बागवानी सेक्टर को बढ़ावा देने के साथ ही किसानों की इनकम में इजाफा करने के लिए सरकार एमआईडीएच योजना (MIDH Scheme) संचालित कर रही है. इसके तहत किसानों को जहां आधुनिक खेती की तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, तो वहीं बेहतर उत्पादन के लिए आर्थिक और तकनीकी मदद भी मुहैया कराई जा रही है. इस स्कीम के जरिए सरकार का लक्ष्य पारंपरिक खेती के साथ ही व्यावसायिक फार्मिंग (Commercial Farming) को बढ़ावा देना है.
61 सेंटर्स के जरिए ट्रेनिंग
एमआईडीएच स्कीम के तहत किसानों को आधुनिक खेती के लिए ट्रेनिंग भी दी जा रही है. इसके लिए देशभर में 61 ट्रेनिंग सेंटर (MIDH Traning Centers) स्थापित किए गए हैं. इनमें किसानों को आधुनिक खेती से जुड़ी बारीक से बारीक जानकारी तो दी ही जाती है, बल्कि प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है.
इन प्रशिक्षण केंद्रों को भारत-इजरायल सहयोग, भारत-नीदरलैंड सहयोग और विभिन्न शोध संस्थानों की मदद से विकसित किया गया है. यहां किसानों को नई तकनीक, बेहतर पौध सामग्री और सब्जियों की उन्नत किस्मों के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है.
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, MIDH योजना के तहत राज्य बागवानी मिशन, तकनीकी सहायता समूह (TSG), सटीक कृषि विकास केंद्र (PFDC), उत्कृष्टता केंद्र (CoE), आईसीएआर संस्थान, राज्य कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को सहयोग दिया जाता है. इनकी मदद से किसान आधुनिक खेती करना सीखते हुए, कम लागत में बेहतर प्रोडक्शन करने में मदद पा रहे हैं.
ऐसे दी जा रही MIDH के तहत मदद
MIDH योजना के जरिए किसानों को कई तरीके से मदद दी जाती है. अगर संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिहाज से देखें, तो पॉलीहाउस, शेड नेट हाउस, प्लास्टिक टनल और अन्य आधुनिक इंफ्रा निर्माण के लिए उन्हें योजना के तहत वित्तीय सहायता मिलती है. इस तकनीक से कम जगह में अधिक उत्पादन (Farming Production Rise) हासिल करने में मदद मिलती है.
राज्य मंत्री ने भी गिनाए फायदे
संसद के मानसून सत्र के दौरान MIDH योजना के बारे में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर (Ramnath Thakur) जानकारी शेयर की और इसके फायदे गिनाए. उन्होंने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि सरकार बागवानी क्षेत्र को मजबूती देने के लिए लगातार काम कर रही है. MIDH Scheme के जरिए किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और उत्पादन बढ़ाने के साथ बागवानी को मजबूत कृषि व्यवसाय के रूप में डेवलप करने पर जोर दिया जा रहा है.