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UPI पर चार्ज से हैं कंफ्यूज? PhonePe के CEO ने बताया एक-एक सच!

फोनपे के सीईओ समीर निगम ने यूपीआई एमडीआर को लेकर सारा कंफ्यूजन दूर कर दिया है. उन्‍होंने आजतक के साथ बातचीत में सच को सामने रखा है और बताया कि एमडीआर किसपर, क्‍या और कितना लगेगा? आइए जानते हैं पूरी डिटेल...

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फोनपे के सीईओ समीर निगम. (Photo: Sameer Nigam/X)
फोनपे के सीईओ समीर निगम. (Photo: Sameer Nigam/X)

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI)  पर सरकार ने MDR चार्ज का ऐलान कर दिया है, जो 2000 रुपये से ज्‍यादा के ट्रांजेक्‍शन पर 0.40 फीसदी लगेगा. UPI पर चार्ज का ये नियम 15 अक्‍टूबर 2026 से लागू हो जाएगा. 

सरकार के इस ऐलान के बाद बहुत से लोगों को ये कंफ्यूजन है कि अगर UPI पर एमडीआर लागू होता है तो इसका असर क्‍या होगा? क्‍या ग्रहाकों को इसपर कुछ देना होगा या फिर छोटे व्‍यवसायों पर भी इसका असर होगा? PhonePe के CEO समीर निगम ने Aajtak से हु्ई बातचीत में सभी बातों को स्‍पष्‍ट किया है. आइए जानते हैं... 

फोनपे के सीईओ ने क्‍या दी जानकारी? 

  1. छह साल से UPI पर पेमेंट इंडस्ट्री के लिए पर्याप्त रेवेन्यू मॉडल नहीं था, जो बहुत जरूरी था और अब इसे लाया गया है. उन्‍होंने कहा है कि इससे UPI से पेमेंट हासिल करने वाले कुल 4 फीसदी यूजर ही प्रभावित होंगे. 96 फीसदी को छूट रहेगी. 
  2. ग्राहक के लिए UPI पूरी तरह मुफ्त रहेगा. MDR केवल चुनिंदा मर्चेंट भुगतानों पर होगा. अगर 1 लाख रुपये से ज्‍यादा मंथली QR कोड से पेमेंट हासिल करते हैं तो आपको 2000 रुपये से ज्‍यादा के पेमेंट पर 0.40 फीसदी का चार्ज देना होगा. 
  3. क्‍लेम की 96% UPI ट्रांजैक्शन ₹2,000 से कम हैं और उन पर MDR नहीं लगेगा. इसका मतलब है कि एक बड़े स्‍तर पर यूपीआई से पेमेंट हासिल करने वाले व्‍यापारियों को छूट दी गई है. 
  4. सामान्य मर्चेंट कैटेगरी में अधिकतम 0.4% MDR प्रस्तावित है. इससे ज्‍यादा का एमडीआर नहीं लिया जाएगा. 
  5. पेट्रोल, बीमा और बिल भुगतान जैसी आवश्यक सेवाओं में ₹5 की अधिकतम सीमा बताई गई है.
  6. कैपिटल मार्केट भुगतान पर 0.02% और बड़ी खरीद पर अधिकतम ₹300 का दावा किया गया है. 
  7. UPI का MDR क्रेडिट-डेबिट कार्ड और वॉलेट की तुलना में कम रखा गया है, जिसका मतलब है कि यूपीआई से ट्रांजेक्‍शन हासिल करने वाले यूजर्स को आज भी UPI सस्‍ता पड़ेगा. 
  8. इस शुल्क से बैंक और पेमेंट कंपनियां सुरक्षा, फ्रॉड मैनेजमेंट, KYC, सर्वर और तकनीकी ढांचे में निवेश कर सकेंगी. 
  9. वॉलेट-UPI इंटरऑपरेबिलिटी और कुछ बिल-पेमेंट कैटेगरी की दरें अभी स्पष्ट नहीं हैं. 
  10. एक्‍सपर्ट्स ने प्रस्तावित व्यवस्था को ग्राहक, छोटे दुकानदार और पेमेंट इंडस्ट्री के बीच एक संतुलित मॉडल बताया है. 
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