मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ (Jio Platforms IPO) ओपन है और निवेशक इसमें 23 अक्टूबर तक बोली लगाई जा सकती है. बुधवार को पहले दिन इसे खुलने के साथ ही निवेशकों का जोरदार रिस्पांस मिला और इसके चलते जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ सबसे तेजी से सब्सक्राइब होने वाला मेगा आईपीओ बन गया है. इसमें क्यूआईबी (QIB) का सबसे बड़ा रोल रहा.
100 मिनट में ही फुल सब्सक्राइब्ड
मुकेश अंबानी की कंपनी का आईपीओ (Jio Platforms IPO) क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB की जबर्दस्त डिमांड के चलते सिर्फ 100 मिनट में ही पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया था. इस समय तक क्यूआईबी कैटेगरी को 3 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिल गया था और समय आगे बढ़ने के साथ ये बढ़ता चला गया. दोपहर 3.30 बजे तक ये कैटेगरी 8.01 गुना सब्सक्राइब्ड हो गई थी.
जियो प्लेटफॉर्म ने रचा इतिहास
ओपन होने के बाद इतने कम समय में फुल सब्स्क्राइब्ड होकर जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ ने इतिहास रच दिया और यह भारत के अब तक लॉन्च हुए मेगा आईपीओ की लिस्ट में सबसे तेजी से सब्सक्राइब्ड होने वाला आईपीओ बन गया.
इश्यू प्राइस के हिसाब से Jio Platforms से पहले भारत का सबसे बड़ा आईपीओ हुंडई मोटर इंडिया था, जो 27,870 करोड़ रुपये का था और सब्सक्रिप्शन के मामले में ये भी पीछे रह गया. यही नहीं बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड के आईपीओ की तुलना में भी जियो मुकेश अंबानी की कंपनी के आईपीओ के कहीं अधिक तेजी से प्रतिक्रिया मिली.
पहले दिन कितना सब्सक्रिप्शन
बात करें पहले दिन जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिले सब्सक्रिप्शन के बारे में, तो दोपहर 3.30 बजे के आसपास तक जहां क्यूआईबी कैटेगरी 8.01 गुना सब्सक्राइब्ड हुई थी, तो वहीं एनआईआई कैटेगरी को 1.41 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था. इसके अलावा रिटेल कैटेगरी पर नजर डालें, तो ये 0.64 गुना भर गई थी. इसके अलावा एंप्लाई कोटा 1.21 गुना, जबकि शेयरहोल्डर का कोटा 1.23 गुना सब्सक्राइब्ड हुआ था.
कितना बड़ा है IPO, प्राइस बैंड क्या?
Jio Platforms आईपीओ के साइज की बात करें, तो ये प्राइमरी मार्केट से 30,213 करोड़ रुपये जुटाने के उतरा है. इसका प्राइस बैंड 1065-1119 रुपये है, जबकि लॉट साइज 12 शेयरों का है. इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल नहीं हो रहा, बल्कि पूरे 27 करोड़ नए शेयर निवेशकों के लिए जारी किए गए हैं.
कंपनी का प्लान देखें, तो इस आईपीओ के जरिए जुटाई गई रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक की राशि का उपयोग कंपनी अपनी दूरसंचार सहायक कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्जों को चुकाने या पूर्व भुगतान करने के लिए करने वाली है. वहीं बाकी की रकम का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा.
(नोट- शेयर बाजार या आईपीओ में निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)