Delhi Vehicle Ban Rule: दिल्ली में सर्दी अभी दस्तक भी नहीं देती और प्रदूषण अपना असर दिखाना शुरू कर देता है. धुंध, जहरीली हवा और सांसों पर बढ़ता संकट हर साल राजधानी की सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है. लेकिन इस बार सरकार ने सर्दियों के आने से पहले ही ऐसा प्लान तैयार किया है, जिसका असर दिल्ली की सड़कों से लेकर पेट्रोल पंप, पार्किंग और कंस्ट्रक्शन साइट्स तक दिखेगा.
1 नवंबर से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसी गाड़ियों को राजधानी में प्रवेश नहीं मिलेगा, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करती हैं. इसके साथ ही पार्किंग शुल्क बढ़ाने, निर्माण कार्यों पर रोक लगाने, पेट्रोल पंपों पर जांच तेज करने और सरकारी-निजी दफ्तरों में 50 फीसदी स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम देने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे.
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली-NCR के प्रदूषण को लेकर हुई बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी दी. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने की. इसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और PWD मंत्री प्रवेश वर्मा भी शामिल हुए.
यह भी पढें: ₹25/ली पेट्रोल का खर्च! आ रही है धांसू Innova, अक्टूबर में लॉन्च
सरकार ने कहा है कि दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI मानकों को पूरा नहीं करने वाले वाहनों को 1 नवंबर से राजधानी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इस प्रतिबंध की जानकारी लोगों को पहले ही दी जाएगी, हालांकि इसे कब तक लागू रखा जाएगा, इसकी तारीख अभी नहीं बताई गई है. वहीं, BS-IV वाहनों से जुड़े एक अलग प्रतिबंध में CNG वाहनों को छूट दी जाएगी.
बदलेगा ऑफिस टाइम, पार्किंग होगी महंगी
प्रदूषण के साथ-साथ निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्पॉट्स पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा. हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों को इस बढ़ोतरी से छूट मिलेगी. उन पार्किंग स्पॉटस के रेट भी बढ़ जाएंगे जिनका संचालन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी DMRC करती है.
इस दौरान सरकारी दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया जाएगा. नगर निगम दिल्ली के कार्यालय सुबह 8.30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुले रहेंगे. इसके अलावा सरकारी और प्राइवेट ऑफिसेज में ऑन-साइट स्टाफ की संख्या 50 फीसदी तक कम की जाएगी और बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे. यानी उन्हें वर्क फ्रॉस होम देने की योजना है.
यह भी पढें: 1 अक्टूबर से बड़ा एक्शन! बिना इस कागज के कटेगा ₹10,000 का चालान
उतरेंगी 150 नई इलेक्ट्रिक बसें
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली के मौजूदा 5,088 इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में 150 और इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी. सरकार का टार्गेट अलग-अलग इलाकों को मेट्रो और बस स्टॉप से बेहतर तरीके से जोड़ना भी है, ताकि लोग प्राइवेट व्हीकल्स के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें और उन्हें इस दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
पेट्रोल पंप पर 'नो PUC, नो फ्यूल'
दिल्ली में 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम को भी सख्ती से लागू किया जाएगा. इसके लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों से लैस दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों पर जांच की जाएगी. अक्टूबर में इस नियम को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जबकि नवंबर में प्रदूषण जांच केंद्रों को अपग्रेड करने की योजना है. सरकार कैमरों की भी जांच करेगी और करीब 2.5 लाख वाहनों का फिटनेस टेस्ट तीन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों पर किया जाएगा.
सर्दियों में धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 10 दिसंबर तक डिमोलिशन और खुले में होने वाले कंस्ट्रक्शन वर्क पर रोक रहेगी. इसके बाद 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक कंस्ट्रक्शन के काम पर पूरी तरह रोक लगाने की योजना है. इसमें इनडोर कंस्ट्रक्शन वर्क भी शामिल होंगी. सरकार के मॉनिटरिंग सिस्टम में 723 कंस्ट्रक्शन साइट रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से 600 साइट पर वेब कैमरे लगाए जा चुके हैं. अक्टूबर के अंत तक सभी रजिस्टर्ड साइटों को कैमरा निगरानी के दायरे में लाने का टार्गेट है. नियमों के उल्लंघन का पता लगाने के लिए AI बेस्ड सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के लिए MCD Malba App पर रजिस्ट्रेशन भी जरूरी किया जाएगा.