सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने निजी वाहनों के लिए एक नई टोल प्रणाली शुरू की है. नई प्रणाली के तहत, यदि आप राजमार्गों या एक्सप्रेसवे पर 20 किमी तक यात्रा करते हैं, तो आपको किसी भी टोल शुल्क का सामना नहीं करना पड़ेगा, बशर्ते आपके वाहन में ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) हो (Toll Tax).
UP के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के 333.65 करोड़ रुपये के टोल एग्रीमेंट पर सिर्फ 100 रुपये के स्टाम्प पेपर के इस्तेमाल का मामला सामने आया है. जांच के बाद 13.34 करोड़ रुपये की कथित स्टाम्प चोरी का केस दर्ज कर वसूली प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. विभाग का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और अगर जांच में किसी व्यक्ति या अधिकारी की जिम्मेदारी सामने आती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
ग्रेटर नोएडा के एक टोल प्लाजा पर गुंडागर्दी का मामला सामने आया है, जहां कुछ युवकों ने बैरियर तोड़कर कर्मचारी के साथ बेरहमी से मारपीट की. पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान की जा रही है.
Govt FASTag System में बदलाव की तैयारी कर रही है, जिसमें Special Vehicles जैसे Army Police को अलग Category दी जाएगी. इस New FASTag Rule से Toll Plaza पर रुकावट कम होगी और Movement तेज होगा. यह Plan Traffic Jam घटाने और Security Agencies को राहत देने के लिए लाया जा रहा है.
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस ने नकली नंबर प्लेट, घिसे चेसिस नंबर और UPI ट्रांजैक्शन के जरिए तीन संदिग्धों तक पहुंच बनाई. जानिए कैसे सुलझी हाई प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री.
टोल पर लगने वाले जाम से जल्द ही आपको निजात मिलने वाली है. भारत में पहला मल्टीलेन फ्री फ्लो टोल सिस्टम शुरू कर दिया गया है. इस टोल पर वाहनों को रुकने की जरूरत नहीं होगी. बल्कि यहां लगे कैमरा और सेंसर ऑटोमेटिक आपके फास्टैग से टोल को काट लेंगे. आइए जानते हैं ये पूरी प्रक्रिया किस तरह से काम करेगी.
यूपी के गंगा एक्सप्रेसवे पर फिलहाल टोल नहीं लगेगा. करीब 15 दिन बाद टोल वसूली शुरू होगी. सरकार ने अलग-अलग वाहनों के लिए दरें तय कर दी हैं, अभी यात्रियों को फ्री सफर का मौका मिल रहा है.
Ganga Expressway को हर मौसम के अनुकूल बनाने के लिए अत्याधुनिक सीबीआर तकनीक और स्विस सेंसर का उपयोग किया गया है. 500mm मोटा कैरिजवे और 100mm डामर परत इसे भारी ट्रैफिक व खराब मौसम में भी सुरक्षित रखेगी. एआई तकनीक से लैस यह मार्ग व्यापार और रोजगार को नई गति प्रदान करेगा.
गंगा एक्सप्रेसवे पर FASTag ऐनुअल पास लागू नहीं होगा. ये सुविधा सिर्फ नेशनल हाईवे के लिए है। यात्रा से पहले टोल नियम और शुल्क से जुड़ी जरूरी जानकारी जरूर जान लें.
गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने से दिल्ली से प्रयागराज की यात्रा अब लगभग 7.5 घंटे में पूरी होगी. 3 घंटे की बचत के साथ यह प्रोजेक्ट यूपी में कनेक्टिविटी और तेज ड्राइविंग का नया अनुभव देगा.
मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन आज यानी कि बुधवार को पीएम मोदी करेंगे. उद्घाटन के साथ ही इस एक्सप्रेसवे पर सफर शुरू हो जाएगा और टोल वसूली लगने लगेगा.
गंगा एक्सप्रेसवे से दिल्ली से प्रयागराज तक सफर तेज होगा, लेकिन पटना तक कुल समय में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं है. यात्रा करीब 15 घंटे ही रहेगी, हालांकि कनेक्टिविटी और सफर का अनुभव बेहतर होगा.
मेरठ से प्रयागराज तक 594KM लंबा गंगा एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ेगा. यात्रा समय घटेगा, AI टोल और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. ये प्रोजेक्ट यूपी की कनेक्टिविटी, कारोबार और रोजगार को नई गति देगा.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कौन सी खास सुविधाएं हैं? इस एक्सप्रेसवे पर 113 अंडरपास, 10 इंटरचेंज और 12 से 14 फूड कोर्ट और वेजसाइड सुविधाएं हैं. जानिए यहां और कौन सी खास सुविधाएं हैं.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कितना टोल टैक्स लगेगा? क्या इस पर FASTag का एनुअल पास काम करेगा? इस रूट पर यात्रा का खर्च कितना होगा? ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब आप इस वीडियो में जानेंगे.
देश में टोल सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए लागू किए गए नए FASTag नियमों ने यात्रियों के लिए भुगतान का तरीका बदल दिया है. अब कैश पेमेंट बंद होने से बिना FASTag या कम बैलेंस पर यात्रा महंगी पड़ सकती है. यह व्यवस्था ट्रैफिक जाम कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लाई गई है, जिससे हाईवे सफर ज्यादा तेज और सुगम बन सके.
हॉर्मुज, स्वेज और पनामा के बीच सबसे बड़ा फर्क यही है कि हॉर्मुज एक प्राकृतिक समुद्री मार्ग है, जबकि स्वेज और पनामा मानव-निर्मित नहरें हैं. प्राकृतिक रास्तों पर अंतरराष्ट्रीय कानून लागू होता है, जो मुक्त आवागमन की गारंटी देता है. वहीं, कृत्रिम नहरों का संचालन संबंधित देश करते हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान टोल बनाएगा. ऐसा होने के बाद एक जहाज पर कितना टैक्स देना होगा? बताया जा रहा है कि अभी ईरान तेल टैंकरों पर 1 डॉलर प्रति बैरल का शुल्क यानी टोल लगाने की योजना बना रहा है.
अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्गों पर टोल वसूली बढ़ती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक व्यापार और आम लोगों की जेब पर पड़ेगा. शिपिंग लागत बढ़ने से तेल, खाद्य और जरूरी वस्तुएं महंगी हो जाएंगी. सप्लाई चेन बाधित होगी और जियो-पॉलिटिकल तनाव भी बढ़ सकते हैं. ऐसे हालात में आर्थिक अस्थिरता गहराएगी और वैश्विक बाजारों पर दबाव साफ नजर आएगा.
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान होते ही ब्रेंट क्रूड के दाम 15 फीसदी तक गिर गए, लेकिन अब ईरान ने एक नई चाल चल दी है. अब वह होर्मुज से क्रिप्टोकरेंसी में मोटी कमाई कर सकता है.
हाईवे टोल टैक्स को लेकर बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने ये साफ कर दिया है कि 10 अप्रैल 2026 से सभी टोल प्लाजा पर कैश कलेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.
Toll Tax Rule: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने यह साफ कर दिया है कि 10 अप्रैल 2026 से सभी टोल प्लाजा पर कैश कलेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.