भारतीय शेयर बाजार इन दिनों भारी दबाव से गुजर रहा है. सेंसेक्स-निफ्टी में लगातार गिरावट देखी जा रही है. स्मालकैप और मिडकैप शेयरों में तो जैसे तबाही मची हुई है, जिस कारण निवेशकों को हर दिन भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. गुरुवार को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 461.78 लाख करोड़ रुपये से 3.43 लाख रुपये गिरकर 458.35 लाख करोड़ रुपये पर आ गया.
यह भारी गिरावट तब आई, जब गुरुवार को सेंसेक्स 460.30 अंक या 0.62% टूटकर 73,249.39 पर आ गया और निफ्टी 123.70 अंक या 0.54% टूटकर 22,687.65 पर आ पहुंचा. वहीं बीएसई स्मालकैप सेलेक्ट इंडेक्स 80.61 अंक या 0.94% टूटकर 8,533.71 और बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 126.26 अंक या 0.74% फिसलकर 16,979.59 पर आ गए.
BSE सेंसेक्स के टॉप 30 शेयरों में से 11 शेयरों में तेजी रही, बाकी के 19 शेयरों में गिरावट आई. सबसे ज्यादा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 2.59 फीसदी टूट गया और 1176 रुपये पर आ गया. इसके बाद एटर्नल, एचडीएफसी बैंक, पॉवरग्रिड शेयर 2 फीसदी से ज्यादा टूट गए.
मार्केट में तबाही का एकमात्र कारण
शेयर बाजार में तबाही का एक सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल के दाम में तेजी को माना जा रहा है. गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत 3 फीसदी चढ़कर 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. तेल की कीमतों में तेजी के कारण महंगाई की चिंता बढ़ चुकी है, जिस कारण शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है.
शेयर बाजार में गिरावट के ये भी वजह
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्ती सलाहकार की मदद जरूर लें.)