जून में भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर मजबूत हुआ है. पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में 28.6 फीसदी की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ के साथ सेल्स नंबर 410,853 यूनिट्स पर पहुंच गए हैं. FADA (फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स) के मुताबिक जून में 25,57,234 वाहन भारत में बिके हैं.
यानी सभी सेगमेंट के वाहनों की संयुक्त सेल 25 लाख के पार पहुंच गई है. जबकि पिछले साल जून में ये आकंड़ा 20.98 लाख का था. वहीं मई 2026 में भी कंपनियों ने 25,31,067 वाहन बेचे थे. मंथ ऑन मंथ ऑटोमोबाइल सेक्टर की ग्रोथ 1 फीसदी की है.
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की बात करें, तो इस सेगमेंट में कुल 4,10,853 वाहन जून 2026 में बिके हैं. पिछले साल के मुकाबले सेगमेंट की ग्रोथ 28.63 फीसदी की है. वहीं मंथ ऑन मंथ ग्रोथ 2.05 परसेंट की है. जून 2025 में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में 3,19,412 यूनिट्स बिकी थीं. वहीं मई 2026 में सेल 4,02,591 यूनिट्स की हुई थी.
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दिलचस्प ये है कि पेट्रोल वाहनों की सेल लगातार कम हो रही है. पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में अल्टरनेट फ्यूल वाले वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 40 फीसदी पहुंच गई है, जबकि पेट्रोल और डीजल वाले वाहनों की सेल 60 परसेंट से नीचे आ गई है. डीजल वाहनों की जून की सेल में हिस्सेदारी 16.02 फीसदी है.
वहीं पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी गिरकर 43.63 फीसदी पर पहुंच गई है. पिछले महीने पेट्रोल व्हीकल्स की हिस्सेदारी 45.76 फीसदी थी, जबकि पिछले साल जून में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 47.68 फीसदी थी.
जून 2026 में सेगमेंट में सीएनजी वाहनों की हिस्सेदारी 24.33 फीसदी पहुंच गई है, जबकि हाइब्रिड वाहनों की हिस्सेदारी 8.27 फीसदी पहुंच गई है. वहीं ईवी की हिस्सेदारी भी बढ़ी है. अब भारतीय पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी 7.75 फीसदी पर पहुंच गई है. कार के मामले में बड़ी संख्या में लोग अब सीएनजी गाड़ियों पर स्विच कर रहे हैं.
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पिछले साल जून में सीएनजी कारों का मार्केट शेयर 20.82 फीसदी था, जो अब बढ़कर 24 फीसदी के ऊपर पहुंच गया है. ये हाल सिर्फ पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में नहीं है. बल्कि टू-व्हीलर्स के मार्केट में भी इलेक्ट्रिक का दबदबा बढ़ रहा है. जून में पेट्रोल दोपहिया का मार्केट शेयर 90 फीसदी के नीचे आ गया है, जबकि इलेट्रिक टू-व्हीलर्स का मार्केट शेयर 10.60 फीसदी पहुंच गया है.