चिल्ला नहीं सकते, अपनों को जान बचाने के लिए बुला नहीं सकते... इंसान और जानवर में यही फर्क है. भारतीय रेलवे ने एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसे देखकर आप भी इमोशनल हो जाएंगे. दरअसल, गुजरात के वांसजालिया-राणावाव रेल खंड से इंसानियत की मिसाल पेश करने वाला एक मामला सामने आया है. एक लोको पायलट की सूझबूझ ने एक बेज़ुबान ऊंट को मौत के मुहाने से वापस खींच लिया.
क्या थी दिल को झकझोर देने वाली घटना?
अचानक एक ऊंट अनजाने में रेलवे ट्रैक पर आ गया और पटरियों के बीच इस तरह बुरी तरह फंस गया कि उसका निकलना नामुमकिन हो गया. वहीं उसी ट्रैक पर तेजी से दौड़ती हुई ट्रेन संख्या- 19015 (सौराष्ट्र एक्सप्रेस) आ रही थी. जहां एक सेकंड की लापरवाही भी दर्दनाक हादसे में बदल सकती है. लेकिन अचानक लोको पायलट को दूर ट्रैक पर एक ऊंट दिखा, जो ट्रैक पर फंसा हुआ था. ये ट्रेन दादर से पोरबंदर की ओर जा रही थी.
इंसानियत और जेसीबी (JCB) का अनोखा रेस्क्यू
बिना एक पल गंवाए, पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए और ट्रेन को ऊंट से कुछ पर ही रोक दिया. ट्रेन रोक देना ही काफी नहीं था, असली चुनौती उस भारी-भरकम और दर्द से कराहते ऊंट को पटरियों से सुरक्षित बाहर निकालने की थी. आप वीडियो में देख सकते हैं कि लोको पायलट खुद ट्रेन से नीचे उतरा और स्थिति का जायजा लिया. बेज़ुबान की आंखों में जिंदगी बचाने की गुहार और खौफ साफ दिखाई दे रहा था.
लोको पायलट ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और बचाव टीम से संपर्क किया, इसके बाद मौके पर एक JCB बुलाई गई. रेस्क्यू टीम ने सावधानी के साथ जेसीबी की मदद से ऊंट को रस्सी से बांधकर धीरे-धीरे पटरियों से बाहर निकाला. पूरे ऑपरेशन के दौरान यह ध्यान रखा गया कि ऊंट को कोई और गंभीर चोट न आए.
रेस्क्यू सफल होते ही ट्रेन आगे बढ़ी, हर कोई लोको पायलट के इस नेक कार्य की तारीफ कर रहा है. यह घटना सिर्फ एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं थी, बल्कि यह इस बात की जिंदा मिसाल है कि सूझबूझ से बड़ी से बड़ी त्रासदी को भी टाला जा सकता है. रेलवे का कहना है कि सुरक्षित सफर पहली प्राथमिकता है.