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बिहार में टीचर को बेटी की शादी के लिए नहीं मिल रही छुट्टी, विधान परिषद तक पहुंच गया मामला; MLC बोले- यह '9वां आश्चर्य'

Bihar Teacher Leave Issue: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की छुट्टियों को लेकर चल रहा विवाद अब विधान परिषद की दहलीज तक जा पहुंचा है. बेटी की शादी के लिए भी छुट्टी न मिल पाने के इस अजीबोगरीब नियम ने सदन में भारी हंगामे के साथ-साथ तीखी चर्चाओं को जन्म दिया है.

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 बेटी की शादी के लिए भी टीचर को नहीं मिल रही छुट्टी.(File Photo)
बेटी की शादी के लिए भी टीचर को नहीं मिल रही छुट्टी.(File Photo)

बिहार में एक टीचर को अपनी बेटी की शादी के लिए छुट्टी नहीं मिली तो मामला विधान परिषद तक पहुंच गया. यह मामला अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST) कल्याण विभाग के स्कूलों से जुड़ा है. MLC संजीव कुमार ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए बताया कि एससी-एसटी कल्याण विभाग के स्कूलों में छुट्टी का नियम बेहद जटिल है. 
 
एमएलसी ने कहा कि इन स्कूलों में कोई भी टीचर आसानी से छुट्टी नहीं ले सकता. आकस्मिक अवकाश या अन्य छुट्टियों के लिए भी शिक्षक को स्थानीय प्रिंसिपल के बजाय निदेशालय से अनुमति लेनी पड़ती है. एक महिला टीचर की बेटी की शादी होने के बावजूद उन्हें इस नियम के चलते छुट्टी के लिए भटकना पड़ रहा है. 

'सेना-पुलिस में तो गोली चल जाती है'
इस नियम पर सदन में मौजूद सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताया. JDU के सदस्य नीरज कुमार ने इस नियम को दुनिया का 'नौवां आश्चर्य' बताया. नीरज कुमार ने सवाल किया, "जब शिक्षक स्कूल में पढ़ा रहा है, तो छुट्टी प्रिंसिपल को देनी चाहिए, निदेशालय इसमें क्यों पड़ रहा है?" 

सभापति अवधेश नारायण सिंह ने मामले की गंभीरता पर तंज कसते हुए कहा, "सेना और पुलिस में तो छुट्टी नहीं मिलने पर गोली तक चल जाती है, यह गंभीर विषय है."

सत्ता पक्ष की ओर से ही सवाल उठने के बाद सरकार बैकफुट पर नजर आई. सूबे के SC-ST कल्याण मंत्री लखींद्र पासवान ने सदस्य की बातों को तार्किक बताया और माना कि नियम में बदलाव की जरूरत है. 

डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने मामले को शांत कराते हुए सदन को भरोसा दिया कि इस मामले में जल्द ही मंत्री स्तर पर बैठक बुलाकर समीक्षा की जाएगी और शिक्षकों की समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा.

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