केंद्र सरकार की फ्री बिजली स्कीम पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना खासी लोकप्रिय है और इसके लाभार्थियों की संख्या में हर रोज इजाफा हो रहा है. इसके तहत 300 यूनिट फ्री बिजली तो मिलती ही है, साथ में 78,000 रुपये तक की सब्सिडी भी दी जाती है. इसके तहत घरों की छत पर लगाए जाने वाले सोलर पैनल्स की रफ्तार को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि भारत जल्द ही हर 4-5 दिन में 1 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगा सकता है.
खूब चलाओ गीजर-हीटर, बिल Zero!
सर्दी ने दस्तक दे दी है और घरों में रूम हीटर से लेकर गीजर तक निकलने लगे हैं. हालांकि, इन उपकरणों का इस्तेमाल करने के साथ ही लोगों के दिमाग में सबसे बड़ा टेंशन इनसे बढ़े हुए बिजली के बिल को लेकर बनी रहती है. लेकिन, जिन लोगों ने सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojna) के तहत अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया है, वे टेंशन-फ्री होकर इनका यूज कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें बिजली बिल के झंझट मुक्ति मिली है.
1Cr घरों पर सोलर पैनल लगवाने का लक्ष्य
गौरतलब है कि फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojna) को लॉन्च किया था. इस मुफ्त बिजली स्कीम में मिलने वाले लाभ इसका क्रेज बढ़ाने में अहम रोल निभा रहे हैं.

दरअसल इस सरकारी स्कीम में जहां 300 यूनिट फ्री बिजली मिलती है, तो सरकार की ओर से अपने घर की छत पर Solar Panel लगवाने पर आने वाले खर्च में 78,000 रुपये तक की तगड़ी सब्सिडी भी दी जाती है. यह 75,000 करोड़ रुपये की स्कीम है, जिसका मकसद 31 मार्च, 2027 तक रूफटॉप सोलर पैनल इंस्टॉलेशन के जरिए 1 करोड़ घरों को हर महीने 300 यूनिट तक फ्री बिजली देना है.
मंत्री बोले- दनादन लग रहे सोलर पैनल
केंद्रीय न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आजतक के सहयोगी चैनल बिजनेस टुडे को बताया कि PM सूर्य घर के तहत रूफटॉप सोलर पैनल लगाने का काम तेजी से हो रहा है और जैसे-जैसे भारत का पावर सिस्टम डीसेंट्रलाइज्ड होता जाएगा, नए सॉल्यूशन सामने आएंगे.
उन्होंने BRE समिट 2026 के दौरान बताया कि भारत में फिलहाल हर छह दिन में एक लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लग रहे हैं और इस रफ्तार के और तेज होने की उम्मीद है. केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि आने वाले हफ्तों में, हर एक लाख इंस्टॉलेशन में चार या पांच दिन लगेंगे.

उन्होंने कहा कि पावर सेक्टर में स्ट्रक्चरल बदलाव दिख रहे हैं, क्योंकि पारंपरिक पावर प्लांट के साथ घर और किसान भी तेजी से बिजली बनाने वाले बन रहे हैं. मंत्री के मुताबिक, पहले, जेनरेशन पॉइंट बहुत कम थे और अब ये हजारों और लाखों में हैं. हर घर बिजली बना सकता है, किसान बिजली बना रहे हैं और कुछ तो डिस्कॉम को भी बिजली बेच रहे हैं.
अभी 65 लाख से ज्यादा घर रोशन
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojna से जुड़े ताजा अपडेट देखें, तो 2 नवंबर तक इस सरकारी स्कीम के लिए 88.3 लाख से ज़्यादा एप्लीकेशन मिले थे, जबकि 55.3 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके थे, जिससे नेशनल पोर्टल फॉर रूफटॉप सोलर पर देखे गए डेटा के मुताबिक 65.4 लाख से ज्यादा घर रोशन हो रहे हैं.
उन्होंने बताया कि कैसे भारत का तेजी से बढ़ता रूफटॉप सोलर इकोसिस्टम देश के पावर लैंडस्केप को बदल रहा है और यूटिलिटीज व ग्रिड ऑपरेटरों के लिए नए मौके और चुनौतियां भी पैदा कर रहा है. स्कीम की प्रोग्रेस के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि सरकार अपने रोलआउट माइलस्टोन को पूरा करती रहेगी और स्कीम का टारगेट हासिल करेगी.