महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Govt) ने राज्य भर के लगभग 1.5 करोड़ सूखा-प्रभावित किसानों को को दिवाली पर बड़ी राहत दी है. सरकार ने इन्हें 5,000 रुपये की एडवांस्ड आर्थिक सहायता (Farmers Advanced Financial Support) देने का फैसला किया है. राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि यह राशि इसी सप्ताह सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कर दी जाए. यानी ये रकम किसानों के बैंक अकाउंट्स में दीवाली (Diwali) से पहले आएगी.
सरकारी खजाने पर इतना बोझ
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस ऐलान के बाद बात करें, महाराष्ट्र सरकार के खजाने पर आने वाले बोझ के बारे में, तो 1.5 करोड़ के आसपास किसानों को 5000 रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने पर कुल 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री ने बैंक अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया है कि वे किसानों के पुराने कर्ज या बकाया राशि की वसूली के लिए इस राहत राशि में से कोई भी रकम न काटें. सरकार का उद्देश्य उन ग्रामीण परिवारों को तत्काल आर्थिक मदद पहुंचाना है, जो फसल के नुकसान और पानी की कमी से जूझ रहे हैं.
34 जिलों में सूखे का प्रकोप
गौरतलब है कि इसी महीने महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति को देखते हुए कुल 34 जिलों के अंतर्गत आने वाले 305 तालुकों में सूखाग्रस्त घोषित किया है. शुरुआत में राज्य के 265 तालुकों में सूखा घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 305 कर दिया गया. यह राज्य का लगभग 75% हिस्सा है. यह सूखा राज्य के सभी 6 राजस्व विभागों खासकर मराठवाड़ा, विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र और पुणे संभाग के कई जिलों में फैला हुआ है.
महाराष्ट्र सरकार द्वारा सूखे से परेशान किसानों को फसल कर्ज वसूली पर रोक, बिजली बिलों में छूट, पानी की व्यवस्था और आर्थिक सहायता जैसी कई राहतें दी जा रही हैं. इस बीच महाराष्ट्र सरकार का दिवाली से पहले किसानों को 5000 रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान एक बड़ी राहत है.
बीते महीने किया था CM ने दौरा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीते सितंबर महीने में सूखे से प्रभावित गांवों का दौरा किया था और इससे पीड़ित किसानों के लिए जल्द राहत उपायों की घोषणा के बारे में कहा था. उन्होंने साफ किया था कि राज्य सरकार केंद्र से सहायता की प्रतीक्षा नहीं करेगी और प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को तत्काल राहत प्रदान करेगी. 5000 रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान इस दिशा में उठाया गया कदम है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते सितंबर महीने की 21 तारीख तक के आंकड़ों को देखें, तो महाराष्ट्र में 1 जून से 21 सितंबर के बीच औसत वर्षा का सिर्फ 80.82% ही मिला है. 17 जिलों में सामान्य वर्षा का 50-75% दर्ज किया गया, जबकि अन्य 14 जिलों में 75-100% वर्षा हुई. सोलापुर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां औसत वर्षा का केवल 48.65% ही प्राप्त हुआ.