अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध (US-Iran War) से गहराई मिडिल ईस्ट टेंशन का असर दुनिया ने देखा है. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से खासतौर पर क्रूड आयात पर निर्भर देशों में मुसीबत बढ़ी और जनका पर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से लेकर महंगाई के कई अटैक हुए. इन सब ग्लोबल टेंशन का केंद्र बना है होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait), जो दुनिया की कुल तेल जरूरत का करीब 20% पूरा करने में अहम रोल निभाता है.
अब होर्मुज स्ट्रेट फिर से ओपन हो सकता है, वो भी महज सात दिनों में और इसके लिए सिर्फ एक ही शर्त है. ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ने उसकी ये शर्त मानी तो फिर Hormuz Tension खत्म हो सकता है.
होर्मुज में हमलों के बीच बड़ी खबर
ईरान की सैन्य केंद्रीय कमान के मुताबिक, उसे बताया गया है कि अमेरिका क्षेत्रीय देशों के समर्थन से सैन्य अभियान फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहा है. लेकिन, एक वरिष्ठ ईरान अधिकारी ने मंगलवार को कहा है कि अगर अमेरिका ईरान की एक शर्त पूरी कर देता है, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल सकता है. खास बात ये है कि ये बयान ऐसे समय में आया है, जबकि इस स्ट्रेटिजिक ऑयल रूट से माल ढुलाई में भारी गिरावट आई है और हाल ही में स्ट्रेट पार करते समय दो जहाजों पर हमले होने की सूचना मिली है.
होर्मुज में जारी टेंशन के चलते तेल के जहाजों की आवाजाही पर बुरे असर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को मालवाहक जहाजों की आवाजाही सोमवार को ही एक दिन पहले के 10 से घटकर दो रह गई, जो दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा मार्गों में से एक पर बढ़ते दबाव के जारी रहने की ओर इशारा करता है.
होर्मुज में हमलों के बीच बड़ी खबर
ईरान की सैन्य केंद्रीय कमान के मुताबिक, उसे बताया गया है कि अमेरिका क्षेत्रीय देशों के समर्थन से सैन्य अभियान फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहा है. लेकिन, एक वरिष्ठ ईरान अधिकारी ने मंगलवार को कहा है कि अगर अमेरिका ईरान की एक शर्त पूरी कर देता है, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल सकता है. खास बात ये है कि ये बयान ऐसे समय में आया है, जबकि इस स्ट्रेटिजिक ऑयल रूट से माल ढुलाई में भारी गिरावट आई है और हाल ही में स्ट्रेट पार करते समय दो जहाजों पर हमले होने की सूचना मिली है.
होर्मुज में जारी टेंशन के चलते तेल के जहाजों की आवाजाही पर बुरे असर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को मालवाहक जहाजों की आवाजाही सोमवार को ही एक दिन पहले के 10 से घटकर दो रह गई, जो दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा मार्गों में से एक पर बढ़ते दबाव के जारी रहने की ओर इशारा करता है.
ईरान ने क्या रखी है शर्त?
रॉयटर्स की रिपोर्ट में एक ईरानी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि अगर अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटा देता है, तो वह 7 दिनों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोल देगा. उन्होंने बताया है कि, 'तेहरान चाहता है वाशिंगटन आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट करे कि वह राजनयिक समाधान चाहता है और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक समयसीमा पर सहमति भी बनाए.'
ट्रंप से नहीं मिलेंगे पेजेश्कियन!
ईरानी सीनियर ऑफिशियल का कहना है कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका के साथ कूटनीति को फिर से शुरू करने का पूरा अधिकार है. उन्होंन बताया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, जो मंगलवार सुबह तेहरान से न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुए, UN हेडक्वार्टर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात नहीं करेंगे.
अधिकारी ने आगे कहा कि वाशिंगटन के साथ शत्रुता खत्म करने से जुड़े समझौते की डिटेल पर न्यूयॉर्क में मध्यस्थों के जरिए चर्चा की जा सकती है. हालांकि, तेहरान का प्रस्ताव 16 सितंबर को ही अमेरिका को सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका इस मामले में ठोस कदम उठाता है, तो तेहरान स्वागत करेगा.
रोजाना 125 से 2 जहाजों तक आवाजाही
बीते 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका ने ईरान पर एयर स्ट्राइक शुरू की थी. जहाजों की होर्मुज में आवाजाही के आंकड़ों पर नजर डालें, तो US-Iran War की शुरुआत से पहले होर्मुज स्ट्रेट से आम तौर पर प्रतिदिन लगभग 125 बड़े कमर्शियल जहाज गुजरते थे, जिनमें टैंकर, गैस वाहक, बल्कर और कंटेनर शिप शामिल थे. ये दुनिया की दैनिक कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा थे. वहीं अब इन जहाजों की संख्या सिर्फ 2 रह गई है.
ईरान ने ये चेतावनी भी दी
एक ओर जहां ईरान ने होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका के सामने एक शर्त रखी है, तो वहीं बीते रविवार को ईरान की सैन्य केंद्रीय कमान ने कहा था कि उसे सूचना मिली है कि अमेरिका क्षेत्रीय देशों के समर्थन से सैन्य अभियान फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहा है. इसे लेकर ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के कदम से तेहरान बिना किसी लिमिट और विचार के जवाबी कार्रवाई करेगा.