बीमार पड़ने पर लोग अपने रिश्तेदारों, दोस्तों या आजकल एआई और इंटरनेट पर डॉक्टर की तलाश करते हैं. कई बार सोशल मीडिया पर डॉक्टर के फॉलोअर्स देखकर या गूगल पर अच्छे रिव्यू देखकर इलाज कराने का फैसला ले लेते हैं. लेकिन क्या सही डॉक्टर का चुनाव सिर्फ इन बातों के आधार पर करना ठीक है? खासकर जब बीमारी गंभीर हो या सर्जरी की जरूरत हो तो डॉक्टर कैसा होना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
इस बारे में सर गंगा हॉस्पिटल में लिवर ट्रांसप्लांट और हेपेटोबिलिअरी सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. उशस्त धीर ने बताया है. डॉ धीर के मुताबिक, किसी बीमारी या सर्जरी के लिए डॉक्टर खोजते समय इन 6 बातों का सभी को ध्यान रखना चाहिए.
1. सबसे पहले डॉक्टर की डिग्री और रजिस्ट्रेशन जरूर पता करें
डॉ. उशस्त धीर बताते हैं कि सबसे पहले आप ये देखें कि जिस बीमारी या सर्जरी के लिए आप डॉक्टर खोज रहे हैं उसकी मेडिकल डिग्री क्या है और वह संबंधित मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड हैं या नहीं. भारत में एलोपैथिक डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और राज्य मेडिकल काउंसिल के रिकॉर्ड से जांचा जा सकता है.
2. बीमारी के इलाज में डॉक्टर का कितना अनुभव है?
अगर बीमारी गंभीर है या ऑपरेशन कराना है, तो यह जानना जरूरी है कि डॉक्टर को उस बीमारी के इलाज का कितना अनुभव है. केवल यह देखना काफी नहीं है कि डॉक्टर कितने साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं. यह भी समझें कि वे आपकी तरह के मरीजों का इलाज करते हैं या नहीं. वह हर दिन कितने मरीज देखते हैं और उनके बारे में मरीजों की राय क्या है
3. डॉक्टर ने कितनी सर्जरी की हैं?
सर्जरी कराने से पहले डॉक्टर से पूछ सकते हैं कि उन्होंने संबंधित ऑपरेशन कितनी बार किया है, लेकिन सिर्फ ऑपरेशन की संख्या से डॉक्टर की काबिलियत तय नहीं होती. यह जानना भी जरूरी है कि ऐसे ऑपरेशन में उन्होंने कितनी सफल सर्जरी की हैं और डॉक्टर का अपने मरीजों के साथ व्यवहार कैसा है.
4. अस्पताल और उसकी टीम कैसी है?
सफल इलाज में सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, बल्कि पूरी मेडिकल टीम की भूमिका होती है. खासकर बड़ी सर्जरी के लिए देखें कि अस्पताल में एनेस्थीसिया के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, इमरजेंसी सेवाएं कैसी हैं. अस्पताल में हाईजीन का कितना ध्यान रखा गया है और मरीज की केयर किस लेवल की होती है.
5. खर्च के बारे में खुलकर बात करें
अच्छा डॉक्टर मरीज को बीमारी के बारे में समझाता है. इलाज शुरू करने से पहले दवाओं, जांच, अस्पताल में भर्ती होने और सर्जरी का पूरा खर्च भी पूछें। यह भी जानें कि इलाज के बाद फॉलो-अप कब करना होगा.
6. गूगल रिव्यू के भरोसे न रहें
डॉ धीर कहते हैं कि गूगल रिव्यू देखना कोई बूरी बात नहीं है, लेकिन केवल इनके भरोसे ही डॉक्टर को इलाज के लिए फाइनल करना ठीक नहीं है. आजकल रिव्यू पेड भी होते हैं और खुद स्टाफ से भी लिखाए जाते हैं, ऐसे में ये जरूरी है कि सभी पैरामीटर को ध्यान में रखकर ही डॉक्टर को सलेक्ट करें.