पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है. अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे प्रधान को मंगलवार की सुनवाई में तत्काल कोई राहत नहीं मिली. हालांकि, जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा कि मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने दिया जाए. मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी.
सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि प्रधान के खिलाफ कुल 11 आपराधिक मामले थे. इनमें जिन पांच मामलों में उन्हें गिरफ्तार किया गया है, उनके अलावा छह अन्य मामलों को लेकर फिलहाल उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की आशंका नहीं है. इन छह मामलों में से पांच को पिछली सरकार वापस ले चुकी थी, जबकि नंदीग्राम थाने में दर्ज एक अन्य मामले में प्रधान आरोपी नहीं हैं.
इसके बाद अदालत ने कहा कि इन छह मामलों को लेकर फिलहाल अलग से कोई आदेश पारित करने की जरूरत नहीं है. जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार से मौखिक रूप से कहा कि अगर प्रधान को उन मामलों में जमानत मिल जाती है, जिनमें उन्हें गिरफ्तार किया गया है, तो उन्हें ठीक तरह से चुनाव लड़ने दिया जाए. हालांकि, अदालत की ओर से इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया.
मिलन प्रधान को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था. हल्दिया सब-डिविजनल कोर्ट ने उन्हें 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े चार मामलों में लंबित गैर-जमानती वारंट के आधार पर 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था. इसके बाद कांथी की अदालत ने करीब दो दशक पुराने एक अन्य मामले में उन्हें 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
प्रधान के वकील अयन भट्टाचार्य ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट का समर्थन मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया. वहीं, राज्य सरकार ने कहा कि गिरफ्तारी निचली अदालत से जारी उन वारंट के आधार पर हुई है, जो 2021 से लंबित थे. सरकार के मुताबिक चुनाव से पहले लंबित गिरफ्तारी वारंट पर कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है.
नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान होना है और चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को खत्म हो जाएगा. ऐसे में फिलहाल न्यायिक हिरासत में मौजूद मिलन प्रधान के चुनाव प्रचार में उतरने की संभावना उन्हें पांच मामलों में जमानत मिलने पर निर्भर है.