
बिहार के कई जिलों का बाढ़ से बुरा हाल है. खासकर गंगा का जलस्तर बढ़ने से भागलपुर और मुंगेर के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं. भागलपुर के सुल्तानगंज का भवनाथपुर और मुंगेर का बोचाही गांव पूरी तरह जलमग्न हो गया. घरों में कई फीट पानी भरने के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं.
भागलपुर के सुल्तानगंज प्रखंड के भवनाथपुर गांव में गंगा का पानी चारों तरफ फैल चुका है. गांव की सड़क से लेकर घर और स्कूल तक बाढ़ के पानी की चपेट में हैं. गांव से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-80 पर करीब एक फीट तक पानी चढ़ गया, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है.
भवनाथपुर में कई घरों के ग्राउंड फ्लोर में करीब 5 से 6 फीट तक पानी भर गया है. बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं. जिन परिवारों के घरों में फर्स्ट फ्लोर की सुविधा है, वे ऊपर की मंजिल या छत पर शरण लेने को मजबूर हैं.
भवनाथपुर निवासी केशव कुमार क्रांति का घर भी बाढ़ के पानी में डूब चुका है. उन्होंने बताया कि मजबूरी में उनका परिवार अभी घर में रह रहा है, जबकि गांव के बहुत से लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं.
केशव के घर का ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह डूब चुका है. जिन लोगों के पास फर्स्ट फ्लोर या छत की सुविधा है, वे ऊपर जाकर रह रहे हैं. उन्होंने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर रोजाना बढ़ रहा है, जिससे गांव के लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है.

मुंगेर में भी कई गांव जलमग्न
मुंगेर जिले के जमालपुर प्रखंड के बोचाही गांव में भी गंगा का पानी चारों तरफ फैल गया है. पूरा गांव जलमग्न हो चुका है. घरों और रास्तों पर पानी भरने के बाद ग्रामीणों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने की चुनौती है.
आज तक की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान, बोचाही गांव में बाढ़ की भयावह तस्वीर सामने आई. एक परिवार जुगाड़ की नाव पर घर का जरूरी सामान और मवेशी लादकर पास के सरकारी स्कूल में शरण लेने के लिए जा रहा था.
लेकिन जिस सरकारी स्कूल में ग्रामीण सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं, वह भी चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है. गांव के कई परिवार पहले से ही इसी स्कूल में शरण लिए हुए हैं.
अजय पासवान का परिवार, जिसमें उनकी पत्नी और बेटा शामिल हैं. तीनों एक जुगाड़ की नाव बनाकर उसे पर घर के जरूरी खाने पीने का सामान मवेशी और मवेशी का चारा लेकर पास के स्कूल में जाते हुए नजर आए.

अजय पासवान ने अपनी तकलीफ बताते हुए कहा कि उनके घर और गांव में पानी भर गया है. इसीलिए वे लोग स्कूल में शरण लेने के लिए जा रहे हैं. इस बात को लेकर भी मायूसी जताई कि कोई भी प्रशासन, सरकार, मंत्री या विधायक कोई उन लोगों की सुध लेने के लिए पहुंचा है.
बाढ़ के कारण लोगों की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है. घरों में पानी भरने के बाद ग्रामीण अपने जरूरी सामान, बच्चों और मवेशियों को लेकर सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं. कई परिवारों के लिए इस समय जुगाड़ की नाव ही घर से बाहर निकलने का सहारा बनी हुई है.
भागलपुर के भवनाथपुर से लेकर मुंगेर के बोचाही तक गंगा के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कहीं घरों के ग्राउंड फ्लोर में 5 से 6 फीट तक पानी है, तो कहीं लोग मवेशियों और जरूरी सामान के साथ नाव के जरिए सुरक्षित ठिकाने की तलाश में निकल रहे हैं.