दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट चर्चा में है और हो भी क्यों न आखिर इसने अपने 60,000 कर्मचारियों से नौकरी छोड़ने के लिए जो कह दिया है. लेकिन खास बात ये है कि कंपनी की ओर से इन कर्मचारियों को अपनी मर्जी से बायआउट पैकेज ऑफर किया गया है. इस ऑफर के तहत माइक्रोसॉफ्ट कर्मी खुद वॉलेंटियरी एग्जिट का चयन कर सकते हैं. कंपनी का ये ऑफर भारत समेत चार देशों के कर्मचारियों के लिए है. ऑफर का फायदा ये है कि कर्मचारी कंपनी छोड़कर अपना कोई बिजनेस या स्टार्टअप भी शुरू करना चाहते हैं, तो उनको आर्थिक सपोर्ट भी दिया जाएगा.
कंपनी के ऑफर में क्या खास?
Microsoft Buyout Offer ऑफर के जरिए नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को मिलने वाले बेनेफिट्स के बारे में बात करें, तो इसमें सेवरेंस पे, लगातार स्टॉक वेस्टिंग और हेल्थ इंश्योरेंस एग्जिट शर्तों का हिस्सा हैं. वहीं जो कर्मचारी इस बायआउट ऑफर को मना कर देते हैं, उन्हें एक बड़ी उलझन का सामना करना पड़ेगा. दरअसल, अगर कंपनी बाद में अपने कर्मचारियों की संख्या कम करने का फैसला करती है.
ऑफर के लिए तय किए गए मानक
रिपोर्ट के मुताबिक, ये ऑफर एम्प्लॉई की सीनियरिटी, लोकेशन और सर्विस टाइम के हिसाब से अलग-अलग होगा. उदाहरण के लिए कुछ कर्मचारी हर छह महीने की सर्विस के लिए कुछ हफ्तों की बेसिक-पे के लिए एलिजिबल होते हैं, तो अन्य को 12 महीने की सैलरी के बराबर पैकेज ऑफर किया जाता है. माइक्रोसॉफ्ट के एक प्रवक्ता ने बताया कि लगभग 60,000 कर्मचारी बायआउट प्रोग्राम के लिए एलिजिबल होंगे.
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दिसंबर तक का है समय
माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारियों के पास दिसंबर की शुरुआत तक यह तय करने का समय है कि वे इस ऑफर को स्वीकार करते हैं या फिर नहीं, और जो लोग इसे चुनते हैं, उनसे साल के आखिर में कंपनी छोड़ने की उम्मीद है. रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि इस समय उसका किसी और बायआउट प्रोग्राम का कोई प्लान नहीं है.
नौकरी छोड़ी, तो क्या-क्या मिलेगा?
सेवरेंस पैकेज कर्मचारी के इंटरनल लेवल पर निर्भर करता है. माइक्रोसॉफ्ट का सीनियरिटी सिस्टम एंट्री-लेवल रोल के लिए लेवल 59 से शुरू होता है और लेवल 70 तक जाता है, जो वाइस प्रेसिडेंट पद है. बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक, ऑफर रिव्यू से पता चलता है कि लेवल-64 और उससे नीचे के कर्मचारियों को हर छह महीने की सर्विस के लिए एक हफ्टे का बेस पे दिया जाएगा.
वहीं लेवल 65 से 67 के कर्मचारियों को हर छह महीने की सर्विस के लिए दो हफ्ते का बेस पे मिलेगा. लेवल-67 और उससे नीचे के कर्मचारियों के लिए, स्टैंडर्ड सेवरेंस बेस पे के 39 हफ्ते तक सीमित है. लेवल-68 के लिए स्टैंडर्ड सेवरेंस ऑफर में 12 महीने की सैलरी होगी.
ये बेनेफिट भी पैकेज में शामिल
इसके अलावा बायआउट ऑफर पैकेज में रेगुलर स्टॉक वेस्टिंग और हेल्थ इंश्योरेंस भी शामिल हैं. लेवल-67 और उससे नीचे के कर्मचारियों के लिए, उनकी सर्विस के सालों के आधार पर छह या 12 महीने के लिए स्टॉक वेस्टिंग उपलब्ध है. यह पहली बार नहीं है जब माइक्रोसॉफ्ट ने बायआउट की पेशकश की है. इससे पहले अप्रैल 2026 में कंपनी ने लगभग 8,750 US कर्मचारियों के लिए इसे स्टार्ट किया था.
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आगे भी बड़ी छंटनी के संकेत
माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी कहा है कि उसके नए वॉलंटरी एग्जिट ऑफर में भविष्य में नौकरी में कटौती की संभावना से इनकार नहीं किया गया है, जो बिजनेस की प्राथमिकताओं और वर्कफोर्स जरूरतों पर निर्भर करेगा. कर्मचारियों के लिए बड़ा सवाल ये है कि वॉलंटरी बायआउट को मना करने से उन्हें भविष्य में लेऑफ (Microsoft Layoff) का खतरा हो सकता है. हालांकि, अभी के लिए, कर्मचारी यह नहीं मान सकते कि ऑफर मना करने का मतलब ये है कि उन्हें बाद में नौकरी से निकाल दिया जाएगा.
बायआउट के लिए कौन योग्य?
माइक्रोसॉफ्ट ने इस प्रोग्राम को US, कनाडा, भारत और UK में चुनी हुई टीमों के कर्मचारियों तक बढ़ा दिया है, जिसमें लेवल 70 के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं. माइक्रोसॉफ्ट स्पोक्सपर्सन के मुताबिक, एलिजिबिलिटी पूल में करीब 60,000 एम्प्लॉई हैं. ये नए बायआउट ऑफर ऐसे समय में आया है, जब बड़ी टेक कंपनियां अपनी वर्कफोर्स कम कर रही हैं.