प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने मंगलवार को दो बड़े फैसले लिए, जो ट्रांसपोर्टेशन से लेकर एसएमई तक के लिए हैं. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट में इंटेग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूर किया गया है. इसके अलावा SMEs के लिए स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज ग्रोथ फंड (SGF) के गठन पर मुहर लगाई है.
SME ग्रोथ को मिलेगा बूस्ट
मोदी कैबिनेट ने भविष्य के चैंपियन बनाने के लिए छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) में सीधे इक्विटी निवेश के लिए 'SME ग्रोथ फंड' की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जो इस सेक्टर के लिए बूस्ट का काम करेगा. इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है. सरकार के इस फैसले का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है. इस कोष का अधिकांश आवंटन मैन्युफैक्चरिंग बेस्ड एसएमई को दिया जाएगा. इसके अलावा यह हाई कैपेसिटी वाले एसएमई को इक्विटी पूंजी के जरिए ग्रोथ में मददगार साबित होगा.
इस पहल के तहत केंद्र सरकार औद्योगिक विकास कोष के अंतर्गत स्थापित वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) में कुल 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. विनिर्माण उद्यमों को क्षमता विस्तार करने, उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने और बड़े पैमाने पर उत्पादन करने में सक्षम बनाकर, एसजीएफ से उत्पादकता में सुधार और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने की उम्मीद है. क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने, स्थानीय सप्लाई चेन मजबूत होने के साथ ही रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. सरकार का मानना है कि यह पहल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में कार्य करेगी.
ITLA के प्रस्ताव पर भी लगी मुहर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में बताते हुए जानकारी दी कि इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी बनाने के प्रस्ताव को भी सरकार की मंजूरी मिल गई है. उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने मंगलवार को ITLA बनाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई. यह अथॉरिटी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की प्लानिंग, रिसर्च, प्रोजेक्ट के मूल्यांकन और मॉनिटरिंग, पॉलिसी सपोर्ट और डेटा एनालिटिक्स के लिए मुख्य संस्था के तौर पर काम करेगी.
ऐसे काम करेगा आईटीएलए
केंद्रीय मंत्री की ओर से बताया गया कि ITLA का गठन होने के बाद ये एक लॉन्ग टर्म ट्रांसपोर्ट स्कीम तैयार करेगा. इसमें सड़क, रेलवे, बंदरगाह और शिपिंग, सिविल एविएशन, इनलैंड वॉटरवेज, कोस्टल शिपिंग, शहरी मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स शामिल होंगे. इसके अलावा आईटीएलए लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट और क्षमता निर्माण का भी समर्थन करेगा.