वेदांता लिमिटेड के चार शेयर हाल ही में लिस्ट हुए हैं, जिसके बाद से इन शेयरों में शानदार तेजी देखी गई है. इसमें से भी कुछ शेयर ऐस भी है, जिन्होंने निवेशकों के पैसे को 1 महीने में ही डबल कर दिया है. आज भी इसमें से तीन स्टॉक ने रिकॉर्ड हाई टच किया है.
वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड के शेयर 13.65 प्रतिशत बढ़कर 44.05 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए. वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड के शेयर 10 प्रतिशत बढ़कर 42.64 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए, जबकि वेदांता पावर लिमिटेड के शेयर 7.98 प्रतिशत बढ़कर 47.78 रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर आ गए. वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड और वेदांता के शेयरों ने भी 3.86 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की है.
डीमर्जर के बाद इन कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है. वेदांता ने चार कंपनियों को लिस्ट किया है, जिस कारण अब वेदांता ग्रुप की कुल पांच कंपनियां मार्केट में लिस्ट हो चुकी है. तेज उछाल के बावजूद, कुछ बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी कि वे तेजी का पीछा न करें और इसके बजाय शेयरों में गिरावट आने पर उन्हें खरीदें.
एक महीने में 2 शेयरों ने किया पैसा डबल
वेदांता ग्रुप की दो कंपनियां पिछले एक महीने से ही धुंआधार तेजी दिखा रही हैं. सबसे ज्यादा तेजी वेदांता असेट के शेयरों में देखी गई है, जो हर दिन अपर सर्किट लगा रहा है. पिछले एक महीने में ही इस शेयर ने निवेशकों के पैसे को डबल कर दिया है. यह एक महीने में 97 फीसदी चढ़ा है और लिस्ट होने के बाद से 148 फीसदी भागा है. आज भी यह 5 फीसदी के अपर सर्किट के साथ 85 रुपये पर कारोबार कर रहा है.
इसके अलावा, एक महीने के दौरान एक और शेयर ने निवेशकों के पैसे को डबल किया है. वह वेदांता आयरल एंड स्टील है, जिसने एक महीने में 113 फीसदी का रिटर्न दिया है और अभी 42 रुपये पर कारोबार कर रहा है. आज भी इसमें 10 फीसदी का अपर सर्किट लगा है. इसने एक हफ्ते में 42 फीसदी की उछाल दर्ज की है.
इस तेजी पर क्या कह रहे एक्सपर्ट्स?
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुख्य रिसर्च अधिकारी रवि सिंह ने बताया कि वेदांता के विविलय के बाद चुनिंदा स्वतंत्र संस्थाओं के प्रति निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने यह भी कहा इतनी तेजी के बाद शॉर्ट टर्म में गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता है. मिड से लॉन्गटर्म नजरिए वाले निवेशक शेयर को अपने पास रख सकते हैं, क्योंकि कंपनी का इंफ्रा मजबूत है.
गिरावट पर खरीदने की सलाह
नए निवेशकों को तेजी के पीछे भागने से बचना चाहिए और इसके बजाय बेहतर जोखिम-लाभ अवसर के लिए गिरावट के समय खरीदारी करने पर ध्यान देना चाहिए. वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी स्ट्रैटेजी निदेशक क्रांति बाथिनी ने भी इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी निवेश करने के लिए, मैं कंपनियों के प्रदर्शन का आकलन करने हेतु कुछ तिमाही परिणामों का इंतजार करना पसंद करूंगा. उन्होंने आगे कहा कि निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को 'गिरावट आने पर खरीदें' की रणनीति अपनाने पर विचार करना चाहिए.
इस बीच, एमके ग्लोबल ने वेदांता एल्युमिनियम पर 'बाय' कॉल और 550 रुपये के टारगेट के साथ कवरेज शुरू किया है. ग्रुप के फ्यूचर के रोडमैप पर कमेंट करते हुए वेदांता ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैंन अनिल अग्रवाल ने कहा कि इस बंटवारे से महत्वपूर्ण विकास क्षमता वाले केंद्रित व्यवसाय बने हैं.
(नोट- किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)