल कर रही है.

जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि श्रद्धा के लखनऊ से निकलने के बाद उसके सफर की योजना किसने बनाई और अलग-अलग शहरों में ठहरने की व्यवस्था किसने की. क्या इसके पीछे भी आमिर था? पुलिस यह भी जानना चाहती है कि नेपाल बॉर्डर तक पहुंचाने के बाद आमिर की श्रद्धा से बातचीत हुई थी या नहीं. मोबाइल फोन, सिम कार्ड और दूसरे डिजिटल सुरागों से इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.
जांचकर्ताओं के सामने यह भी साफ करना जरूरी है कि आमिर को शिवा शर्मा की मौत से जुड़े घटनाक्रम के बारे में क्या जानकारी थी और उसकी भूमिका कहां तक थी. श्रद्धा की तलाश के दौरान पुलिस ने उसकी आवाजाही से जुड़े कई सुरागों को जोड़ा. जांच से जुड़े इनपुट के अनुसार, संदिग्ध यूपी नंबर की एक किराए की गाड़ी से नागपुर पहुंचे थे. वहां गणेशपेठ इलाके में जाने के बाद उन्होंने चिंचभुवन पहुंचने के लिए ई-रिक्शा का इस्तेमाल किया था.
ई-रिक्शा की आवाजाही का पता चलने पर पुलिस ने रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. बताया जा रहा है कि संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए करीब 200 कैमरों की फुटेज देखी गई. अलग-अलग जगहों की तस्वीरों को जोड़ते हुए पुलिस नागपुर के चिंचभुवन इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट तक पहुंची.
पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सुरागों की मदद से संदिग्धों की लोकेशन का पता लगाया गया. इसके बाद पुलिस टीम चिंचभुवन के अपार्टमेंट में पहुंची, जहां 11वीं मंजिल पर स्थित एक किराए के फ्लैट से श्रद्धा दुबे और उसके साथ मौजूद लोगों को पकड़ा गया. अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाने की तैयारी है, ताकि उससे विस्तार से पूछताछ की जा सके. पुलिस उसके साथ मौजूद लोगों की भूमिका, ठिकानों की व्यवस्था और फरारी के दौरान बनाए गए संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है. आमिर की कथित भूमिका को समझने के लिए भी इन कड़ियों को अहम माना जा रहा है.

श्रद्धा दुबे की फरारी का रूट
जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक, श्रद्धा की आवाजाही नेपाल, आगरा, लखनऊ और कानपुर के बीच होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि वह किस तारीख को किस शहर में पहुंची और वहां कितने समय तक रही. इनपुट के अनुसार, फरारी के दौरान छोटे वाहनों और टैक्सी का इस्तेमाल किया गया था. आरोप है कि श्रद्धा टैक्सी चालक के मोबाइल फोन से कॉल करती थी और बातचीत पूरी होने के बाद फोन वापस कर देती थी. जांचकर्ताओं को शक है कि ऐसा करने से उसके अपने मोबाइल और संपर्कों से जुड़े सुराग कम हो सकते थे.
नागपुर पहुंचने से पहले श्रद्धा के आगरा जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है. बताया जा रहा है कि वह अपनी बहन रश्मि के साथ आगरा पहुंची थी. इस दौरान उसके बुर्का पहनकर यात्रा करने का दावा किया गया है, हालांकि पहचान छिपाने के मकसद की पुष्टि होना बाकी है. आगरा के ताज नगरी फेज-1 स्थित होटल ओम पैलेस में उसके करीब 24 घंटे रुकने की जानकारी सामने आई है. होटल में श्रद्धा और उसके साथ मौजूद एक व्यक्ति की मौजूदगी से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सामने आने की बात भी कही गई है.
श्रद्धा की फरारी के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़े इनपुट भी पुलिस की जांच का हिस्सा हैं. बताया जा रहा है कि नागपुर के फ्लैट में मोबाइल फोन चलाने की कोशिश के दौरान मिली जानकारी एसटीएफ तक पहुंची थी. हालांकि, इनपुट मिलने से पहले ही सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस टीम संदिग्धों तक पहुंच चुकी थी. अब जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि श्रद्धा ने किन मोबाइल फोन और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया और उनसे किन लोगों से संपर्क किया गया. पुलिस यह भी जांच रही है कि आमिर की ओर से कथित तौर पर उपलब्ध कराया गया फोन और सिम कार्ड इस पूरे घटनाक्रम में किस तरह इस्तेमाल हुआ.
इस पूरे मामले के केंद्र में लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा हैं, जिनकी 9 अक्टूबर को मौत हो गई थी. श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसकी फरारी की टाइमलाइन को शिवा की मौत से जुड़े घटनाक्रम के साथ जोड़कर जांच रही है. जांचकर्ताओं को यह पता लगाना है कि मौत से पहले क्या हालात थे और उसके बाद श्रद्धा ने लखनऊ छोड़ने का फैसला कब और कैसे किया?