बिहार के बेतिया में शुक्रवार रात एक घर में बच्चे की छठी का कार्यक्रम था. घर में खुशी का माहौल था. रिश्तेदार जुटे थे. सड़क किनारे ऑर्केस्ट्रा चल रहा था और लोग कार्यक्रम का आनंद ले रहे थे. लेकिन फिर अचानक एक तेज रफ्तार बस वहां आ घुसी. कुछ सेकेंड में संगीत बंद हो गया. चीख-पुकार शुरू हो गई. कुर्सियां बिखर गईं. लोग अपनों को ढूंढने लगे. इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल हैं.
मामला बेतिया के लौरिया थाना क्षेत्र के पराउ टोला बनकटवा का है. यहां बनकटवा में देवेंद्र दुबे के घर बच्चे की छठी का कार्यक्रम था. इसी मौके पर घर के पास ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था. रात में बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद थे. मंच के सामने कुर्सियां लगी थीं. लोग बैठकर कार्यक्रम देख रहे थे. तभी सड़क पर एक बस आई और सबकुछ बदल गया.

यात्री बस गोरखपुर से बेतिया की तरफ आ रही थी. बस लौरिया की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से टक्कर से बचने की कोशिश कर रही थी. इसी दौरान बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में जा घुसी. इसके बाद जो हुआ, उसने वहां मौजूद लोगों को हिला दिया. वहां मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए. कई लोग घायल होकर सड़क पर गिर चुके थे.
मौके पर चीख-पुकार मच गई. लोग इधर-उधर भागने लगे. कोई अपने परिवार के सदस्य को खोज रहा था, तो कोई घायल को उठाने की कोशिश कर रहा था. हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है. मृतकों की पहचान लौरिया थाना क्षेत्र के बनकटवा निवासी बहादुर महतो, संजय कुमार, भोला दुबे, देवेंद्र दुबे और छांगुर राम के रूप में हुई है. मृतकों में देवेंद्र दुबे भी शामिल हैं. यानी जिस घर में छठी की खुशी का कार्यक्रम था, उसी परिवार के एक सदस्य की भी हादसे में जान चली गई.
यह भी पढ़ें: रेपिडो बाइक से महिला का हुआ था एक्सीडेंट, इलाज के पैसों के लिए केस किया तो कंपनी ने दिया ये जवाब
सोचिए, जिस घर में बच्चे की छठी मनाई जा रही थी, वहां कुछ ही मिनटों में मातम पसर गया. जहां संगीत बज रहा था, वहां चीखें सुनाई देने लगीं. जहां लोग मेहमानों के साथ बैठे थे, वहां घायलों को उठाकर अस्पताल भेजने की तैयारी होने लगी. स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव का काम शुरू किया. लेकिन हादसे के बाद गुस्सा भी फूट पड़ा.

हादसे से नाराज लोगों ने बस और ट्रक में तोड़फोड़ कर दी. ऑर्केस्ट्रा में लगी कुर्सियां और स्पीकर भी टूट गए. मौके पर अफरा-तफरी का माहौल था. हंगामे की सूचना पुलिस तक पहुंची तो नरकटियागंज SDPO जयप्रकाश सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने लोगों को समझाया और हालात को काबू में किया. हादसे में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हैं. पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के जरिए बेतिया के GMCH भेजा गया. घायलों में विनय कुमार यादव, श्याम बाबू, मोती चंद्र महतो और नरेश राम समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं. अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है.
हादसे के बाद पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेतिया GMCH भेज दिया है. अब जांच का सवाल यही है कि आखिर हादसा हुआ कैसे? क्या बस की रफ्तार ज्यादा थी? क्या सामने आए ट्रक की वजह से बस अनियंत्रित हुई? क्या बस ड्राइवर ने समय रहते ब्रेक लगाने की कोशिश की? इन तमाम सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे. फिलहाल शुरुआती जानकारी यही है कि ट्रक से टक्कर बचाने की कोशिश में बस अनियंत्रित हुई और सड़क किनारे चल रहे कार्यक्रम में घुस गई.