उत्तर कोरिया ने एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है. दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, शनिवार को वॉनसन से दागी गई मिसाइल 700 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक गई. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सीमा पर लैंड माइन धमाकों में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हुए थे. तब से ही दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और हथियारों के परीक्षण का सिलसिला जारी है.
अमेरिकी पैसिफिक कमांड ने उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च पर साफ कहा है कि उसे इस घटना की जानकारी है और वह अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ इस पर चर्चा कर रहा है.
उनका कहना है कि शुरुआती आकलन के मुताबिक, इस मिसाइल लॉन्च से अमेरिकी कर्मियों, अमेरिकी क्षेत्र या उसके सयोगियों के लिए फिलहाल कोई खतरा नहीं है. अमेरिका ने अपने सहयोगियों और क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है.
वहीं, साउथ कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि मिसाइल नॉर्थ कोरिया के पूर्वी तटीय शहर वॉनसन से दागी गई और 700 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक गई. दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सेनाएं मिसाइल की पूरी जानकारी का विश्लेषण कर रही हैं.
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जापान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मिसाइल देश के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन (EEZ) के बाहर गिरी. दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ के मुताबिक, निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है.
सियोल के राष्ट्रपति कार्यालय के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग ने उत्तर कोरिया से बार-बार बैलिस्टिक मिसाइलें दागना बंद करने को कहा है. विभाग ने इसे संयुक्थ राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह एक गंभीर कदम है और इससे मौजूदा स्थिति को संभालने में कोई मदद नहीं मिलेगी.
यह मिसाइल लॉन्च उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग की उस चेतावनी के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने 21 सितंबर को लैंड माइन धमाकों को लेकर दक्षिण कोरिया के दावे को साजिश बताया था. उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरियाई सैनिक सीमा पर किलेबंदी का काम कर रहे हैं और अगर उन पर हमला हुआ तो जवाब दिया जाएगा.
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