आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच कोविड-19 के 12 मामले सामने आए, जिनमें से चार मरीजों की मौत हो गई. सभी मृतक पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे. सबसे ज्यादा मामले कडप्पा जिले से आए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कोविड ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के बीमा दावों पर बड़ा बयान दिया है. कोर्ट ने कहा कि अगर न्यायपालिका उन डॉक्टरों के साथ नहीं खड़ी हुई जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर समाज की सेवा की, तो समाज हमें कभी माफ नहीं करेगा. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह जांच करना जरूरी नहीं कि अस्पताल या क्लिनिक कोविड सेंटर था या नहीं.
देश में एक बार फिर कोरोना के मामलों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. ज्यादा प्रभावित केरल रहा है. जहां से ज्यादा एक्टिव केस दर्ज किए जा रहे हैं. हालांकि, इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने हाल ही में अस्पतालों में मॉकड्रिल की शुरुआत की. जिससे ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और दवाओं की स्थिति की समीक्षा की जा सके. देखें सो सॉरी.
Punjab Corona advisory: देश में एक बार फिर कोरोना के बढ़ते मामलों ने सरकारों की चिंता बढ़ा दी है. इसी के मद्देनजर पंजाब सरकार ने सतर्कता बरतते हुए नई एडवाइजरी जारी की है, जिसमें खासकर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और हेल्थ वर्करों को भीड़भाड़ से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है.
कोरोना वायरस से पिछले 24 घंटे के दौरान दो मरीजों की मौत हुई है. कर्नाटक में 63 वर्षीय बुजुर्ग मरीज ने दम तोड़ दिया, जिन्हें पहले से अन्य बीमारियां भी थीं. केरल में 24 साल की एक युवती की संक्रमण से मौत हुई है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोविड के एक्टिव केसों की संख्या 3,395 तक पहुंच गई है, जबकि पिछले 24 घंटों में 4 लोगों की मौत हुई है. केरल में सबसे ज्यादा 1336 एक्टिव केस हैं. बीते कुछ दिनों में ही कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिली है. विशेषज्ञों ने लोगों से मास्क पहनने, भीड़ से बचने और जरूरत पड़ने पर टेस्ट कराने की अपील की है.
देश में कोरोना वायरस डराने लगा है. कई महीनों की शांति के बाद संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा है. कोविड केसों में पांच गुना उछाल आया है. कुल एक्टिव मामले 2,700 पार हो गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. विभाग का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है.
इस साल NB.1.8.1 वेरिएंट चीन में सबसे ज्यादा फैलने वाला वेरिएंट बन गया. इसकी वजह से पूरे एशिया में कोविड के मामले बढ़ गए. हॉन्गकॉन्ग में पिछले एक साल में पहली बार कोविड के मामले इतने ज्यादा बढ़े हैं. वहां पिछले एक महीने में इमरजेंसी रूम में आने वाले मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि 2025 की शुरुआत से कोरोना वैरिएंट्स के ट्रेंड में थोड़ा बदलाव आया है. LP.8.1 वैरिएंट घट रहा है. जबकि NB.1.8.1 को Variant Under Monitoring (निगरानी वैरिएंट) की श्रेणी में रखा गया है, इसके केस तेजी से बढ़ रहे हैं. मई 2025 के मध्य तक यह वैरिएंट दुनियाभर में रिपोर्ट किए गए कुल जीनोमिक सीक्वेंसेस का 10.7% बन चुका है.
पंजाब में कोरोना से मौत का मामला सामने आया है. लुधियाना से रेफर किए गए एक मरीज की चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. मरीज पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित था और हाल ही में उसकी कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. अस्पताल प्रशासन ने मरीज की मौत को कोविड से हुई आधिकारिक मौत के तौर पर दर्ज किया है.
कोरोना फिर दुनिया को डरा रहा है. मरीजों की संख्या बढ़ रही है. अस्पतालों पर भी दबाव बढ़ रहा है. हांगकांग और सिंगापुर से शुरू हुआ इस बार का वायरस भारत-अमेरिका समेत कई अन्य देशों में ना सिर्फ बढ़ रहा है, बल्कि लोगों की मौत के भी मामले सामने आ रहे हैं. नए वेरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 की एंट्री ने पूरी दुनिया को चौकन्ना कर दिया है.
चीन में भी कोविड के मामलों में इज़ाफा हो रहा है, इसके पिछले साल की गर्मियों के चरम स्तर के करीब पहुंचने की संभावना है. 4 मई तक पांच हफ्तों में वहां टेस्ट पॉजिटिविटी दर दोगुनी से भी ज़्यादा हो चुकी है. थाईलैंड में भी अप्रैल में मनाए गए 'सोंगक्रान' फेस्टिवल के बाद 2 बार कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़े हैं.
कर्नाटक में एक 40 वर्षीय व्यक्ति में मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई है, जो हाल ही में दुबई से लौटे थे। व्यक्ति में बुखार और चकत्ते जैसे लक्षण थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मामला गंभीर नहीं है। एहतियात के तौर पर व्यक्ति की पत्नी को निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मंकीपॉक्स कोविड-19 से कम खतरनाक है।
एस्ट्राजेनेका अपनी कोविड-19 वैक्सीन को बाजार से वापस लने जा रही है. कंपनी ने अपनी वैक्सीन बाजार से वापस लेने का फैसला किया है. एस्ट्राजेनेका ने कहा है कि वह वैक्सीन वैक्सजेवरिया (कोविड वैक्सीन) वापस लेने के क्रम में आगे बढ़ेगी.
एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) ने कहा है कि उनकी सहानुभूति उन लोगों के प्रति है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है या स्वास्थ्य समस्याओं से गुजरे हैं. कंपनी ने कहा है कि मरीज की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.