बिहार के मुजफ्फरपुर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया. पीड़िता ने एक युवक पर निकाह का झांसा देकर उसका अश्लील वीडियो बनाने और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलने का आरोप लगाया है. मामले में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने नामजद पिता-पुत्र के खिलाफ POCSO एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पीड़िता के मुताबिक, उसकी आरोपी युवक से पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. दोनों के बीच पहले से परिचय था. आरोप है कि इसी पहचान और विश्वास का फायदा उठाकर युवक ने उसका अश्लील वीडियो बना लिया. इसके बाद वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसे डराया गया.
पीड़िता का आरोप है कि वीडियो डिलीट करने के नाम पर उससे 70 हजार रुपये लिए गए. उसने रकम दे दी, लेकिन इसके बावजूद वीडियो डिलीट नहीं किया गया. आरोप है कि पैसे लेने के बाद भी आरोपी ने वीडियो को लेकर उसे परेशान करना जारी रखा. पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि वीडियो डिलीट करने की बात कहकर आरोपी युवक और उसका पिता उसे माड़ीपुर इलाके के एक होटल में लेकर गए. वहां उस पर गलत काम करने के लिए दबाव बनाया गया.
होटल में बुलाकर गलत काम का दबाव बनाने का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, उसने इसका विरोध किया. इसके बाद उस पर अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने का दबाव बनाया गया. शिकायत में आरोपी युवक और उसके पिता पर वीडियो वायरल करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है. मामले में दो लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप भी लगाया गया है. पीड़िता का कहना है कि रकम देने के बावजूद समस्या खत्म नहीं हुई. आरोप है कि बाद में फेक आईडी बनाकर वीडियो वायरल करने की कोशिश की गई.
पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, अश्लील वीडियो डिलीट कराने के नाम पर उससे 70 हजार रुपये लिए गए थे. बावजूद इसके वीडियो को डिलीट नहीं किया गया. इतना ही नहीं वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती रही. पीड़िता का आरोप है कि आरोपी पक्ष की तरफ से उसे लगातार दबाव में रखने की कोशिश की गई. इसी दौरान उसे माड़ीपुर के एक होटल में बुलाया गया. वहां गलत काम करने के लिए दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अश्लील वीडियो कैसे बनाया गया, रकम लेने और वीडियो वायरल करने से जुड़े आरोपों में क्या तथ्य हैं और फेक आईडी से वीडियो वायरल करने के आरोप में कौन-कौन शामिल है.
नाबालिग की शिकायत के बाद स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. बताया जा रहा है कि पुलिस आरोपी पिता-पुत्र की तलाश में छापेमारी कर रही है. पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि नाबालिग लड़की और आरोपी युवक के बीच पहले से परिचय था. इसी पहचान और विश्वास का फायदा उठाकर वीडियो बनाए जाने और वायरल किए जाने का आरोप है. पुलिस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
टाउन डीएसपी सुरेश कुमार ने बताया कि काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के माड़ीपुर इलाके की नाबालिग पीड़िता ने एक लड़के के खिलाफ अश्लील वीडियो बनाने, उसे वायरल करने की धमकी देने और दबाव बनाकर गलत काम कराने का आरोप लगाया है. डीएसपी के मुताबिक, इस शिकायत के आधार पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि अभी तक की पूछताछ में नाबालिग पीड़िता और आरोपी के बीच पहले से परिचय होने की बात सामने आई है.
POCSO समेत अन्य धाराओं में पुलिस ने दर्ज किया केस
उन्होंने कहा कि इसी परिचय और विश्वास का फायदा उठाकर वीडियो बनाए गए और वायरल किए जाने का आरोप है. इस मामले में पिता और पुत्र के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. पुलिस आरोपी पिता-पुत्र की तलाश कर रही है. साथ ही अश्लील वीडियो, रकम की वसूली, होटल में बुलाने, गलत काम के लिए दबाव बनाने और फेक आईडी बनाकर वीडियो वायरल करने से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.