यूपी के मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी अंकुश के भाई अंकित को गिरफ्तार कर लिया है. अंकित पीएसी 24वीं वाहिनी मुरादाबाद में तैनात था. आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसको जेल भेज दिया गया. दूसरी ओर तीन आरोपी के खिलाफ चर्चाशीट तैयार कर ली गई है.
दरअसल, गांव थिरोट निवासी ललिता गौतम परिवार के साथ रोहटा रोड पर गगन विहार कॉलोनी में रहती थी और आर जी कॉलेज में पढ़ती थी. 15 मई 2026 को ललिता लापता हो गई. 17 मई को ललिता की लाश गांव के जंगल में बरामद हुई. पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर टीपी नगर थाने में मुकदमा दर्ज कर अंकुश निवासी कल्याणपुरी को गिरफ्तार कर लिया.
इसी मामले में वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और मोबाइल सर्विलांस के जरिए अंकुश के भाई अंकित को भी आरोपी बनाया गया था. जिस खेत में लाश मिली थी उसके मालिक आदेश को भी पुलिस ने केस में आरोपी बनाया था. पुलिस ने अंकुश और आदेश को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अंकुश के भाई पीएसी जवान अंकित को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया.
बताया जा रहा है कि 11 मई को ललिता ने एक सुसाइड नोट लिखा था और इसी रोज आरोपी अंकित झूठ बोलकर अवकाश लेकर मेरठ आया था. आरोपी ने बताया था कि उसकी पत्नी गर्भवती है और 15 मई को प्रवास तिथि है. हालांकि गांव में जांच की तो खुलासा हुआ कि अंकित की पत्नी गर्भवती नहीं है. जिससे ये साफ हो गया कि अंकित ने अपने भाई अंकुश की ललिता की हत्या करने के साक्ष्य मिटाने में मदद की है.
वहीं, मृतक ललिता के पिता वेद प्रकाश गौतम ने वीडियो जारी कर कलेक्ट्रेट बवाल में दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए खारिज करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि 15 मई को उनकी बेटी की हत्या के बाद कार्रवाई न होने पर 8 जुलाई को डीएम ऑफिस पर शांतिपूर्ण धरना दिया गया था.
वेद प्रकाश का आरोप है कि एसएसपी ने उन पर, पीड़ित परिवार और लड़कियों पर लाठियां बरसाईं. साथ ही, डॉक्टर सुशील गौतम के नेतृत्व में चल रहे धरने से वकील सहित कई लोगों को पीटा गया और 17 लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कर 8 को जेल भेज दिया गया. उन्होंने जेल भेजे गए लोगों की तुरंत रिहा करने, फर्जी मुकदमा वापस लेने और ललिता को न्याय दिलाने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला, तो 20 तारीख के बाद एक बड़ा महा-आंदोलन किया जाएगा.