अमेरिकी शेयर बाजार में हाहाकार (US Stock Market Crash) मचा नजर आया है और ये हुआ है राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के करीबी माने जाने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व यानी US Fed चेयरमैन केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के एक फैसले के बाद. दरअसल, 29 जुलाई को अमेरिका में फेड ने दो दिवसीय बैठक के बाद पॉलिसी रेट्स (US Policy Rate) पर अपना निर्णय सुनाया और इस बार भी बेंचमार्क ब्याज दरों को 3.5%-3.75% पर यथावत रखा गया. यानी इनमें किसी भी तरह का कोई परिवर्तन नहीं हुआ. इसके बाद कटौती की आस लगाए अमेरिकी शेयर बाजार में जैसे भूचाल आ गया. डाउ जोंस, नास्डैक से लेकर एसएंडपी-500 तक सभी इंडेक्स भरभराकर टूट गए.
लगातार चौथी बार Rate स्थिर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक में लगातार चौथी बार ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया गया. अमेरिका में महंगाई दर बीते पांच सालों से ज्यादा समय से यूएस फेड के तय लक्ष्य 2 फीसदी से ऊपर है. रिपोर्ट की मानें, तो बैठक में मौजूद तीन अधिकारियों ने महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था. हालांकि, फेड चेयरमैन ने जो फैसला सुनाया उसके मुताबकि, US Policy Rate में कोई बदलाव नहीं किया गया. बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति कम ब्याज दरों की वकालत करते हुए कहते नजर आए थे कि US में ब्याज दरें सबसे कम होनी चाहिए.
इधर फैसला, उधर बिखरा US का बाजार
US Fed के ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले और महंगाई से जुड़ी चिंताओं का तत्काल असर वॉल स्ट्रीट पर देखने को मिला और अमेरिकी शेयर बाजारों में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली. Dow Jones इंडस्ट्रियल 2,19 फीसदी या 1153 अंक की बड़ी गिरावट लेकर 51,594 पर क्लोज हुआ, तो वहीं NASDAQ इंडेक्ट 1.74 फीसदी या 434 अंक फिसलकर 24,443 पर आ गया. S&P-500 की बात करें, तो इसमें 112 अंक या 1.52 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और ये फिसलते हुए 7316 पर क्लोज हुआ.

अमेरिकी Dollar का भी बुरा हाल
अमेरिकी फेड की बैठक के बाद जहां अमेरिकी शेयर बाजार में चौतरफा गिरावट देखने को मिली है, तो वहीं चिप शेयरों में गिरावट, मिडिल ईस्ट तनाव, बॉन्ड यील्ड में तेजी की मार भी जोरदार तरीके से पड़ी है. दूसरी ओर डॉलर इंडेक्स लगातार दूसरे दिन भी कमजोर होकर 101 के नीचे बंद हुआ. 30 साल की बॉन्ड यील्ड 5.2% के पार निकल गई, जो 2007 के बाद सबसे हाई है.
कच्चे तेल की कीमतों में उबाल
जहां अमेरिकी शेयर बाजारों और डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है, तो वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उथल-पुथल मची हुई है. खबर लिखे जाने तक मिडिल ईस्ट में फिर से गहराई टेंशन के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत जोरदार तेजी के साथ फिर से 90 डॉलर प्रति बैरल को टच कर गई. तेल की कीमतों में आए उबाल से दुनिया में फिर महंगाई का जोखिम बढ़ा है.