scorecardresearch
 

मकान मालिक के नाम लिया ₹18 करोड़ का लोन! दिल्ली के इस फ्रॉड से लें सबक

दिल्ली से जालसाजी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने मकान मालिकों की रातों की नींद उड़ा दी है. दिल्ली की एक महिला ने जिन लोगों को बड़ा बिजनेसमैन समझकर अपना फ्लैट किराए पर दिया था, उन्होंने महिला के जाली दस्तावेजों के दम पर अलग-अलग कंपनियों के नाम पर ₹18 करोड़ का कॉर्पोरेट लोन उठा लिया.

Advertisement
X
 रेंट एग्रीमेंट में क्या शर्तें होनी चाहिए (Photo-Pixabay)
रेंट एग्रीमेंट में क्या शर्तें होनी चाहिए (Photo-Pixabay)

दिल्ली की एक महिला के लिए अपना फ्लैट किराये पर देना जिंदगी का सबसे खतरनाक सबक बन गया है. महिला ने अपना फ्लैट बिजनेसमैन बताने वाले पुरुषों को किराए पर दिए थे और वो बड़े फ्रॉड का शिकार हो गई. इनमें से एक किराएदार ने महिला के नाम पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ₹18 करोड़ का लोन ले लिया.  जांचकर्ताओं ने बताया कि यह पैसा अलग-अलग कंपनियों के नाम पर लिया गया, फिर इसे 11 शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया और बाद में निकाल लिया गया. इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

दिल्ली की इस चौंकाने वाली घटना ने यह साफ कर दिया है कि आज के दौर में सिर्फ मकान किराए पर देना भी कितना बड़ा वित्तीय और कानूनी जोखिम बन सकता है. जालसाज अब केवल किराया हड़पने या कब्जा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मकान मालिकों की पहचान की चोरी कर उनके नाम पर करोड़ों के लोन तक उठा रहे हैं.

यह भी पढ़ें: सैलरी ₹32 लाख, फिर भी घर की EMI ने निकाला दम, युवक ने बयां किया दर्द

फ्रॉड से कैसे बचें ?

इस तरह के बड़े फ्रॉड से बचने के लिए मकान मालिकों को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर पूरी तरह सतर्क होना पड़ेगा. सबसे पहला और अनिवार्य कदम है पुलिस वेरिफिकेशन कराना, जिसे ऑनलाइन माध्यम से बेहद आसानी से पूरा किया जा सकता है. इसके साथ ही, किराएदार द्वारा दिए गए आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों की सिर्फ फोटोकॉपी पर भरोसा करने के बजाय, उनके ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स को देखना और सरकारी पोर्टल्स व क्यूआर कोड स्कैनर के जरिए उन्हें डिजिटली वेरिफाई करना बेहद जरूरी है.

Advertisement

सुरक्षा के लिहाज से रेंट एग्रीमेंट की भूमिका सबसे अहम होती है. मकान मालिकों को एग्रीमेंट में स्पष्ट रूप से यह क्लॉज शामिल करना चाहिए कि किराएदार उस प्रॉपर्टी के पते का इस्तेमाल किसी भी तरह के कमर्शियल लोन, बैंक खाता खोलने या नई कंपनी रजिस्टर्ड कराने के लिए बिल्कुल नहीं कर सकता. अगर किराएदार खुद को बड़ा बिजनेसमैन बताता है, तो मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA) की वेबसाइट पर जाकर उसकी कंपनियों की सत्यता की जांच जरूर करनी चाहिए.

यह भी पढ़ें: मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट से नहीं काट पाएंगे मनमाना पैसा, HC का फैसला
 
इसके अलावा, एक मकान मालिक के तौर पर आपको अपनी प्रॉपर्टी से पूरी तरह आंखें नहीं मूंदनी चाहिए. समय-समय पर वहां का दौरा करते रहें और आस-पड़ोस के लोगों से संपर्क बनाए रखें. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि साल में कम से कम दो बार अपनी खुद की सिबिल (CIBIL) रिपोर्ट जरूर चेक करते रहें, ताकि अगर आपके नाम पर कोई संदिग्ध या अनधिकृत लोन लेने की कोशिश की गई हो, तो उसकी जानकारी आपको तुरंत मिल सके और आप समय रहते कानूनी कदम उठा सकें.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement