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Gen Z FIRE Plan: 35 की उम्र में रिटायर होना चाहता है Gen Z! ऐसे बचा रहे पैसे

जेन जी अब 60 साल की उम्र तक नौकरी करने के पुराने तरीके को बदलना चाहती है. युवा SIP, शेयर बाजार और कमाई के अलग-अलग रास्तों के जरिए 35 से 40 साल की उम्र में आर्थिक आजादी हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं. इस सोच को FIRE मूवमेंट कहा जाता है. जानिए क्या है इसका गणित और कैसे युवा जल्दी रिटायरमेंट का सपना देख रहे हैं.

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क्या है जेन जी का FIRE प्लान?
क्या है जेन जी का FIRE प्लान?

2026 में 20 से 25 साल के भारतीय युवा रिटायरमेंट की पुरानी सोच बदल रहे हैं. पिछली पीढ़ियों, यानी जेन X और बेबी बूमर्स के लिए रिटायरमेंट का मतलब 60 साल की उम्र तक सरकारी या प्राइवेट नौकरी करना, प्रोविडेंट फंड यानी PF का पैसा लेना और फिर पेंशन के भरोसे बुढ़ापा बिताना था. अब युवा 30 की उम्र में पेंशन की फिक्र करने के बजाय 35 से 40 की उम्र में नौकरी छोड़ने का रास्ता तैयार कर रहे हैं.

इस सोच को फायर (Financial Independence Retire Early) मूवमेंट कहा जाता है, जिसका मतलब है आर्थिक आजादी हासिल करके जल्दी रिटायर होना. 22-25 साल के लड़के-लड़कियां SIP, शेयरों और ज्यादा काम से कमाई के दम पर कम उम्र में कर्ज मुक्त और फाइनेंशियल रूप से आजाद होने की तैयारी कर रहे हैं. उनका लक्ष्य 60 साल तक कॉरपोरेट नौकरी करने के बजाय 35 में रिटायरमेंट का ऑप्शन तैयार करना है.

फायर मूवमेंट का असली गणित

फायर का सीधा मतलब आर्थिक आजादी और जल्दी रिटायरमेंट है. इसका मतलब यह नहीं है कि 35 की उम्र के बाद कोई काम करना बंद करके आलसी हो जाए. इसका मकसद इतनी संपत्ति जमा करना है कि रोजी-रोटी चलाने के लिए मजबूरी में 9-से-5 की नौकरी न करनी पड़े.

आर्थिक आजादी मिलने के बाद कोई अपनी पसंद का काम कर सकता है. इसमें घूमना, पेंटिंग, फोटोग्राफी या समाज सेवा शामिल हो सकती है. इसके लिए महीने के आखिर में सैलरी आने या नहीं आने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी.

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50-30-20 के पुराने नियम की जगह ज्यादा बचत

पुरानी पीढ़ी अपनी कमाई का 20% बचाती थी. फायर मूवमेंट को अपनाने वाले जेन जी युवा अपनी सैलरी का 50% से 70% तक बचा और इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं. वे फिजूलखर्ची और दिखावे वाले महंगे ब्रांड पर पैसा खर्च करने के बजाय अनुशासित जीवन जी रहे हैं.

ये युवा अपने सालाना खर्च का 25 गुना फंड तैयार करने का लक्ष्य रखते हैं. इसे 25 गुना नियम कहा जाता है. उदाहरण के लिए, अगर किसी का सालाना खर्च 6 लाख रुपये है, तो उसका फायर लक्ष्य 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाना होगा.

सिर्फ सैलरी नहीं, SIP, इंडेक्स फंड और अतिरिक्त काम भी

जेन जी मानता है कि सिर्फ बैंक FD या बचत खाते में पैसा रखकर महंगाई को नहीं हराया जा सकता. इसलिए 22-24 साल के युवा नौकरी शुरू करते ही इन्वेस्टमेंट और कमाई के अलग रास्तों पर काम शुरू कर देते हैं.

इक्विटी म्यूचुअल फंड और SIP के जरिए वे कम्पाउंड ग्रोथ की ताकत का फायदा उठाने के लिए 10-15 हजार की SIP तुरंत शुरू कर देते हैं. वे लंबे वक्त के लिए कई गुना बढ़ने की संभावना वाले शेयरों और इंडेक्स फंड में भी निवेश करते हैं.

सिर्फ एक सैलरी पर निर्भर रहने के बजाय वे फ्रीलांस काम, कंटेंट तैयार करने या डिजिटल प्रोडक्ट्स के जरिए कमाई के दूसरे और तीसरे रास्ते बनाते हैं. इनसे बिना लगातार काम किए होने वाली कमाई तैयार करने की कोशिश की जाती है.

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नई पीढ़ी को बंधन नहीं, आजादी पसंद है

जेन जी ने अपने बड़ों को काम के दबाव से थकते, खराब बॉस कल्चर और बीमारियों से जूझते देखा है. इस पीढ़ी का मानना है कि वक्त और मेंटल पीस से बढ़कर कोई दौलत नहीं है.

फायर मूवमेंट का पूरा जोर ज्यादा बचत, निवेश, कमाई के कई रास्ते और सालाना खर्च का 25 गुना फंड तैयार करने पर है. इसके जरिए युवा कम उम्र में आर्थिक आजादी हासिल करना चाहते हैं, ताकि जिंदगी के अहम साल कॉर्पोरेट केबिन में बिताने के बजाय अपनी शर्तों पर जी सकें.

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