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100 से अधिक देशों में फैला डेल्टा वेरिएंट, WHO ने दी बड़ी चेतावनी

कोरोना वायरस का डेल्‍टा वेरिएंट सबसे पहले भारत में ही मिला था. डब्‍ल्‍यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदहानोम गेब्रेयेसस ने आगाह करते हुए कहा कि दुनिया कोविड-19 महामारी के बेहद ‘खतरनाक दौर’ में है.

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डेल्टा वेरिएंट को लेकर WHO की चेतावनी (फाइल फोटो)
डेल्टा वेरिएंट को लेकर WHO की चेतावनी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • डेल्टा वेरिएंट को लेकर WHO की चेतावनी
  • काफी तेजी से फैलता है यह वेरिएंट

कोरोना का डेल्टा वेरिएंट 100 से अधिक देशों में फैल चुका है. WHO साउथ-ईस्ट एशिया की रीजनल डायरेक्टर डॉ. पूनम क्षेत्रपाल सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि जितनी तेजी से यह फैल रहा है, जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यह सबसे प्रमुख कोविड 19 स्ट्रेन हो जाएगा. कोविड 19 के जो भी वेरिएंट हैं, डेल्टा उनमें सबसे तेजी से फैलता है. यह कोरोना का डेल्टा वेरिएंट ही था जिसने दूसरी लहर के दौरान भारत में सबसे अधिक तबाही मचाई थी. लेकिन अब यह वेरिएंट पूरी दुनिया के लिए खतरा बनता जा रहा है. 

दरअसल कोरोना वायरस का डेल्‍टा वेरिएंट सबसे पहले भारत में ही मिला था. डब्‍ल्‍यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदहानोम गेब्रेयेसस ने आगाह करते हुए कहा कि दुनिया कोविड-19 महामारी के बेहद ‘खतरनाक दौर’ में है. जिसके डेल्टा जैसे स्वरूप अधिक संक्रामक हैं और वक्त के साथ लगातार बदल रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिन देशों की कम आबादी को टीके लगे हैं वहां अस्पतालों में फिर से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है.

टेड्रोस ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘डेल्टा जैसे स्वरूप अधिक संक्रामक है और कई देशों में यह फैल रहा है. इसी के साथ ही हम इस महामारी के बहुत खतरनाक दौर में हैं.’ गेब्रेयसस ने कहा, ‘कोई भी देश अभी तक खतरे से बाहर नहीं है. डेल्टा स्वरूप खतरनाक है और यह वक्त के साथ और बदल रहा है जिस पर लगातार नजर रखने की जरूरत है.’

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उन्होंने कहा कि डेल्टा स्वरूप कम से कम 98 देशों में पाया गया है और उन देशों में तेजी से फैल रहा है जहां कम और ज्यादा टीकाकरण हुआ है.

'घरों को हवादार रखने की पर्याप्त व्यवस्था अहम'

डब्‍ल्‍यूएचओ चीफ ने कहा कि जन स्वास्थ्य और सामाजिक उपाय जैसे कि कड़ी निगरानी, जांच, शुरुआती स्तर पर बीमारी का पता लगाना, पृथक वास और चिकित्सीय देखभाल अब भी महत्वपूर्ण हैं. 

डब्ल्यूएचओ महानिदेशक ने कहा कि मास्क लगाना, सामाजिक दूरी, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचना और घरों को हवादार रखने की पर्याप्त व्यवस्था अहम है. उन्होंने दुनियाभर के नेताओं से अनुरोध किया कि वे एक साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि अगले साल तक हर देश की 70 प्रतिशत आबादी को कोविड-19 रोधी टीका लग जाए.

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