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15 लाख की सुपारी, स्कूटी रोकी और बरसा दीं गोलियां... पूर्व पार्षद पर हमले का CCTV

बेगूसराय में पुरानी रंजिश को लेकर पूर्व पार्षद मोहम्मद इरशादुल जमा और उनके सहयोगी पर गोलीबारी की गई. आरोप है कि हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी. वारदात का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें तीन बदमाश स्कूटी रोककर फायरिंग करते दिख रहे हैं. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर बाकी की तलाश शुरू कर दी है.

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एक आरोपी को गिरफ्तार.(Photo: Sourabh Kumar/ITG)
एक आरोपी को गिरफ्तार.(Photo: Sourabh Kumar/ITG)

बिहार के बेगूसराय में पुरानी रंजिश को लेकर पूर्व पार्षद और उसके सहयोगी पर जानलेवा हमला किया गया. 18 सितंबर की रात करीब 10 बजे बदमाशों ने स्कूटी से घर लौट रहे बलिया नगर परिषद के पूर्व पार्षद मोहम्मद इरशादुल जमा और उनके सहयोगी मोहम्मद शाकिर को गोली मार दी. पूरी वारदात सड़क पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका फुटेज अब सामने आया है.

CCTV में दिख रहा है कि तीन बदमाश पहले से घात लगाए बैठे थे. जैसे ही इरशादुल जमा अपने सहयोगी के साथ स्कूटी से एक घर के सामने पहुंचे, बदमाशों ने दौड़कर उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी. इसके बाद दोनों को रोककर फायरिंग शुरू कर दी गई. गोलियां चलते ही पूर्व पार्षद और उनका साथी जान बचाकर भागने लगे, लेकिन तब तक दोनों गोली लगने से घायल हो चुके थे.

यह भी पढ़ें: 2-3 दिन पुराना शव, हाथ पर 'प्रीति' का टैटू... 8 दिन में तीसरी महिला की लाश से बेगूसराय में हड़कंप

फायरिंग में इरशादुल जमा के कंधे और हाथ में गोली लगी, जबकि उनके सहयोगी शाकिर भी घायल हो गए. दोनों को इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों की हालत खतरे से बाहर है और उनका उपचार जारी है.

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जमीन को सड़क के लिए दान देने के बाद बढ़ा विवाद

घायल इरशादुल जमा बलिया नगर परिषद के पूर्व पार्षद हैं. वर्तमान में उनकी पत्नी पार्षद हैं. वह अनाज का कारोबार भी करते हैं. बताया जाता है कि उन्होंने जमीन खरीदकर उसे सड़क बनाने के लिए सरकार को दान दिया था. इसी जमीन को लेकर उनके पड़ोसी सहरोज के साथ विवाद चल रहा था.

इसके अलावा इरशादुल जमा की सहरोज, शाहनवाज, मोहम्मद अब्दुल्ला और मुन्ना सिंह के साथ भी पुरानी रंजिश बताई जा रही है. आरोप है कि इसी विवाद के चलते पूर्व पार्षद की हत्या की साजिश रची गई. पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश को लेकर 15 लाख रुपये की सुपारी दिलीप यादव और मुकेश यादव को दिए जाने की बात सामने आई है.

देखें CCTV वीडियो...

18 सितंबर की रात इरशादुल जमा अपने सहयोगी के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे. इसी दौरान बदमाशों ने सड़क पर उन्हें घेर लिया. पहले स्कूटी में टक्कर मारकर उन्हें गिराने की कोशिश की गई और इसके बाद फायरिंग शुरू कर दी गई. हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए.

स्कूटी रोकी, फिर बरसाने लगे गोलियां

सामने आए CCTV फुटेज में हमले का पूरा घटनाक्रम दिखाई दे रहा है. बदमाश पहले से सड़क के आसपास छिपे नजर आते हैं. स्कूटी के वहां पहुंचते ही वे बाहर निकलते हैं और वाहन को टक्कर मारकर रोक देते हैं. इसके बाद अचानक फायरिंग शुरू कर देते हैं.

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गोली चलने के बाद इरशादुल जमा और शाकिर वहां से भागने की कोशिश करते हैं. हमलावरों की फायरिंग में दोनों को गोली लग जाती है. वारदात के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी. CCTV फुटेज को भी जांच का अहम आधार बनाया जा रहा है. पुलिस अब वीडियो में नजर आ रहे बदमाशों की पहचान करने और वारदात में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

मुन्ना सिंह गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की तलाश

मुख्यालय में डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि 18 सितंबर की देर रात पूर्व पार्षद इरशादुल जमा अपने सहयोगी के साथ घर लौट रहे थे. इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें गोली मारकर घायल कर दिया. इस मामले में मुन्ना सिंह को गिरफ्तार किया गया है.

डीएसपी के मुताबिक, वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस पुरानी रंजिश, कथित सुपारी और हमले में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. दोनों घायलों का निजी अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है.

अब पुलिस CCTV फुटेज, आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे हमले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. 15 लाख रुपये की कथित सुपारी किसने और किस मकसद से दी, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है.

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