यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) 2016 में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित एक इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम है. इंटरफेस इंटर-बैंक पीयर-टू-पीयर (P2P) और व्यक्ति-से-व्यापारी ( P2M) लेनदेन है. इसका इस्तेमाल मोबाइल पर दो बैंक खातों के बीच इंस्टेंट पेमेंट करने के लिए किया जाता है.
इसके लिए आपका मोबाइल नंबर बैंक के साथ पंजीकृत होना चाहिए. पेमेंट प्राप्तकर्ता की UPI आईडी का इस्तेमाल पैसे ट्रांसफर करने के लिए किया जा सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इसको रेग्यूलेट करता है. भारतीय बैंकों ने 25 अगस्त 2016 को अपने UPI-सक्षम ऐप्स को Google Play Store पर उपलब्ध कराना शुरू किया था.
UPI ने भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. इसकी सरलता, सुरक्षा और त्वरित भुगतान की विशेषता इसे दुनिया के सबसे सफल डिजिटल भुगतान प्लेटफार्मों में से एक बनाती है. सरकार और NPCI समय-समय पर इसमें सुधार और नई सुविधाएं जोड़ रहे हैं, जिससे यह और अधिक सुरक्षित, तेज और उपयोगी बनता जा रहा है.
UPI से कुछ लोकप्रिय ऐप्स भी जुड़े हैं जिनमें BHIM UPI, Google Pay, PhonePe, Paytm और Amazon Pay मुख्य हैं.
EPFO ATM-UPI Withdrawal Update: ईपीएफओ इसी महीने पीएफ निकासी से जुड़ी बड़ी सुविधा मिल सकती है. लेबर मिनिस्ट्री की ओर से आए अपडेट्स के मुताबिक, जून के आखिर तक PF का पैसा ATM और UPI के जरिए निकलना शुरू हो सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने कई अहम फैसले लिए हैं. इस बातचीत के बाद वार्षिक व्यापार को अगले पांच सालों में मौजूदा 16 अरब डॉलर से दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है.
ईपीएफओ ने जॉब डाटा शेयर किया है. जून महीने के दौरान 19 लाख सदस्य ईपीएफओ से जुड़े हैं और कई ऑनलाइन सर्विस को अपडेट किया गया है.
Rule Change From 1st June: देश में जून महीने की पहली तारीख से कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं. तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा (LPG Price Hike) कर झटका दिया है, तो मारुति की कारें भी महंगी हो गई हैं.
1 जून 2026 से देश में कई बड़े बदलाव लागू हुए हैं. कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा हुआ, मारुति कारों की कीमतें बढ़ीं, UPI नियम बदले और बैंकिंग से जुड़े नए नियम प्रभावी हो गए. अब UPI ट्रांजैक्शन के दौरान भुगतान से पहले प्राप्तकर्ता का बैंक खाते में दर्ज नाम दिखाई देगा, जिससे गलत खाते में पैसे भेजने की संभावना कम होगी
ईपीएफओ जल्द ही EPFO 3.0 प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी में है, जिससे पीएफ निकासी की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और तेज हो सकती है. नए सिस्टम के तहत यूपीआई के जरिए सीधे बैंक खाते में राशि ट्रांसफर करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है. हालांकि, खाताधारकों को पूरी जमा राशि निकालने की अनुमति नहीं होगी. नियमों के अनुसार कुल फंड का एक हिस्सा रिटायरमेंट सुरक्षा के लिए खाते में बनाए रखना अनिवार्य रहेगा.
PF UP Withdrawal Service Soon: देश के 7 करोड़ से ज्यादा ईपीएफओ ग्राहकों को अब पीएफ के पैसों की निकासी के लिए इंतजार नहीं करना होगा. यूपीआई के जरिए पीएफ निकासी की टेस्टिंग पूरी कर हो गई है और ये सुविधा जल्द शुरू किए जाने की तैयारी है.
EPFO ने UPI के जरिए PF निकासी सिस्टम की टेस्टिंग पूरी कर ली है. जल्द ही सदस्य मोबाइल से कुछ क्लिक में सीधे बैंक खाते में PF पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे. इसके अलावा EPFO जल्द व्हाट्सएप आधारित सेवाएं भी शुरू कर सकता है, जिससे बैलेंस चेक और ट्रांजैक्शन जानकारी जैसी सुविधाएं आसान हो जाएंगी
दुनिया भर के इंटरनेट की चाबी क्या ईरान के पास है? दरअसल ईरान की तरफ से कहा जा रहा है कि स्ट्रेट ऑफ हर्मुज से गुजरने वाले अंडरसी केबल का मेंटेनेंस वही करेगा. टेक कंपनियों को ईरान का नियम भी फॉलो करना होगा.
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस ने नकली नंबर प्लेट, घिसे चेसिस नंबर और UPI ट्रांजैक्शन के जरिए तीन संदिग्धों तक पहुंच बनाई. जानिए कैसे सुलझी हाई प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री.
अब यूपीआई पिन के बिना भी ऑनलाइन पेमेंट हो सकता है, क्योंकि आईसीआईसीआई और फोनपे जैसे प्लेटफॉर्म ने नए फीचर्स की शुरुआत की है. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी डिटेल...
भारत में यूपीआई पेमेंट सिस्टम तेजी से बदल रहा है और अब बायोमेट्रिक आधारित पेमेंट की शुरुआत हो गई है. इससे यूजर्स बिना पिन डाले आसानी से भुगतान कर सकेंगे. यह सुविधा छोटे लेन-देन को तेज और सुरक्षित बनाएगी. फिंगरप्रिंट और फेस रिकग्निशन जैसे विकल्प डिजिटल ट्रांजैक्शन को और सुविधाजनक बनाते हैं, जिससे यूजर एक्सपीरियंस में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.
EPFO Rule Change Update: ईपीएफओ अपने मेंबर्स के लिए कई बड़े बदलाव करने वाला है. इसमें ATM-UPI के जरिए पीएफ खाते में जमा रकम की निकासी से लेकर निष्क्रिय खातों को फिर से एक्टिव करना शामिल है. वहीं EPS-95 के तहत पेंशन राशि भी बढ़ सकती है.
ईपीएफओ में होने वाले बदलाव कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकते हैं. पेंशन बढ़ोतरी से लेकर पीएफ निकासी को आसान बनाने तक कई अहम फैसलों पर विचार हो रहा है. बंद पड़े खातों को फिर से चालू करने और डिजिटल सुविधाओं को बढ़ाने से लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा. आने वाले समय में ये बदलाव वित्तीय सुरक्षा और सुविधा दोनों को मजबूत करेंगे.
RBI Auto Debit Rule Change: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ऑटो डेबिट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है और इनके चलते अब ग्राहकों के हाथ में ज्यादा कंट्रोल दिया गया है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक डिस्कशन लेटर जारी किया है, जिसमें UPI को लेकर एक जरूरी बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है. RBI चाहता है कि साइबर ठगी को रोकने के लिए बड़ी पेमेंट्स में 1 घंटे की देरी का फॉर्मुला लागू किया जाए. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
RBI ने साइबर ठगी रोकने के लिए UPI पेमेंट्स पर नया प्रस्ताव दिया है. 10,000 रुपये से ज्यादा के P2P ट्रांजैक्शन में 1 घंटे की देरी हो सकती है, जिससे यूजर्स को ट्रांजैक्शन रिव्यू और कैंसिल करने का मौका मिलेगा. QR पेमेंट और ऑटो डेबिट पर इसका असर नहीं होगा.
देश में टोल सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए लागू किए गए नए FASTag नियमों ने यात्रियों के लिए भुगतान का तरीका बदल दिया है. अब कैश पेमेंट बंद होने से बिना FASTag या कम बैलेंस पर यात्रा महंगी पड़ सकती है. यह व्यवस्था ट्रैफिक जाम कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लाई गई है, जिससे हाईवे सफर ज्यादा तेज और सुगम बन सके.
EPFO 3.0 के तहत PF निकासी और पेंशन सिस्टम में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. अब UPI से विड्रॉल, 5 लाख तक ऑटो क्लेम सेटलमेंट और आसान डिजिटल एक्सेस मिलेगा।.इससे कर्मचारियों को तेजी से पैसा मिलेगा और पेपरवर्क व नियोक्ता पर निर्भरता कम होगी.
नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरू होने के साथ ही आज से कई नियमों में बदलाव हो गया है. अप्रैल यानी आज से इनकम टैक्स, ग्रेच्युटी, सैलरी, यूपीआई, रेलवे टिकट और फास्टैग से जुड़े कई नियमों में बदलाव हो रहा है. जिसका सीधा असर हमारी और आपकी जेब पर भी पड़ेगा. जानें आज से क्या-क्या बदलेगा?
1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका असर आम लोगों के बजट पर पड़ सकता है. सबसे पहले, ATM नियमों में बदलाव हुआ है. HDFC बैंक ने कहा है कि अगर आप एटीएम से यूपीआई का यूज करके कैश निकालते हैं तो उसे एटीएम फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के तहत गिना जाएगा. जबकि पहले अलग से लिमिट थी. कुछ बैंकों ने डेली विड्रॉल लिमिट भी घटाई है