हूतियों के हमलों से सऊदी अरब में बढ़ी टेंशन, 2027 तक टला बड़ा निवेश सम्मेलन

सऊदी अरब ने अपना प्रमुख निवेश सम्मेलन फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव 2027 तक टाल दिया है. यह सम्मेलन 26 से 29 अक्टूबर 2026 तक रियाद में होना था. हाल ही में हूती विद्रोहियों के हमलों और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच यह फैसला लिया गया है.

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सुरक्षा चिंताओं के बीच सऊदी अरब ने 'दावोस इन द डेजर्ट' सम्मेलन 2027 तक टाल दिया है. (File Photo-Reuters) सुरक्षा चिंताओं के बीच सऊदी अरब ने 'दावोस इन द डेजर्ट' सम्मेलन 2027 तक टाल दिया है. (File Photo-Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:07 AM IST

सऊदी अरब ने अपना प्रमुख निवेश सम्मेलन फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव (FII) अगले साल तक टाल दिया है. दरअसल, यह सम्मेलन 26 से 29 अक्टूबर 2026 तक राजधानी रियाद में होना था. लेकिन अब इसका आयोजन 2027 में किया जाएगा. आयोजकों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी है. नई तारीख का ऐलान जल्द किए जाने की बात कही गई है.

मालूम हो, यह फैसला ऐसे समय आया है, जब मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ रहा है. यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद सऊदी अरब में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है. सम्मेलन में दुनियाभर के बड़े निवेशकों, बैंकों के प्रमुखों और कारोबारियों के शामिल होने की उम्मीद थी.

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अरामको और एयरपोर्ट पर हमलों की हूतियों ने ली जिम्मेदारी

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल ठिकानों, एयरपोर्ट और सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरीया ने कहा है कि पिछले 48 घंटों में छह सैन्य अभियान चलाए गए. इनमें यानबू स्थित अरामको की एक साइट, शायबा तेल क्षेत्र, रियाद का किंग खालिद एयरपोर्ट और अभा एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया है.

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हूती प्रवक्ता ने कहा कि इन अभियानों में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि यानबू स्थित अरामको साइट पर हमले के बाद बड़े पैमाने पर आग लगी. शायबा तेल क्षेत्र को भी निशाना बनाया गया है. रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट पर तीन चरणों में हमला किया गया. अभा एयरपोर्ट, कुछ रडार ठिकानों और खमीस मुशैत एयरबेस को भी निशाना बनाया गया है.

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क्या है 'दावोस इन द डेजर्ट' सम्मेलन?

फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव यानी FII सऊदी अरब का प्रमुख सालाना निवेश सम्मेलन है. इसे अनौपचारिक रूप से 'दावोस इन द डेजर्ट' कहा जाता है. इसकी तुलना स्विट्जरलैंड में होने वाली विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक से की जाती है. यह सम्मेलन इस साल अपने 10वें संस्करण में इंटर करने वाला था. इसका मकसद सऊदी अरब में विदेशी निवेश बढ़ाना और देश की अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से बाहर निकालने की योजनाओं को आगे बढ़ाना है.

सऊदी अरब पर्यटन, खेल और तकनीक जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की योजना बना रहा है. इस सम्मेलन के जरिए देश दुनियाभर के निवेशकों और कंपनियों को अपनी योजनाओं से जोड़ने की कोशिश करता है.

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सऊदी अरब को हाल के हफ्तों में यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों का सामना करना पड़ा है. ईरान के साथ जुड़े माने जाने वाले हूती विद्रोहियों ने देश के सैन्य ठिकानों, ऊर्जा से जुड़े ढांचे और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया है. इन हमलों में सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको का मुख्यालय और रियाद का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी निशाने पर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महीने हमलों में तकरीबन 18 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग घायल हुए.

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इन घटनाओं से कारोबारी गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है. ऐसे में निवेश सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी अधिकारियों और कारोबारियों की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा बन गई.

इस सम्मेलन में Goldman Sachs के CEO डेविड सोलोमन, Standard Chartered के CEO बिल विंटर्स और Citi की CEO जेन फ्रेजर के शामिल होने की उम्मीद थी. ये नाम सम्मेलन के एक शुरुआती कार्यक्रम में शामिल थे. आयोजकों ने सम्मेलन को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कराने के ऑप्शन पर भी विचार किया था. ऐसा होने पर कारोबारी दूर से इसमें शामिल हो सकते थे.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ बड़े बैंकों और निजी इक्विटी कंपनियों ने सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड के गवर्नर यासिर अल-रुमय्यान के सामने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई कंपनियों के CEO पर सम्मेलन में शामिल होने का दबाव था. हालांकि, आयोजकों के आधिकारिक बयान में सम्मेलन टालने की वजह के तौर पर सीधे हूती हमलों का जिक्र नहीं किया गया.

'दावोस इन द डेजर्ट' सम्मेलन कैंसिल होने पर क्या बोले आयोजक

FII के आयोजकों ने कहा कि वे चाहते हैं कि सम्मेलन अपने पहले के आयोजनों की तरह बड़े पैमाने पर हो और उसमें शामिल होने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिले. आयोजकों के मुताबिक, यह सम्मेलन का 10वां संस्करण है. इसलिए वे चाहते हैं कि कार्यक्रम अपनी तय पहचान और गुणवत्ता के अनुरूप हो. उन्होंने कहा कि 2027 के आयोजन की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी.

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दरअसल, इस साल अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में कई कारोबारी और निवेश कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं. संयुक्त अरब अमीरात और कतर में भी कुछ सम्मेलन रद्द किए गए या उनकी तारीखों में बदलाव किया गया.

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सऊदी अरब का FII सम्मेलन देश के लिए विदेशी निवेश जुटाने का एक अहम मंच है. इसे टालने का फैसला ऐसे समय आया है, जब क्षेत्रीय संघर्ष के कारण निवेशकों और कारोबारियों के सामने सुरक्षा से जुड़े सवाल बढ़ गए हैं. अब आयोजन 2027 में होगा. नई तारीख घोषित होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सम्मेलन में शामिल होने वाले कारोबारी और निवेशक किस कार्यक्रम के तहत रियाद पहुंचेंगे.

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