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BSE की बड़ी चेतावनी, ग्लोबल ETF में पैसे लगाने वाले रहें सावधान, अचानक गिर सकती है कीमत!

BSE ने कहा है कि जो निवेशक भारी प्रीमियम पर यूनिट खरीद रहे हैं, उन्हें कीमतों में अचानक गिरावट का जोखिम उठाना पड़ सकता है. खास बात है कि ये गिरावट विदेशी बाजारों में कमजोरी की वजह से नहीं, प्रीमियम खत्म होने की वजह से भी आ सकती है.

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विदेशी म्‍यूचुअल फंड में सावधानी से निवेश की सलाह. (Photo: File/ITG)
विदेशी म्‍यूचुअल फंड में सावधानी से निवेश की सलाह. (Photo: File/ITG)

विदेशी शेयरों में निवेश का आसान रास्ता माने जाने वाले इंटरनेशनल ETF में निवेश करने वालों के लिए BSE ने बड़ा अलर्ट जारी किया है. एक्सचेंज ने कहा है कि कुछ ओवरसीज ETF अपनी वास्तविक वैल्यू यानी नेट एसेट वैल्यू (NAV) से काफी ऊंचे दाम पर ट्रेड हो रहे हैं. ऐसे में बिना जांच-पड़ताल के निवेश करने वाले निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है.

BSE के मुताबिक कुछ इंटरनेशनल ETF की यूनिट्स अपने NAV की तुलना में भारी प्रीमियम पर बिक रही हैं, जबकि इनके अंडरलाइंग फंड की वैल्यू में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है यानी निवेशक जिस कीमत पर ETF खरीद रहे हैं, वो उसके वास्तविक मूल्य से काफी ज्यादा हो सकती है. 

प्रीमियम इतना ज्यादा क्यों हो गया?

इसकी सबसे बड़ी वजह ओवरसीज इनवेस्टमेंट लिमिट है. म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को विदेशों में निवेश के लिए जो सीमा मिली हुई है, वो पूरी तरह इस्तेमाल हो चुकी है. इस वजह से फंड हाउस नए ETF यूनिट नहीं बना पा रहे हैं. सप्लाई सीमित होने और मांग बढ़ने से इन ETF की बाजार कीमतें NAV से काफी ऊपर पहुंच गई हैं.

निवेशकों के लिए क्या है खतरा?

BSE ने कहा है कि जो निवेशक भारी प्रीमियम पर यूनिट खरीद रहे हैं, उन्हें कीमतों में अचानक गिरावट का जोखिम उठाना पड़ सकता है. खास बात है कि ये गिरावट विदेशी बाजारों में कमजोरी की वजह से नहीं, प्रीमियम खत्म होने की वजह से भी आ सकती है. अगर भविष्य में ओवरसीज इनवेस्टमेंट लिमिट बढ़ाई जाती है या ETF ट्रेडिंग से जुड़े नए नियमों का असर दिखता है, तो इन ETF का प्रीमियम तेजी से घट सकता है. ऐसे में बाजार भाव और NAV के बीच का अंतर कम होने पर कीमतों में तेज करेक्शन देखने को मिल सकता है.

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निवेश करने से पहले क्या करें?

BSE ने निवेशकों को सलाह दी है कि किसी भी इंटरनेशनल ETF में ऑर्डर लगाने से पहले उसका लेटेस्ट NAV जरूर जांचें. ये जानकारी स्टॉक एक्सचेंज, AMFI की वेबसाइट और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहती है. एक्सचेंज का कहना है कि केवल विदेशी बाजारों में निवेश का मौका देखकर ETF खरीदने की जगह उसकी असली वैल्यू और बाजार भाव के बीच का अंतर भी समझना जरूरी है. ऊंचे प्रीमियम पर की गई खरीदारी बाद में नुकसान का सौदा साबित हो सकती है.
 

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