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बदलनी पड़ेगी Mutual Fund की रणनीति? एक्सपर्ट ने बताया कैसे बनेगी बैलेंस्ड अप्रोच

आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल का नया बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड 30 जून से 14 जुलाई 2026 तक खुला है, जिसमें ₹500 से 40%-60% इक्विटी-डेट आवंटन के साथ निवेश किया जा सकता है.

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मार्केट के इस दौर में Mutual Fund की रणनीति पर काम करने की ज़रूरत है.
मार्केट के इस दौर में Mutual Fund की रणनीति पर काम करने की ज़रूरत है.

रिकॉर्ड स्तर के करीब चल रहे इक्विटी मार्केट में ICICI Prudential Mutual Fund ने नया ICICI Prudential Balanced Hybrid Fund लॉन्च किया है. इसका एनएफओ 30 जून 2026 से 14 जुलाई 2026 तक खुला है. स्कीम इक्विटी और डेट, दोनों में 40%-60% का आवंटन रखेगी.

यह लॉन्च ऐसे समय आया है, जब ग्लोबल अनिश्चितता बनी हुई है. भू-राजनीतिक तनाव, ग्लोबल ग्रोथ पर सवाल, ब्याज दरों की बदलती उम्मीदें और ऊंचे घरेलू इक्विटी वैल्यूएशन इसके पीछे हैं. फंड हाउस का कहना है कि इक्विटी लंबी अवधि में वेल्थ बना सकती है, लेकिन डेट करेक्शन के दौर में सहारा दे सकती है.

कहां कितना निवेश?

यह ओपन-एंडेड बैलेंस्ड हाइब्रिड स्कीम है. इसका मकसद इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश के जरिए कैपिटल अप्रिसिएशन और इनकम देना है. स्कीम में अर्बिट्राज एक्सपोजर नहीं होगा. इक्विटी पोर्टफोलियो अलग-अलग मार्केट कैपिटलाइजेशन और सेक्टर में निवेश करेगा. डेट पोर्टफोलियो duration opportunities, AAA-rated bonds, G-Secs और credit opportunities में जाएगा. इक्विटी और डेट का आवंटन वैल्यूएशन, earnings outlook और बॉन्ड यील्ड के आधार पर समय-समय पर रिव्यू होगा.

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर शंकरन नरेन ने कहा कि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड को इक्विटी और डेट के बीच सही संतुलन बनाने के लिए तैयार किया गया है. उनके मुताबिक, मौजूदा बाजार हालात के हिसाब से पोर्टफोलियो में दोनों एसेट क्लास को 40-60% का अलोकेशन दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह बैलेंस्ड अप्रोच मौजूदा माहौल में रास्ता निकालने के साथ निवेशकों के लिए इनकम जेनरेशन और लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन, दोनों को सपोर्ट करने की स्थिति में है.

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बैलेंस्ड और अग्रेसिव में फर्क

बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड में इक्विटी और डेट, दोनों 40%-60% के बीच रहते हैं. अग्रेसिव हाइब्रिड फंड आम तौर पर 65%-80% इक्विटी और 20%-35% डेट रखते हैं. इसी वजह से बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड का रिस्क लेवल मॉडरेट रखा गया है. अग्रेसिव श्रेणी का रिस्क लेवल मॉडरेटली हाई टू हाई बताया गया है.

बैलेंस्ड फंड के लिए 3-5 साल या उससे ज्यादा का horizon दिया गया है. अग्रेसिव फंड के लिए 5 साल या उससे ज्यादा की अवधि बताई गई है. फंड हाउस ने 50:50 hypothetical portfolio के पुराने आंकड़ों का हवाला दिया है. उसके मुताबिक, बड़ी गिरावट में नुकसान छोटा रहा. सामान्य हालात में सिर्फ डेट के मुकाबले लॉन्ग टर्म रिटर्न बेहतर रहे.

क्या हैं निवेश की शर्तें?

इस स्कीम में न्यूनतम निवेश ₹500 है. इसके बाद ₹1 के मल्टीपल में निवेश किया जा सकता है. इसमें Direct Plan और Regular Plan, दोनों उपलब्ध हैं. इसका benchmark CRISIL Hybrid 50+50 – Moderate Index है. फंड मैनेजर Roshan Chutkey, Manish Banthia और Akhil Kakkar हैं. इसे उन निवेशकों के लिए उपयुक्त बताया गया है, जो लॉन्ग टर्म कैपिटल ग्रोथ चाहते हैं. साथ ही, वे अपेक्षाकृत कम पोर्टफोलियो volatility भी चाहते हैं.

अगर आप निवेशक हैं, तो यह फैसला आपके निवेश लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करेगा. लंबी अवधि और ज्यादा उतार-चढ़ाव झेलने वाले निवेशक अग्रेसिव हाइब्रिड फंड चुन सकते हैं. लेकिन जो निवेशक अपने लक्ष्य के करीब हैं, उनके लिए यह ज्यादा उपयुक्त हो सकता है. ज्यादा स्थिर पोर्टफोलियो चाहने वाले, या तेज करेक्शन से चिंतित निवेशक भी इसे देख सकते हैं. आप ₹500 से शुरुआत कर सकते हैं.

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अब नजर इस पर होगी कि 14 जुलाई 2026 तक इस एनएफओ को कैसी प्रतिक्रिया मिलती है. इसके बाद इस स्कीम में इक्विटी और डेट का आवंटन वैल्यूएशन, earnings outlook और बॉन्ड यील्ड के आधार पर समय-समय पर रिव्यू होगा. आने वाले हफ्तों में यह साफ होगा कि रिकॉर्ड स्तर के करीब बाजार में निवेशक इस बैलेंस्ड अप्रोच को कितना पसंद करते हैं.

(इनपुट: बिजनेस टुडे)

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