रिलायंस इंडस्ट्रीज
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) एक भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह कंपनी है (Indian Multinational Conglomerate Company). इसका मुख्यालय मुंबई में है (Reliance Industries Headquarters). यह कंपनी ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, प्राकृतिक गैस, खुदरा, दूरसंचार, मास मीडिया और वस्त्र सहित कई तरह के व्यवसायों में शामिल है. रिलायंस भारत में सबसे अधिक लाभदायक कंपनियों में से एक है (Most Profitable Company of India). यह बाजार पूंजीकरण के आधार पर भारत में सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली सबसे बड़ी कंपनी, और राजस्व के आधार पर भारत की सबसे बड़ी कंपनी है (Largest Company in India). यह 2,36,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ भारत में दसवां सबसे बड़ा नियोक्ता भी है (Tenth Largest Employer in India). 31 मार्च, 2022 तक RIL का बाजार पूंजीकरण US$243 बिलियन था (RIL Market Capitalisation). मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एमडी हैं (Reliance Industries Chairman and MD, जबकि उनकी पत्नी नीता अंबानी (Nita Ambani) कंपनी की डायरेक्टर हैं (Reliance Industries Director)
कंपनी 2021 तक दुनिया के सबसे बड़े निगमों की फॉर्च्यून ग्लोबल 500 सूची में 155वें स्थान पर है. रिलायंस भारत का सबसे बड़ा निर्यातक बना हुआ है, जो भारत के कुल व्यापारिक निर्यात में 8% की हिस्सेदारी रखता है (India's Largest Exporter). इसकी पहुंच 100 से अधिक देशों में बाजारों तक है. सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क से भारत सरकार के कुल राजस्व का लगभग 5% रिलायंस इंडस्ट्रीज से आता है. यह भारत में निजी क्षेत्र में सबसे अधिक इनकम टैक्स देने वाली कंपनी है (Highest Income Tax Payer in Private Sector in India).
कंपनी की स्थापना धीरूभाई अंबानी (Dhirubhai Ambani) और चंपकलाल दमानी (Champaklal Damani) ने 1960 में रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन (Reliance Commercial Corporation) के रूप में की थी. यह साझेदारी 1965 में समाप्त हो गई और धीरूभाई ने फर्म का पॉलिएस्टर व्यवसाय जारी रखा. 8 मई 1973 को यह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड बन गई. कंपनी ने अपना IPO 1977 में जारी किया. 1985 में, कंपनी का नाम रिलायंस टेक्सटाइल्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड से बदलकर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड कर दिया गया Reliance Industries History).
1995-96 में, कंपनी ने दूरसंचार उद्योग में प्रवेश किया और भारत में रिलायंस टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत की. 1998-99 में, आरआईएल ने रिलायंस गैस ब्रांड नाम के तहत 15 किलो के सिलेंडर में पैकेज्ड एलपीजी पेश किया. 1998-2000 के वर्षों में गुजरात के जामनगर में एकीकृत पेट्रोकेमिकल परिसर का निर्माण हुआ, जो दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी थी. 2001 में, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और रिलायंस पेट्रोलियम लिमिटेड भारत की दो सबसे बड़ी कंपनियां बन गईं. 2001-02 में, रिलायंस पेट्रोलियम का रिलायंस इंडस्ट्रीज में विलय कर दिया गया था. 2006 में, रिलायंस ने 'रिलायंस फ्रेश' के ब्रांड नाम के तहत अपने खुदरा स्टोर की शुरुआत की. 2008 के अंत तक, रिलायंस रिटेल के भारत के 57 शहरों में करीब 600 स्टोर थे. 2010 में, रिलायंस ने इन्फोटेल ब्रॉडबैंड सर्विसेज लिमिटेड के अधिग्रहण के साथ ब्रॉडबैंड सेवा बाजार में प्रवेश किया. बाद में, इसका नाम बदलकर रिलायंस जियो कर दिया गया. अगस्त 2019 में, रिलायंस ने ई-कॉमर्स क्षेत्र में अपने उपभोक्ता व्यवसायों और मोबाइल फोन सेवाओं के लिए फाइंड को जोड़ा Reliance Industries Operations and Subsidiaries).
आरआईएल के शेयरों की संख्या लगभग 644.51 करोड़ रुपए यानी 6.44 बिलियन अमेरिकी डॉलर है. कुल शेयरों का 49.38% अंबानी परिवार के पास है. भारतीय जीवन बीमा निगम 7.98% शेयरधारिता के साथ कंपनी में सबसे बड़ा गैर-प्रवर्तक निवेशक है (Reliance Industries Shareholding).
Anil Ambani Abode House: अनिल अंबानी के मुंबई वाले आलीशान घर एबोड (Abode) को अस्थायी रूप से अटैच किया गया गया है. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में कार्रवाई करते हुए ये एक्शन लिया है. ये एबोड हाउस देश के सबसे महंगे घरों में शामिल है.
यह मामला गैस माइग्रेशन विवाद से जुड़ा है, जिसमें आरआईएल पर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप है. सीबीआई ने कहा कि याचिकाकर्ता मारू की याचिका टिकाऊ नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए. मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.
Reliance देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की लिस्ट में पहले पायदान पर बनी हुई है. बीते सप्ताह जहां LT, SBI, HDFC Bank ने ताबड़तोड़ कमाई की, लेकिन मार्केट कैप में मामूली इजाफे के बाद भी रिलायंस का दबदबा कायम है.
Reliance Share को लेकर विदेशी एक्सपर्ट का भरोसा बढ़ा है. मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने मुकेश अंबानी के शेयर की ओवरवेट रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस 28% तक बढ़ाया है.
Stock Market Crash: शेयर मार्केट में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला. ग्रीन जोन में खुलने के बाद सेंसेक्स-निफ्टी बाजार बंद होते-होते क्रैश हो गए और निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए.
Mukesh Ambani ने नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी कंपनी जियो रिलायंस के साथ मिलकर AI Sector में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी.
Anil Ambani को बैंक फ्रॉड से जुड़े मामले में ED ने नया समन जारी किया है और 26 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में पेश होने के लिए तलब किया है. इस खबर का असर उनकी कंपनियों के शेयरों पर भी दिखा है.
AI Impact Summit 2026 भारत में आयोजित. PM Modi के नेतृत्व में global leaders और AI CEOs शामिल. जानें People-Planet-Progress थीम, India का AI vision और summit का महत्व.
Stock Market में बीते सप्ताह क्रैश देखने को मिला और इसका असर देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों पर भी देखने को मिला. रिलायंस से लेकर टीसीएस और इंफोसिस तक सभी को तगड़ा घाटा हुआ, लेकिन SBI समेत चार कंपनियों के निवेशकों ने ताबड़तोड़ कमाई की.
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को अमेरिका से वेनेजुएला का कच्चा तेल खरीदने के लिए लाइसेंस मिल गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि अब बिना रोक के आरआईएल तेल खरीद सकेगी .
Gold-Silver में निवेश करने वालों के लिए बीता सप्ताह जहां खराब साबित हुआ, तो वहीं शेयर बाजार के निवेशकों की मौज देखने को मिली. खासतौर पर मुकेश अंबानी की रिलायंस के निवेशकों ने तो 5 दिन में ही 1.41 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की ताबड़तोड़ कमाई कर डाली.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगा 50% टैरिफ घटाकर 18% कर दिया है. इसी के साथ अब रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर लगा 25% दंडात्मक टैरिफ भी खत्म हो गया है. ट्रंप का दावा है कि भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद की है, लेकिन भारत ने इसे लेकर कुछ नहीं कहा है. ऐसे में अब रूस ने भारत को एक नया ऑफर दिया है.
Stock Market में बीते हफ्ते सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से 9 को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. वहीं सिर्फ एक कंपनी ऐसी रही जिसने दम दिखाते हुए महज पांच दिन में निवेशकों को ताबड़तोड़ 12000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करा डाली.
Mukesh Ambani की रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास फिर से रूसी तेल आने वाला है और सूत्रों का कहना है कि कंपनी की जामनगर रिफाइनरी में Russian Oil की खेप पहुंचने वाली है.
Stock Market Crash: मंगलवार को शेयर बाजार में मचे कोहराम के बीच रिलायंस, बजाज फाइनेंस, इटरनल समेत कई बड़ी कंपनियों के शेयर धड़ाम नजर आए. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल कई शेयर ऐसे रहे, जो 10% से लेकर करीब 15% तक फिसल गए.
Reliance Share Crash Today: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में पैसे लगाने वालों के लिए सोमवार को दिन बेहद खराब साबित हुआ और ये शुरुआती कारोबार में ही 4% से ज्यादा टूट गया.
RIL Q3 Result: देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी RIL ने Q3 के नतीजे पेश कर दिए हैं. तीसरी तिमाही के दौरान कंपनी के रेवेन्यू में 10 फीसदी से ज्यादा का उछाल रहा है.
Donald Trump ने ईरान को घेरने के लिए उसे व्यापारिक साझेदार देशों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी है और भारत भी इसमें शामिल है. इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला और सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए.
Reliance, HDFC Bank, TCS समेत सेंसेक्स की टॉप-10 में से सात कंपनियों को बीते सप्ताह तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन बाजार में बड़ी गिरावट में भी ICICI Bank ने सिर्फ 5 दिन में निवेशकों को करीब 35000 करोड़ रुपये की कमाई करा डाली.
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज वेनेजुएला से तेल खरीदने की संभावनाओं पर विचार कर रही है. रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2025 में लागू प्रतिबंध के बाद इसे फिर से शुरू किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसमें अमेरिका को कितना बड़ा रोल होगा...
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड मार्च 2025 में शुरू हुई वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद पर रोक के बाद इसे फिर से शुरू करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है.