बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आजतक के कार्यक्रम ‘पंचायत आजतक बिहार 2026’ में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने रिश्ते और काम करने के तरीके पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि बिहार के विकास में नीतीश कुमार का बड़ा योगदान रहा है और वह आज भी बिहार के स्तर पर एक बड़े नेता हैं. सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि अगर नीतीश कुमार उन्हें कोई सलाह देंगे तो वह उसे जरूर सुनेंगे. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि बिहार में सरकार गठबंधन के सभी सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रही है.
सम्राट चौधरी से पूछा गया कि क्या वह नीतीश कुमार की खींची विकास की लंबी लकीर को आगे बढ़ाने के दबाव में हैं और क्या नीतीश कुमार उनके लिए किसी ‘सुपर सीएम’ की भूमिका में हैं. इस पर उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से अलग होना उनके लिए संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि बिहार के निर्माण में श्रीकृष्ण सिंह, कर्पूरी ठाकुर और नीतीश कुमार का बड़ा योगदान रहा है. उनके मुताबिक श्रीकृष्ण सिंह ने राज्य की बुनियादी संरचना तैयार की, जबकि नीतीश कुमार ने विकास, सामाजिक न्याय और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काम किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में बिहार में बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ. अब उनकी सरकार का लक्ष्य विकास की गति को और तेज करना है. उन्होंने कहा कि बिहार को महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक जैसी तेज आर्थिक गति हासिल करनी है. इसके लिए उद्योग और शिक्षा पर खास जोर दिया जा रहा है.
सम्राट चौधरी ने बताया कि उनकी सरकार ने पिछले करीब डेढ़ सौ दिनों में उद्योगों के लिए लगभग 950 से 1,000 के आसपास जमीन उपलब्ध कराने का काम किया है. उन्होंने कहा कि जब वह नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के तौर पर काम कर रहे थे, तब भी उद्योगों के लिए करीब 13 हजार एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई थी.
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बातचीत के दौरान उनसे यह भी पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार की मौजूदगी उनके फैसलों पर किसी तरह का दबाव बनाती है. सम्राट चौधरी ने कहा कि ऐसा कोई दबाव नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी की अपनी संरचना है और गठबंधन में सभी लोग मिलकर काम करते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में जनता दल यूनाइटेड, भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर काम कर रहा है.
सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने लंबे समय तक बीजेपी के सहयोग से रेल मंत्री और मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया. उनके मुताबिक, नीतीश कुमार ने एक मौका बीजेपी को दिया कि वह बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाए और पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया.
उन्होंने कहा कि इसे किसी एक व्यक्ति के नेतृत्व या किसी ‘सुपर सीएम’ के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. सरकार और पार्टी की व्यवस्था सामूहिक तरीके से चलती है. लेकिन नीतीश कुमार का अनुभव और बिहार में उनका योगदान महत्वपूर्ण है. इसलिए अगर उनकी तरफ से कोई सलाह आती है तो वह उसे सुनेंगे.
सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि अब उनका मुख्य फोकस बिहार को आगे ले जाने पर है. शिक्षा, उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेज काम करना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को पढ़ाई और रोजगार के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए सरकार व्यवस्था तैयार कर रही है.
इस तरह नीतीश कुमार के साथ अपनी केमिस्ट्री पर सम्राट चौधरी का संदेश साफ रहा. वह नीतीश कुमार के योगदान और अनुभव को स्वीकार करते हैं, उनकी सलाह को महत्व देते हैं, लेकिन सरकार के कामकाज को गठबंधन और पार्टी की सामूहिक व्यवस्था के तहत आगे बढ़ाने की बात कहते हैं.