दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार में जब भी घर खरीदने की बात आती है, तो आम तौर पर लोगों के मन में सबसे पहले गुरुग्राम या नोएडा का नाम आता है. हालांकि, इन चमक-दमक वाले इलाकों के बीच फरीदाबाद एक शांत और मजबूत विकल्प की तरह उभर रहा है.
आज के समय में ₹25 लाख से ₹40 लाख सालाना पैकेज वाले सर्विस क्लास के लिए घर की ईएमआई, बच्चों की पढ़ाई, छुट्टियां और भविष्य की सुरक्षा जैसे कई खर्चे एक साथ संतुलित करना एक बड़ी चुनौती है. दिल्ली, नोएडा या गुरुग्राम के मुख्य इलाकों में डेढ़ से पौने दो करोड़ रुपये में मनपसंद घर मिलना लगभग असंभव हो गया है. ऐसे में फरीदाबाद एक बड़ी राहत लेकर आता है, जहां इसी बजट में 2000 स्क्वायर फीट तक का बड़ा और आरामदायक घर आसानी से मिल जाता है.
गुरुग्राम जैसे इलाकों में जहां कम बजट के खरीदारों को डीलर्स तवज्जो नहीं देते, वहीं फरीदाबाद में खरीदार न केवल शानदार लाइफस्टाइल अपना सकते हैं, बल्कि भविष्य के लिए अपनी गाढ़ी कमाई भी बचा सकते हैं.
सेंट्रल लोकेशन और मजबूत होती कनेक्टिविटी
आजतक रेडियो के शो प्रॉपर्टी से फायदा में रियल एस्टेट एक्सपर्ट विनोद कुमार कक्कर ने बताया- 'फरीदाबाद को अब दिल्ली-एनसीआर का एक वास्तविक 'सेंटर पॉइंट' माना जा रहा है. यदि किसी परिवार में पति गुरुग्राम में नौकरी करता है, पत्नी नोएडा में कार्यरत है और बच्चा दिल्ली में पढ़ाई करता है, तो फरीदाबाद इन सभी दिशाओं में आने-जाने के लिए एक बेहतरीन सेंट्रल लोकेशन साबित होता है.'
इसके अलावा, गुरुग्राम-फरीदाबाद एलिवेटेड रोड का निर्माण पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे यह ग्रेटर नोएडा और नोएडा के बीच के फासले जितना आसान हो जाएगा. हालांकि जेवर एयरपोर्ट का सीधा लाभ यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा को मिलेगा, लेकिन बेहतर कनेक्टिविटी के चलते फरीदाबाद के रियल एस्टेट बाजार को भी 20 से 30 प्रतिशत का सकारात्मक बढ़ावा मिलेगा.
बिल्डर फ्लोर बनाम हाई-राइज अपार्टमेंट क्या चुनें?
विनोद बताते हैं कि फरीदाबाद में पारंपरिक रूप से बिल्डर फ्लोर्स का बोलबाला रहा है, लेकिन अब खरीदार अपनी पारिवारिक जरूरतों के हिसाब से चुनाव कर रहे हैं, बिल्डर फ्लोर विकल्प उन लोगों को ज्यादा आकर्षित करता है, जिन्हें बड़ा स्पेस चाहिए और जो जमीन पर मालिकाना हक चाहते हैं. मुख्य रूप से व्यापारी या कारोबारी वर्ग इसे प्राथमिकता देता है.
वहीं हाई-राइज अपार्टमेंट सर्विस क्लास के लिए अधिक उपयुक्त है, जिनके घरों में बच्चे या बुजुर्ग अकेले रहते हैं. इसमें 24/7 सुरक्षा, क्लब हाउस, पार्क और स्विमिंग पूल जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं. फरीदाबाद अब कंक्रीट का जंगल बनने से बच रहा है. यहां कम घनत्व वाले और हरियाली से भरपूर प्रोजेक्ट्स पर जोर दिया जा रहा है, ताकि खरीदार प्रदूषण भरी दिनचर्या से दूर अपने परिवार के साथ शांत और सुकून भरा समय बिता सकें.
सोहना बनाम फरीदाबाद: प्लॉट और फ्लोर का सही चयन
₹50 लाख से ₹1 करोड़ के सीमित बजट में अगर कोई निवेशक सिर्फ निवेश के उद्देश्य से संपत्ति देख रहा है, तो प्लॉट हमेशा फ्लोर की तुलना में बेहतर रिटर्न देता है. हालांकि, सोहना के बाहरी इलाकों में प्लॉट लेने के बजाय, यदि आप फरीदाबाद के विकसित सेक्टर्स में निवेश करते हैं, तो आपको समान बजट में बेहतर कनेक्टिविटी और अधिक मूल्यवृद्धि मिल सकती है. इसके अलावा, जो लोग नौकरी के सिलसिले में नोएडा या अन्य जगहों पर जाते हैं, उनके लिए सोहना के मुकाबले फरीदाबाद से आवागमन करना कहीं ज्यादा आसान होगा.
फरीदाबाद इस समय अपनी पुरानी औद्योगिक पहचान से बाहर निकलकर एक प्रीमियम और आधुनिक रिहायशी ठिकाने के रूप में तेजी से बदल रहा है. हालांकि इसे 'अगला गुरुग्राम' पूरी तरह बनने में अभी थोड़ा समय और लगेगा, क्योंकि इसके लिए यहां बड़े पैमाने पर कॉर्पोरेट हब और व्हाइट कॉलर नौकरियों के आने की आवश्यकता है.
यह भी पढ़ें: नोएडा एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें शुरू, रॉकेट की रफ्तार से बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के दाम!