बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. पानी बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए पटना समेत आठ जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है. जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पटना के गांधी घाट पर गंगा का पानी गुरुवार रात हाइएस्ट फ्लड लेवल HFL को पार कर सकता है. वहीं पटना जिले के मोकामा स्थित हाथीदह में शुक्रवार दोपहर के आसपास गंगा के HFL पार करने का अनुमान है. गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है. आपदा प्रबंधन विभाग ने भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद के अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.
आपदा प्रबंधन विभाग ने इन सभी जिलों के प्रशासन को संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पहले से तैयारी रखने को कहा है. खास तौर पर नदी किनारे बसे इलाकों और निचले क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन को कहा गया है कि ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते गंगा के बढ़ते जलस्तर की जानकारी दी जाए. लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद लेने को कहा गया है. इसके अलावा मीडिया, सोशल मीडिया और पब्लिक अनाउंसमेंट के जरिए भी लोगों को गंगा के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी के बारे में बताया जाएगा. प्रशासन का मकसद है कि अगर किसी इलाके में बाढ़ की स्थिति बनती है तो लोगों को समय रहते सावधान किया जा सके.
निचले इलाकों पर खास नजर
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका बनी हुई है. इसी वजह से अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन से कहा गया है कि संभावित बाढ़ की स्थिति बनने पर जरूरत के मुताबिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखी जाए. राहत और बचाव के लिए SDRF और NDRF की मदद ली जाएगी. प्रशासन को स्थिति के अनुसार इन टीमों की सहायता लेने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी भी तरह की जरूरत सामने आने पर राहत और बचाव की कार्रवाई में देरी न हो.
फिलहाल पटना के गांधी घाट और मोकामा के हाथीदह में गंगा के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है. जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक गांधी घाट पर गुरुवार रात गंगा का पानी HFL पार कर सकता है. वहीं हाथीदह में शुक्रवार दोपहर के आसपास HFL पार करने का अनुमान है. इन दोनों स्थानों पर जलस्तर की स्थिति प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है. इसी वजह से लगातार निगरानी की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को किसी भी बदलाव की जानकारी तुरंत लेने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं.
तटबंधों की भी लगातार निगरानी
गंगा का पानी बढ़ने के बीच जल संसाधन विभाग की टीमों को भी अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है. टीमों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं. अगर कहीं किसी तरह की परेशानी सामने आती है तो तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है. प्रशासन की कोशिश है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी संभावित परेशानी से पहले ही निपटने की तैयारी रखी जाए. इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
लोगों से नदी और घाटों से दूर रहने की अपील
गंगा का पानी बढ़ने के बीच आपदा प्रबंधन विभाग ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. लोगों से कहा गया है कि वे बिना जरूरत नदी, घाट, तटबंध या निचले इलाकों में न जाएं. बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को नदी और पानी भरे इलाकों से दूर रखने की सलाह दी गई है. लोगों से गंगा में नहाने और तैरने से बचने को भी कहा गया है. प्रशासन ने बिना जरूरत नाव से सफर नहीं करने की सलाह दी है. इसके साथ ही नदी के किनारे सेल्फी लेने जैसी जोखिम वाली गतिविधियों से भी दूर रहने को कहा गया है. बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन का कहना है कि लोग किसी भी तरह का जोखिम न लें और सावधानी बरतें.
प्रशासन ने नदी के आसपास और संभावित प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से जरूरी सामान पहले से तैयार रखने को कहा है. इसमें जरूरी कागजात, दवाइयां, मोबाइल फोन, टॉर्च और पीने का पानी शामिल है. लोगों को सलाह दी गई है कि इन जरूरी सामानों को ऐसी जगह रखें, जहां जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से साथ लेकर सुरक्षित स्थान पर जाया जा सके. प्रशासन की ओर से संभावित स्थिति को देखते हुए लोगों को पहले से तैयार रहने के लिए कहा गया है.
अफवाहों से बचने की अपील
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. बाढ़ और जलस्तर से जुड़ी जानकारी के लिए केवल जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने को कहा गया है. अगर गंगा का पानी और बढ़ता है और किसी इलाके में बाढ़ की स्थिति बनती है तो लोगों को प्रशासन और राहत-बचाव टीमों के निर्देशों का तुरंत पालन करने को कहा गया है. फिलहाल प्रशासन की नजर गंगा के जलस्तर पर बनी हुई है. पटना के गांधी घाट और मोकामा के हाथीदह में पानी की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है. साथ ही भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखा गया है.