इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने के लिए आजभर का मौका है. आयकर विभान ने टैक्स से जुड़े इस जरूरी काम को करने के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन सेट की थी, जो शुक्रवार को खत्म हो रही है. ऐसे में अगर आपने ये काम नहीं किया है तो फिर घर बैठे आसानी से इसे पूरा कर सकते हैं. इसका प्रोसेस बेहद ही आसान है, जिससे आप सिर्फ 5 मिनट में ये जरूरी काम किया जा सकता है.
आयकर विभाग ने जारी किया डेटा
इनकम टैक्स विभाग की ओर से एक्स पोस्ट के जरिए जहां टैक्सपेयर्स को आईटीआर फाइल करने के लिए लगातार अलर्ट किया जा रहा है, तो वहीं डिपार्टमेंट फाइल किए जा चुके ITR का डेटा भी शेयर कर रहा है. ताजा अपडेट देखें, तो 30 जुलाई तक देश के 5.5 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इसे फाइल कर दिया था और सिर्फ गुरुवार को ही AY 2026-27 के लिए 42 लाख लोगों ने ITR File किया.
सही ITR फॉर्म का करें चयन
आईटीआर फाइलिंग करते समय टैक्सपेयर्स के लिए सबसे जरूरी काम ये होता है कि वो सही ITR Form का चयन करे. इनकम टैक्स की ओर से अलग-अलग कैटेगरी के टैक्सपेयर के आधार पर आईटीआर फॉर्म तय किए हैं. इनमें ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 व्यक्तियों के लिए लागू होते हैं. करदाता को अपनी आय और श्रेणी के आधार पर फॉर्म का चयन करना होता है. अगर आईटीआर फॉर्म सही नहीं चुना गया है, तो आयकर विभाग से नोटिस आने पर डर रहता है.
रिटर्न फाइलिंग से पहले करें ये काम
ITR File करते समय ये ध्यान रखना जरूरी है कि अपनी कर योग्य आय निर्धारित करें और कर देनदारी का आकलन करें. ब्याज से बचने के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने से पहले बकाया आयकर का भुगतान करना चाहिए. इसके अलावा दर्ज की गई सभी जानकारियों को सब्मिट करने से पहले एक बार जरूर जांच लें. अगर आपसे कोई जानकारी छूट गई है तो उसे इसमें भरें.
अगर आप टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं, फिर भी आपको ITR फाइल करना चाहिए. इस बीच सैलरीड क्लास को संस्थान की ओर से ITR फाइलिंग के लिए फॉर्म-16 उपलब्ध कराया जाता है. ऐसे में ITR फाइलिंग से पहले फॉर्म-16 और एनुअल इनफॉरमेशन स्टेटमेंट (AIS) में दिए गए डेटा का मिलान जरूर करें. जिससे ये पता लग सके कि आयकर विभाग को जो डेटा दिया जा रहा है वो एकदम सटीक है.
फॉर्म-16 में कमाई की डिटेल्स के साथ-साथ डिडक्शन के बारे में भी जिक्र रहता है, जिनके लिए टैक्सपेयर्स क्लेम कर सकते हैं. टैक्स रिटर्न और AIS में दी गई डिटेल्स में फर्क नहीं होना चाहिए, वरना टैक्सपेयर को नोटिस मिल सकता है.
टैक्स रिजीम का करें सेलेक्शन
आईटीआर (ITR) फाइल करते समय ध्यान रखें कि न्यू टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट में रखा गया है. अगर आप ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत आईटीआर फाइल करना चाहते हैं, तो फिर आपको इसे खुद से सेलेक्ट करना होगा.
ऐसे फटाफट करें ITR फाइल
- ई-फाइलिंग पोर्टल (https://eportal.incometax.gov.in/) पर जाएं.
- होमपेज पर अपनी यूजर ID और पासवर्ड की मदद से लॉग-इन करें.
- डैशबोर्ड पर, ई-फाईल > आयकर रिटर्न > 'आयकर रिटर्न दाखिल करें' पर क्लिक करें.
- इसके बाद एसेसमेंट ईयर का चयन करें, जैसे कि 2023-24, और 'कंटीन्यू' पर क्लिक करें.
- अब आईटीआर फाइलिंग का तरीका चुनें और ऑनलाइन ऑप्शन का चयन करें.
- अब आप अपनी टैक्स आय और TDS कैलकुलेशन के हिसाब से अपना ITR फॉर्म चुनें.
- अपने लिए ITR चुनने के बाद सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स पास रखकर स्टार्ट ऑप्शन क्लिक करें.
- स्क्रीन पर कुछ सवाल आएंगे, जो भी आप पर लागू हैं, उसके चेक बॉक्स मार्क कर कंटीन्यू करें.
- डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, अपनी आय और कटौती का ब्योरा अलग-अलग सेक्शन में दर्ज करें.
- टैक्स देनदारी है तो, आपके दिए ब्योरे के आधार पर टैक्स-कैलकुलेशन का संक्षिप्त विवरण दिखेगा.
- ऐसे में टैक्सलायबिलिटी बनती है, तो 'अभी भुगतान करें' और 'बाद में भुगतान करें' का विकल्प चुनें.
- अगर देनदारी नहीं बनती है, तो फिर दिख रहे, 'प्रिव्यू रिटर्न' पर क्लिक करना होगा.
- अब 'प्रिव्यू और रिटर्न जमा करें' चेकबॉक्स पर क्लिक करें फिर 'वैलिडेशन के लिए आगे बढ़ें' ऑप्शन चुनें.
- प्रिव्यू देखें और 'रिटर्न जमा करें' पेज पर, वेरिफाई के लिए आगे बढ़ें. रिटर्न का ई-सत्यापन जरूरी है.
- ई-वेरिफाई पेज पर आपको अपने मुताबिक विकल्प चुनना होगा और ऐसा करके 'कंटीन्यू' करें.
- रिटर्न को ई-वेरिफाई करा लेते हैं, तो फार्म के सफलतापूर्व भरे जाने की सूचना स्क्रीन पर दिखती है.
- ट्रांजैक्शन ID और एकनॉलेजमेंट नंबर मिलता है, जिससे आप भविष्य में अपने ITR का स्टेटस जांच सकते हैं.
- ई-फाइलिंग पोर्टल पर रजिस्टर्ड मोबाइल और ईमेल पर फॉर्म सफलता पूर्वक भरने जाने का मैसेज मिल जाएगा.