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तेजी से फैलता है डेल्टा वैरिएंट, वैक्सीनेशन से टल सकती है तीसरी लहर: डॉ. एनके अरोड़ा

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बनाई गई INSACOG कमेटी के डॉ. एनके अरोड़ा ने डेल्टा वैरिएंट (Delta Variant) को लेकर बड़ा बयान दिया है. एनके अरोड़ा के मुताबिक, डेल्टा वैरिएंट (B.1.617.2) कोरोना के एल्फा वैरिएंट से ज्यादा तेजी से फैल रहा है.

वैक्सीनेशन सेंटर पर उमड़ रही भीड़ (फोटो: PTI) वैक्सीनेशन सेंटर पर उमड़ रही भीड़ (फोटो: PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना के डेल्टा वैरिएंट पर बड़ा बयान
  • एल्फा वैरिएंट से भी तेज फैल रहा है डेल्टा

कोरोना वायरस की तीसरी लहर (Corona Third Wave) के अंदेशे के बीच देश में एक बार फिर चिंताएं बढ़ रही हैं. इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बनाई गई INSACOG कमेटी के डॉ. एनके अरोड़ा ने डेल्टा वैरिएंट (Delta Variant) को लेकर बड़ा बयान दिया है. एनके अरोड़ा के मुताबिक, डेल्टा वैरिएंट (B.1.617.2) कोरोना के एल्फा वैरिएंट से ज्यादा तेजी से फैल रहा है. 

डॉ. एनके अरोड़ा के मुताबिक, INSACOG की कोशिश है कि कोरोना के सभी वैरिएंट पर नज़र रखी जा सके. और किसी भी नए वैरिएंट को फैलने से पहले ही उसे कूबा में लाया जा सके. देश के अलग-अलग हिस्सों में जीनोम सीक्वेंसिंग की लैब बनाकर ऐसा किया जा रहा है. हर लैब को उसके क्षेत्र की ज़िम्मेदारी दी गई है, ताकि इलाके के अनुसार वैरिएंट को पहचाना जा सके. 

कितनी तेज़ी से फैल रहा है डेल्टा वैरिएंट?

भारत समेत दुनियाभर में कहर बरपाने वाले डेल्टा वैरिएंट पर डॉ. एनके अरोड़ा ने कहा कि B.1.617.2 जिसे डेल्टा वैरिएंट कहा गया है. ये अक्टूबर 2020 में भारत में ही मिला था, भारत में कोरोना की दूसरी लहर के पीछे इसी का हाथ रहा. महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में इसके सबसे अधिक मामले सामने आए थे. 

डॉ. एनके अरोड़ा के मुताबिक, डेल्टा वैरिएंट कोरोना के पिछले वैरिएंट एल्फा से 40 से 60 फीसदी तेज़ी से फैलता है. स्टडी में ये सामने आया है कि डेल्टा वैरिएंट के कारण लंग और अन्य अंगों में अधिक प्रभाव होता है. वहीं, डेल्टा प्लस को लेकर डॉ. एनके अरोड़ा ने कहा कि देश में अभी इसके 55-60 केस सामने आए हैं, जो कुल 11 राज्यों में हैं. अभी इस वैरिएंट पर स्टडी की जा रही है.

क्या वैक्सीन कर रही है काम?

डेल्टा वैरिएंट को लेकर डॉ. एनके अरोड़ा ने बताया कि कोरोना के इस वैरिएंट के खिलाफ वैक्सीन काम कर रही है. हालांकि, चिंता का विषय ये है कि पूर्वोत्तर के जिन राज्यों में कोरोना फिर तेजी से बढ़ रहा है, वहां पर यही डेल्टा वैरिएंट ही मुख्य कारण हो सकता है. 

कैसे टलेगी तीसरी लहर?

भविष्य की रणनीति और चेतावनी को लेकर डॉ. एनके अरोड़ा ने कहा कि कोरोना की अगली लहर वायरस के वैरिएंट के कारण ही तेज़ी से फैलेगी, इससे बड़ी संख्या में लोगों पर असर हो सकता है. अभी भी देश में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है, कोई भी भविष्य की लहर को कंट्रोल किया जा सकता है या टाला जा सकता है अगर लोगों को टीका लग पाए. डॉ. एनके अरोड़ा के मुताबिक, लोगों को कोरोना के नियमों का पालन ज़रूर करना चाहिए. 

आपको बता दें कि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर लगातार अंदेशा जताया जा रहा है. बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी कहा गया था कि हम तीसरी लहर के मुहाने पर खड़े हैं, ऐसे में पर्यटन स्थलों से भीड़ की जो तस्वीरें आ रही हैं वो चिंता का विषय है. 
 

 

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