भारतीय शेयर बाजार में सोवार को अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है. सेंसेक्स करीब एक हजार अंक टूट गया और निफ्टी में भी करीब 300 अंकों की गिरावट देखने को मिली. 1.30 बजे तक सेंसेक्स 930.80 अंक या 1.25 फीसदी टूटकर 73,798.47 पर आ गया, जबकि निफ्टी 278.40 अंक या 1.20 फीसदी गिरकर 22,867.75 पर बंद हुआ.
बीएसई टॉप 30 शेयरों में से 4 शेयर मामूली तेजी पर रहे, बाकी 26 शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली. सबसे ज्यादा गिरावट में योगदान HDFC बैंक ने दिया, जिसके तहत करीब 3 फीसदी गिर गए . इसके बाद एक्सिस बैंक करीब 4 फीसदी, इंफोसिस 3 प्रतिशत, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और बजाज फाइनेंस जैसे शेयर 2% से ज्यादा गिरा.
निवेशकों को 4 लाख करोड़ का नुकसान
इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों की कमाई में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली. बीएसई कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 472 लाख करोड़ रुपये से करीब 4 लाख करोड़ रुपये कम होकर 468 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया.
इन 4 कारणों से आई गिरावट
1. बैंक शेयरों में भारी गिरावट: प्राइवेट सेक्टर के बैंक HDFC बैंक की ओर से सप्ताह में वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करने के बाद बैंक शेयरों में 2 फीसदी की गिरावट आई और यह निफ्टी 50 में टॉप नुकसान उठाने वाले स्टॉक में शामिल हो गया. इसके साथ ही एक्सिस बैंक के शेयरों में भी 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही. इसके साथ ही कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी गिरावट रही.
2. कमजोर नजरिया: एशियाई शेयर बाजार का सबसे व्यापक इंडेक्स MSCI 0.5 प्रतिशत गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए 0.2 प्रतिशत की बढ़त पर पहुंच गया. जापान का निक्केई 225 वायदा 1.3 प्रतिशत फिसल गया, हांगकांग का हैंग सेंग वायदा 0.2 प्रतिशत गिर गया और शंघाई कंपोजिट भी 0.2 प्रतिशत नीचे आ गया. वहीं शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि AI से संबंधित IT शेयरों में फिर से बिकवाली शुरू हो गई और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है, जिस कारण भारतीय बाजार को भी एक झटका लगा है.
3. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें: ब्रेंट क्रूड 1.5 प्रतिशत गिरकर 108.27 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि WTI 0.6 प्रतिशत गिरकर 100.83 डॉलर प्रति बैरल हो गया. सोमवार की गिरावट के बावजूद, कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, और भू-राजनीतिक तनाव का प्रभाव बाजार के नजरिए पर बना रहा.
4. इंडिया में VIX में बढोतरी: भय सूचकांक, या अस्थिरता सूचकांक, लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर 14.52 के स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों के बीच अधिक अनिश्चितता को दर्शाता है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)