आज की जेन जी के लिए पैसे कमाने के साथ-साथ उन्हें बचाना भी बड़ा चैलेंज बन गया है. ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी और हर महीने कटने वाले सब्सक्रिप्शन के बीच कई बार पता ही नहीं चलता कि पैसा कहां खर्च हो रहा है. 2026 में द गार्जियन की एक रिपोर्ट में भी फूड डिलीवरी पर बढ़ते खर्च को लेकर जेन जी के बीच चिंता की बात सामने आई. वहीं, मैकिंजी की 2025 की रिपोर्ट बताती है कि कम बचत होने के बावजूद युवा खर्च करने और कर्ज लेने के लिए तैयार रहते हैं.
आइए जानते हैं ऐसी 5 महंगी आदतों के बारे में, जिन पर कंट्रोल करके जेन जी अपने पैसे बचा सकती है.
1. बार-बार ऑनलाइन खाना मंगाना
थकान हो या खाना बनाने का मन न हो, फूड डिलीवरी ऐप खोलना आसान लगता है. लेकिन खाने की कीमत के साथ डिलीवरी चार्ज और दूसरी चीजें भी बिल बढ़ा देते हैं. 'द गार्जियन' की 15 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में बताया गया कि कई युवा डिलीवरी पर होने वाले खर्च को लेकर परेशान हैं. घर पर खाना बनाना या पहले से खाने की प्लान बनाना इस खर्च को कम कर सकता है.
2. बिना जरूरत ऑनलाइन शॉपिंग
सेल, डिस्काउंट और सोशल मीडिया पर दिखने वाले नए कपड़े खरीदने के लिए उकसाते हैं. मैकिंजी की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वे में शामिल जेन जी के बीच कपड़ों और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर खर्च करना सबसे ज्यादा फेमस है. जरूरत के बिना खरीदारी करने से बचने के लिए सामान खरीदने से पहले सोचें कि क्या उसकी सच में जरूरत है.
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3. हर ऐप का सब्सक्रिप्शन लेना
नेटफ्लिक्स, स्पॉटिफाय और दूसरे एंटरटेनमेंट ऐप्स का सब्सक्रिप्शन लेना आम बात है. लेकिन कई बार लोग ऐसे ऐप्स के लिए भी पैसे देते रहते हैं, जिनका यूज बहुत कम करते हैं. वीजा की मार्च 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वे में शामिल 93% जेन जी के पास कम से कम एक सब्सक्रिप्शन था. हर महीने आने वाले इन बिलों को टाइम-टाइम पर चेक करना जरूरी है.
4. EMI पर खरीदारी
अभी सामान खरीदो और बाद में पैसे दो, ये तरीका आसान लगता है. लेकिन एक साथ कई पेमेंट की तारीखें आने पर बजट बिगड़ सकता है. मैकेंजी की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सर्वे में शामिल 38% जेन जी ने पिछले तीन महीनों में सामान खरीदकर, बाद में उसका पेमेंट किया. इसलिए उधार पर खरीदारी करने से पहले अपनी कमाई और पेमेंट करने की क्षमता देखना जरूरी है.
5. स्ट्रेस में आकर पैसे खर्च करना
कभी खराब मूड ठीक करने के लिए शॉपिंग करना, तो कभी फेवरेट खाना मंगाना. कुछ टाइम के लिए इससे अच्छा लग सकता है, लेकिन बार-बार ऐसा करना जेब पर भारी पड़ सकता है. द गार्जियन की 2025 की रिपोर्ट में जेन जी के बीच स्ट्रेस में बिना काम की चीजें खरीदने की आदत का भी जिक्र है. ऐसे में कुछ खरीदने से पहले थोड़ा रुकना और सोचना जरूरी है.
आखिर में, पैसे बचाने के लिए हर खुशी छोड़ना जरूरी नहीं है. बस ये समझना जरूरी है कि कहां खर्च करना है और कहां रुकना है. छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके जेन जी अपने फ्यूचर के लिए बेहतर बचत कर सकती है.