बिहार में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई जारी है. समस्तीपुर में RPF और CIB की टीम ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास कोच से करीब 75 लीटर शराब बरामद की है. इस दौरान मॉडल जैसी दिखने वाली एक युवती और उसके साथ सफर कर रहे युवक को गिरफ्तार किया गया.
इसी बीच मुजफ्फरपुर में भी सूखे नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. कच्ची-पक्की ओपी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शेरपुर-दिघड़ा इलाके में एक मकान पर छापा मारा. यहां से पुलिस ने पति-पत्नी को दबोचा और उनके कब्जे से करीब 2 लाख रुपये कीमत की 25 ग्राम हेरोइन बरामद की.
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पुलिस के अनुसार, बरामद नशीले पदार्थ को 64 छोटी पुड़ियों में पैक किया गया था. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान संजीत कुमार उर्फ गुर्जर और उसकी पत्नी राधा देवी के रूप में हुई है. शुरुआती पूछताछ में दोनों के घर से ही स्मैक और हेरोइन की सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है.
महुआ से आती थी हेरोइन और नशीले कैप्सूल
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे वैशाली के महुआ इलाके से हेरोइन और नशीले कैप्सूल की खेप लाते थे. इसके बाद इन मादक पदार्थों को मुजफ्फरपुर के अलग-अलग इलाकों में पहुंचाया जाता था. यहां खुदरा स्तर पर इसकी बिक्री की जाती थी.
पुलिस को इस पूछताछ से ड्रग नेटवर्क को लेकर अहम सुराग मिले हैं. करीब दो दिन पहले ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने भी हेरोइन और ज्वेलरी के साथ तीन कथित तस्करों को गिरफ्तार किया था. अब दिघड़ा से पकड़े गए पति-पत्नी और ब्रह्मपुरा मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों के बीच कनेक्शन सामने आया है.
जांच में पुलिस को संकेत मिले हैं कि दोनों मामलों में पकड़े गए आरोपी एक ही ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं. इसके बाद पुलिस ने नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कर दी हैं. अब मुख्य सरगना के साथ-साथ मादक पदार्थ उपलब्ध कराने वाले सप्लायरों की तलाश की जा रही है.
आमने-सामने पूछताछ से खुलेगा नेटवर्क का राज
टाउन SDPO विनीता सिन्हा के मुताबिक, पुलिस गिरफ्तार पति-पत्नी के साथ ब्रह्मपुरा मामले में पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है. आमने-सामने पूछताछ के जरिए दोनों मामलों के बीच कनेक्शन और सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी.
पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान महुआ से जुड़े सप्लायरों और नेटवर्क के दूसरे सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं. इसके साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश होगी कि हेरोइन और कैप्सूल की खेप कहां से आती थी और मुजफ्फरपुर में किन-किन इलाकों तक पहुंचाई जाती थी.
जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही हैं. पुलिस की टीमें सिंडिकेट से जुड़े दूसरे संदिग्धों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही हैं. समस्तीपुर में ट्रेन से शराब बरामदगी और मुजफ्फरपुर में हेरोइन पकड़े जाने के बाद बिहार में नशे की सप्लाई चेन पर निगरानी और सख्त होने की उम्मीद है.